बिहार: राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक रामनवमी से पहले बिहार में भाजपा के नेतृत्व में नई सरकार बनने की चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में यह भी कहा जा रहा है कि सरकार बनने की स्थिति में JDU के दो डिप्टी मुख्यमंत्री सहित करीब 32 मंत्री शपथ ले सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार भाजपा और जेडीयू के बीच संभावित सत्ता समीकरण को लेकर कई दौर की चर्चाएं हो चुकी हैं। हालांकि अभी तक औपचारिक रूप से किसी भी दल की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं।
बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल के गठन को लेकर प्रारंभिक रूपरेखा भी तैयार की जा रही है। संभावित सूची में भाजपा और जेडीयू के अलावा सहयोगी दलों के नेताओं को भी शामिल किए जाने की चर्चा है, ताकि गठबंधन संतुलन बना रहे।
हालांकि सरकार गठन को लेकर अभी स्पीकर पद और गृह मंत्रालय को लेकर दोनों दलों के बीच सहमति नहीं बन पाई है। यही वजह है कि अंतिम फैसला फिलहाल अटका हुआ बताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि इन दोनों अहम पदों को लेकर बातचीत जारी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह समीकरण बनता है तो बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इससे राज्य की सत्ता और राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक संभावित सरकार में जेडीयू के दो नेताओं को डिप्टी मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, जबकि मंत्रिमंडल में कुल करीब 32 मंत्री शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की जा सकती है।
इधर राजनीतिक दलों के बीच जारी चर्चाओं को लेकर विपक्षी दल भी नजर बनाए हुए हैं। विपक्ष का कहना है कि राज्य में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की जा रही है, जबकि सत्तारूढ़ दलों के नेता इन चर्चाओं पर फिलहाल खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
फिलहाल बिहार की राजनीति में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में राजनीतिक घटनाक्रम किस दिशा में आगे बढ़ता है और क्या सचमुच रामनवमी से पहले राज्य में नई सरकार का गठन होता है या नहीं।











