बिहार में किसानों के लिए नया प्लान, एग्रीस्टैक से जमीन विवाद सुलझाने और आय बढ़ाने पर जोर

बिहार में किसानों की आय बढ़ाने के लिए एग्रीस्टैक से डिजिटल भूमि रिकॉर्ड, मिट्टी स्वास्थ्य, नकली खाद पर कार्रवाई और बाजार से जोड़ने पर जोर है।

गया में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादन सुधारने और पारदर्शिता बढ़ाने की योजनाओं की जानकारी दी। एग्रीस्टैक, मिट्टी स्वास्थ्य, नकली खाद पर कार्रवाई और किसानों को बाजार से जोड़ने पर जोर दिया गया।

गया: कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किसानों की आय और कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ खेती को अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने एग्रीस्टैक के जरिए भूमि संबंधी डिजिटल रिकॉर्ड और विवादों के समाधान, मिट्टी स्वास्थ्य अभियान, नकली खाद पर कार्रवाई तथा किसानों को उनकी उपज के बेहतर मूल्य के लिए बाजार से जोड़ने की योजनाओं की जानकारी दी।

किसानों की आय बढ़ाने और कृषि व्यवस्था में पारदर्शिता पर जोर

गया में कृषि मंत्री सह जिले के प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आय में वृद्धि पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कृषि योजनाओं का लाभ किसानों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने और व्यवस्था में पारदर्शिता लाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मंत्री ने बताया कि एग्रीस्टैक के माध्यम से किसानों की जमीन और कृषि से संबंधित विवरण का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे भूमि विवादों के समाधान में तेजी आने और कृषि योजनाओं को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। किसानों की समस्याओं को सीधे सुनने के लिए कृषि जन संवाद के माध्यम से आमने-सामने बातचीत की व्यवस्था पर भी जोर दिया जा रहा है।

मिट्टी स्वास्थ्य और नकली खाद पर कार्रवाई

विजय सिन्हा ने कहा कि खेतों की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए मिट्टी स्वास्थ्य अभियान को गति दी जाएगी। रासायनिक खाद और कीटनाशकों के अनावश्यक इस्तेमाल को कम करने के लिए किसानों को जागरूक किया जाएगा। परंपरागत कृषि विकास योजना को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई है।

उन्होंने कहा कि ‘खेत बचाओ अभियान’ के जरिए किसानों को मिट्टी की सेहत को लेकर जागरूक किया जाएगा। खाद की बिक्री और उपलब्धता पर जिलाधिकारी के नेतृत्व में लगातार निगरानी की जा रही है। किसी थोक या खुदरा विक्रेता द्वारा नकली खाद बेचने की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। ऐसी जानकारी देने वाले व्यक्ति को सम्मानित करने की भी बात कही गई है।

बीज वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी और जिला कृषि पदाधिकारी को क्षेत्र की जरूरत के अनुसार किसानों को बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

किसानों को बाजार से जोड़ने पर फोकस

कृषि मंत्री ने कहा कि सिर्फ उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि किसानों को बाजार से जोड़ना भी जरूरी है। इससे उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी। कृषि विज्ञानियों को खेतों तक पहुंचाकर किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी देने पर भी विभाग काम कर रहा है।

धान की खेती को बेहतर बनाने, वैकल्पिक बीजों को बढ़ावा देने और कृषि श्रमिकों के उत्थान को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई। सिंचाई व्यवस्था को लेकर भी विभाग को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य कृषि योजनाओं को कागजों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू करना है।

शिकायतों पर 24 घंटे में कार्रवाई का दावा

विजय सिन्हा ने कहा कि कृषि विभाग से जुड़ी शिकायतों के लिए नंबर जारी किया गया है। किसी अधिकारी या कर्मचारी के स्तर पर गड़बड़ी की जानकारी मिलने पर तत्काल सूचना देने की अपील की गई है। मंत्री ने दावा किया कि शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर छापेमारी भी कराई जाएगी।

उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए आमने-सामने सुनवाई की कार्यशैली अपनाई जाएगी। जनता के प्रति गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाने वाले अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

पितृपक्ष और कॉरिडोर योजनाओं पर भी चर्चा

कृषि मंत्री ने पितृपक्ष मेला की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी के साथ चर्चा की। उन्होंने बताया कि तीन सितंबर को होने वाली बीस सूत्री की बैठक में मेले की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की जाएगी।

इसके अलावा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, विष्णुपद कॉरिडोर और बोधगया कॉरिडोर से जुड़े विकास कार्यों पर भी आगे चर्चा होगी। क्षेत्र के विकास के लिए बुद्धिजीवियों, प्रबुद्ध नागरिकों और आम लोगों से सुझाव लेने की बात कही गई।

विजय सिन्हा ने कहा कि बिहार को विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ सरकार काम कर रही है। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को अनुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना के साथ काम करना होगा। सरकार का उद्देश्य किसानों समेत समाज के सभी वर्गों का समग्र विकास सुनिश्चित करना है।

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