भूपालपल्ली के कलेक्टर राहुल शर्मा ने काताराम मंडल का दौरा कर आंगनवाड़ी, स्कूल और राजस्व कार्यालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने पोषण, मिड-डे मील और जनसेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए।
भूपालपल्ली: तेलंगाना के जयशंकर भूपालपल्ली जिले में कलेक्टर राहुल शर्मा ने काताराम मंडल का व्यापक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न सरकारी कार्यालयों, कल्याणकारी संस्थानों और राजस्व सेवाओं की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जनसेवा सुधारने के निर्देश दिए। यह दौरा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया था।
आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण सेवाओं की समीक्षा
कलेक्टर ने अंकुशापुर गांव स्थित आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उनके स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति का मूल्यांकन किया। उन्होंने केंद्र में बच्चों को दिए जा रहे बालामृतम और अंडों की गुणवत्ता की जांच की तथा अधिकारियों को गर्भवती महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के लिए पोषण सेवाएं और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
स्कूल में मिड-डे मील और शिक्षा व्यवस्था का निरीक्षण
कलेक्टर राहुल शर्मा ने एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय का दौरा किया और वहां मिड-डे मील की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने छात्रों को दिए जाने वाले भोजन की स्वच्छता और पोषण स्तर पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्रों को प्रतिदिन स्वच्छ, पौष्टिक और संतुलित भोजन उपलब्ध कराया जाए ताकि बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों में सुधार हो सके।
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राजस्व कार्यालय में लंबित मामलों की समीक्षा
दौरे के दौरान कलेक्टर ने आरडीओ कार्यालय में राजस्व से जुड़े मामलों की समीक्षा की। इसमें भूमि विवाद, सदाबैनामा, भूमि भारती आवेदन और चिन्ना कालेश्वरम परियोजना से जुड़े मुद्दे शामिल थे। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का शीघ्र समाधान किया जाए और जनता को पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं प्रदान की जाएं।
सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
कलेक्टर राहुल शर्मा ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की देरी या अनियमितता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जनता को सरल, तेज और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है।
जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभाव का आकलन
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कल्याणकारी योजनाएं वास्तव में लाभार्थियों तक पहुंच रही हैं या नहीं। कलेक्टर ने विभिन्न स्थानों पर जाकर सीधे लाभार्थियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से फील्ड विजिट करें और योजनाओं की प्रगति की निगरानी करें।
प्रशासनिक सुधार की दिशा में कदम
कलेक्टर का यह दौरा जिले में प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे सरकारी विभागों में जवाबदेही बढ़ेगी और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। स्थानीय प्रशासन को उम्मीद है कि इस तरह के निरीक्षण से योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और जनता का भरोसा बढ़ेगा।








