कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा तेज, डीके शिवकुमार ने कहा- 'समय ही करेगा फैसला'

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा तेज, डीके शिवकुमार ने कहा- 'समय ही करेगा फैसला'

Karnataka में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर जारी अटकलों के बीच राज्य की राजनीति फिर चर्चा में है। इसी बीच उपमुख्यमंत्री D. K. Shivakumar ने साफ कहा है कि सरकार में किसी तरह की ‘क्रांति’ या तत्काल नेतृत्व परिवर्तन की संभावना नहीं है और मुख्यमंत्री का मुद्दा समय ही तय करेगा।

बेंगलुरु: दक्षिण भारत के प्रमुख राज्य कर्नाटक की राजनीति इन दिनों नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं को लेकर सुर्खियों में है। पिछले कई महीनों से यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सरकार के भीतर नेतृत्व में बदलाव हो सकता है। हालांकि इस मुद्दे पर अब राज्य के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने स्पष्ट प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई भी फैसला “समय ही तय करेगा।”

यह बयान ऐसे समय आया है जब कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया 6 मार्च को राज्य विधानसभा में अपना रिकॉर्ड 17वां बजट पेश करने जा रहे हैं। बजट सत्र से पहले राजनीतिक हलकों में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं, जिस पर डीके शिवकुमार ने खुलकर अपनी राय रखी।

नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर क्या बोले डीके शिवकुमार

डीके शिवकुमार, जो कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री होने के साथ-साथ राज्य कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष भी हैं, ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने कभी भी सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई दावा नहीं किया है। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री पद से जुड़ी कोई भी चर्चा केवल उनके, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के बीच का विषय है। 

उन्होंने साफ किया कि अगर मुख्यमंत्री का पद खाली होगा, तभी किसी नए नेता को उस पद के लिए चुना जा सकता है। उन्होंने कहा, मैंने कभी नहीं कहा कि मुख्यमंत्री पद खाली होना चाहिए। यह विषय समय और परिस्थितियां तय करेंगी।

बजट सत्र के बाद हो सकता है बदलाव?

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, कर्नाटक में चल रहे बजट सत्र के बाद नेतृत्व परिवर्तन की संभावना पर चर्चा हो रही है। राज्य विधानमंडल का बजट सत्र 27 मार्च तक चलने वाला है। हालांकि, डीके शिवकुमार ने इन अटकलों को ज्यादा महत्व नहीं दिया और कहा कि वह पार्टी के अनुशासन में विश्वास रखते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य कभी भी पार्टी को नुकसान पहुंचाना या दबाव बनाना नहीं रहा है।

उनके मुताबिक, मैं कांग्रेस को ब्लैकमेल करने या उसे कमजोर करने वालों में से नहीं हूं। मेरी लड़ाई कभी भी पार्टी के अंदर नहीं रही। पिछले दिनों कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि डीके शिवकुमार के समर्थक विधायकों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए राज्य की खुफिया एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि उपमुख्यमंत्री ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा कि इस मामले पर मुख्यमंत्री और राज्य के गृह मंत्री पहले ही स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। उनके अनुसार, ऐसी बातें केवल राजनीतिक अफवाहों का हिस्सा हैं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी पहले इन आरोपों को नकारते हुए कहा था कि विपक्षी दल कांग्रेस सरकार के भीतर मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने अपने और डीके शिवकुमार के रिश्ते को “दूध और शहद जैसा” बताया था।

“मैं एक स्ट्रीट फाइटर हूं”: डीके शिवकुमार

मीडिया से बातचीत के दौरान डीके शिवकुमार ने खुद को “स्ट्रीट फाइटर” बताते हुए कहा कि वह सत्ता के लिए लड़ाई करने वाले नेता नहीं हैं। उनका कहना था कि उन्होंने हमेशा संगठन और पार्टी को मजबूत करने पर ध्यान दिया है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि वह 10 मार्च को एक डिनर मीट आयोजित करने जा रहे हैं। यह कार्यक्रम कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति (KPCC) के अध्यक्ष के रूप में उनके छह साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जाएगा।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि अब पार्टी में नए चेहरों और नए विचारों को आगे लाने का समय आ गया है। उनके मुताबिक, संगठन में नई ऊर्जा लाने के लिए युवा नेतृत्व को अवसर देना जरूरी है।

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