बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। राजधानी पटना के गांधी मैदान में होने वाले नए मंत्रिमंडल विस्तार और शपथ ग्रहण समारोह से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
पटना: Bihar में आज मुख्यमंत्री Samrat Choudhary के मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा रहा है, जिसमें केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah भी शामिल होने के लिए पटना पहुंच रहे हैं। यह समारोह गुरुवार दोपहर 12 बजे Gandhi Maidan में होगा। इस बीच विपक्षी दल Rashtriya Janata Dal की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री Lalu Prasad Yadav की बेटी Rohini Acharya ने पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar पर निशाना साधा है।
रोहिणी आचार्य ने अपने एक्स हैंडल पर एक कार्टून साझा करते हुए इस शपथ ग्रहण को नीतीश कुमार के “राजनीतिक अवसान का अंतिम अनुष्ठान” बताया। साथ ही उन्होंने परिवारवाद को लेकर विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देते हुए अपने बेटे को राजनीति में आगे लाने पर उठ रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी।
रोहिणी आचार्य का विवादित पोस्ट
रोहिणी आचार्य ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर एक कार्टून साझा करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने इस शपथ ग्रहण समारोह को “राजनीतिक अवसान का अंतिम अनुष्ठान” बताया। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि गांधी मैदान में होने वाला यह कार्यक्रम वास्तव में एक “राजनीतिक क्रिया-कर्म” जैसा है, जिसमें नए मंत्रिमंडल के विस्तार की औपचारिकता निभाई जा रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतों ने नीतीश कुमार को “राजनीतिक रूप से कमजोर स्थिति” में पहुंचा दिया है। रोहिणी आचार्य ने आगे लिखा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन लोगों ने वर्षों तक परिवारवाद के खिलाफ बयान दिए, वही अब अपने करीबी को राजनीतिक रूप से आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में शामिल हैं।

गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह
पटना के गांधी मैदान में आज दोपहर 12 बजे नए मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया है। यह कार्यक्रम बिहार की नई राजनीतिक संरचना के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इस समारोह में कई बड़े राजनीतिक चेहरे शामिल होंगे, जिनमें केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और शीर्ष नेतृत्व के नेता मौजूद रहेंगे। बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन से जुड़े नेता भी इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पटना पहुंच रहे हैं।
बिहार की राजनीति पिछले कुछ समय से लगातार बदलते समीकरणों के दौर से गुजर रही है। सत्ता और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने राजनीतिक संदेश मजबूत करने की कोशिश में लगे हुए हैं। इस नए मंत्रिमंडल विस्तार को राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जहां विभिन्न दल अपने-अपने प्रभाव को मजबूत करने की रणनीति अपना रहे हैं।











