आरा की अपूर्वा वर्मा ने 9 साल की टीचिंग के बाद डिप्रेशन से उबरकर मिसेज इंडिया 2026 का खिताब जीता। मां बनने के बाद करियर रुका, लेकिन परिवार के सहयोग से उन्होंने नई पहचान बनाई।
भोजपुर: बिहार के आरा शहर की रहने वाली 30 वर्षीय डॉ. अपूर्वा वर्मा ने मिसेज इंडिया 2026 का खिताब जीतकर न सिर्फ अपने राज्य बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता गुजरात के अहमदाबाद में 11 अप्रैल को आयोजित हुई, जहां देशभर से आई 22 प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए अपूर्वा ने यह उपलब्धि हासिल की।
उनकी सफलता केवल एक ब्यूटी पेजेंट जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी है जिसमें मातृत्व, मानसिक संघर्ष, करियर ब्रेक और आत्मविश्वास की नई शुरुआत शामिल है।
मातृत्व के बाद करियर ठहरने का एहसास
डॉ. अपूर्वा वर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि 2023 में मां बनने के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। उन्होंने कहा कि उस समय उनकी पहली प्राथमिकता उनकी बेटी थी, जिसके कारण उन्होंने अपने करियर को पीछे छोड़ दिया।
हालांकि, बेटी के साथ समय बिताना उन्हें खुशी देता था, लेकिन धीरे-धीरे करियर को लेकर उनके मन में असमंजस और निराशा बढ़ने लगी। इसी वजह से वे मानसिक दबाव और डिप्रेशन की स्थिति में चली गईं।
यह स्थिति कई कामकाजी महिलाओं के लिए सामान्य है, जहां मातृत्व और करियर के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
परिवार का समर्थन बना टर्निंग पॉइंट
अपूर्वा के जीवन में सबसे बड़ा बदलाव तब आया, जब उनके पति और परिवार ने उन्हें दोबारा अपने सपनों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि उनके पति ने ही उन्हें मिसेज बिहार प्रतियोगिता के बारे में जानकारी दी और उनका रजिस्ट्रेशन भी करवाया।
शुरुआत में वह मानसिक रूप से तैयार नहीं थीं, लेकिन परिवार के लगातार समर्थन ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। यही सपोर्ट उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
टीचिंग से मॉडलिंग तक का सफर
डॉ. अपूर्वा वर्मा का करियर पहले शिक्षा क्षेत्र में रहा है। उन्होंने करीब 9 वर्षों तक एक स्कूल में इंग्लिश टीचर के रूप में काम किया। उन्होंने साइकोलॉजी में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन किया है और वह गोल्ड मेडलिस्ट भी रही हैं।
इसके अलावा उन्होंने बीएड और CTET भी पास किया, जो उनके शैक्षणिक समर्पण को दर्शाता है।
दिसंबर 2022 में बेटी के जन्म के बाद उन्होंने कुछ समय के लिए नौकरी छोड़ दी। अगस्त 2024 में उन्होंने फिर से काम शुरू किया, लेकिन मार्च 2025 में उन्होंने नौकरी छोड़कर अपने नए करियर विकल्पों पर ध्यान देना शुरू किया।
मिसेज बिहार से मिसेज इंडिया तक का सफर
मॉडलिंग की दुनिया में उनका पहला कदम मिसेज बिहार प्रतियोगिता से शुरू हुआ। उन्होंने मई 2025 में ऑडिशन दिया और जून 2025 में आयोजित फाइनल में मिसेज बिहार का खिताब जीत लिया।
इसके बाद उन्होंने मिसेज इंडिया प्रतियोगिता में भाग लिया। अहमदाबाद में आयोजित इस प्रतियोगिता में उन्होंने इंट्रोडक्शन, टैलेंट, ट्रेडिशनल और गाउन राउंड में शानदार प्रदर्शन किया।
फाइनल राउंड में उनसे सोशल मीडिया के प्रभाव पर सवाल पूछा गया, जिसका उन्होंने संतुलित जवाब दिया। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के फायदे और नुकसान दोनों हैं, खासकर बच्चों पर इसका प्रभाव ज्यादा पड़ता है।
उनकी स्पष्ट सोच और आत्मविश्वास ने उन्हें विजेता बना दिया।
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शैक्षणिक और साहित्यिक उपलब्धियां
डॉ. अपूर्वा वर्मा सिर्फ एक मॉडल ही नहीं, बल्कि एक शिक्षाविद और लेखिका भी हैं। उन्होंने हाल ही में वीर कुंवर सिंह यूनिवर्सिटी, आरा से पीएचडी की डिग्री हासिल की है।
उनकी लिखी पुस्तक ‘The Weight of Emotions’ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 30 से अधिक भाषाओं—जैसे फ्रेंच, जर्मन और डच—में प्रकाशित हो चुकी है।
इसके अलावा उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कार भी मिल चुके हैं, जिनमें:
- एपीजे अब्दुल कलाम अवार्ड (साहित्यिक कार्य)
- वुमेन आइकन अवार्ड 2025
- इंटरनेशनल अवार्ड फॉर लिटरेसी एंड रिसर्च
- 21वीं सदी का एमिली डिकिंसन अवार्ड
- परिवार और जड़ों से जुड़ाव
अपूर्वा का जन्म और शिक्षा आरा में ही हुई है। उनके पिता विजय लाल एक व्यवसायी हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। उनके पति अरुंजय वर्मा भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पटना मुख्यालय में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं।
शादी के बाद वे कुछ समय तक बेंगलुरु में रहीं और बाद में पटना शिफ्ट हो गईं। उनके परिवार का निरंतर समर्थन उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।
भविष्य की योजनाएं और एक्टिंग करियर
मिसेज इंडिया बनने के बाद अपूर्वा को वेब सीरीज और अन्य प्रोजेक्ट्स में अभिनय के कई ऑफर मिल रहे हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वह ऐसे रोल नहीं करना चाहतीं, जो उनके व्यक्तिगत और सामाजिक मूल्यों के खिलाफ हों।
उन्होंने कहा कि वह अपने करियर की शुरुआत में ही किसी भी प्रकार के विवादित या वल्गर कंटेंट से दूर रहना चाहती हैं। अगर उन्हें साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री या अन्य अच्छे प्लेटफॉर्म से उपयुक्त अवसर मिलता है, तो वह जरूर काम करेंगी।









