बिहार में नई सरकार के गठन का फॉर्मूला तैयार कर लिया गया है। फॉर्मूले के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 8 या 9 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद और विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देंगे।
पटना: बिहार में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के इस्तीफे के बाद नई सरकार के गठन का फॉर्मूला तय हो गया है। इस बदलाव के केंद्र में नीतीश कुमार के बेटे Nishant Kumar का नाम है, जो जल्द ही बिहार के उप मुख्यमंत्री बनने वाले हैं। निशांत कुमार ने 11 मार्च को JD(U) office में पहुंचकर पार्टी के युवा विधायकों, वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।
इस दौरान बिहार के कई जिलों से आए जदयू के पदाधिकारियों ने उन्हें पार्टी में सक्रिय और मजबूत भूमिका निभाने के लिए समर्थन दिया। कार्यकर्ताओं ने उनके समर्थन में जोरदार नारेबाजी की।
नई सरकार का गठन और समय सीमा
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 8 या 9 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद और विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देंगे। इसके तुरंत बाद नई सरकार का गठन कर दिया जाएगा। जदयू को इस नई व्यवस्था में दो डिप्टी सीएम के पद दिए जाएंगे और भाजपा को 15 मंत्री पद मिलेंगे। पहले की तरह गृह विभाग और विधानसभा अध्यक्ष का पद भाजपा के पास ही रहेगा।
इस बदलाव के साथ जदयू पहली बार बिहार में आधिकारिक रूप से भाजपा के छोटे भाई की भूमिका में होगी। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि निशांत कुमार का डिप्टी सीएम बनना तय है और वे अपने पिता नीतीश की विधान परिषद की सीट पर उपचुनाव लड़ेंगे। इसके अलावा योजना के अनुसार उन्हें जल्द ही जदयू का अध्यक्ष बनाने पर भी विचार चल रहा है।
वर्तमान में जदयू के पास दो डिप्टी सीएम पद होंगे, जबकि लोजपा (आर) को दो और आरएलएम और हम को 1-1 मंत्री पद दिए जाएंगे। विभागों के बंटवारे पर राजग को नए सिरे से चर्चा करनी होगी, हालांकि विधानसभा अध्यक्ष और गृह विभाग पहले की तरह भाजपा के पास रहेंगे।

मुख्यमंत्री पद पर सस्पेंस
मुख्यमंत्री पद के लिए अभी तक औपचारिक तौर पर कोई बातचीत नहीं हुई है, लेकिन जदयू के वरिष्ठ नेता ने बताया कि भाजपा नेतृत्व ने नीतीश कुमार को नए मुख्यमंत्री चयन में अपनी पसंद का ख्याल रखने का आश्वासन दिया है। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, नई सरकार में पहला चुनौती लव-कुश समीकरण (कुर्मी और कुशवाहा जाति) को बनाए रखना होगा। निशांत कुमार कुर्मी बिरादरी से हैं, इसलिए उप मुख्यमंत्री बनने में कोई संदेह नहीं है।
इसके चलते वर्तमान डिप्टी सीएम Samrat Chaudhary नए मुख्यमंत्री बनने की संभावनाओं में शामिल हो सकते हैं। सम्राट चौधरी की नीतीश कुमार से नजदीकी और राजनीतिक अनुभव इस संभावना को मजबूत बनाता है।










