Bihar Politics: LJP(RV) से तीन नए मंत्री बनने की चर्चा तेज, रेस में इन नेताओं के नाम आगे

NDA सरकार गठन से पहले बिहार में LJP(RV) के तीन विधायकों के मंत्री बनने की चर्चा तेज। राजू तिवारी, संजय पासवान और संजय सिंह रेस में आगे। 20 नवंबर के शपथ ग्रहण

बिहार में नई NDA सरकार के गठन से पहले LJP(RV) के तीन विधायकों के मंत्री बनने की चर्चा तेज हो गई है। राजू तिवारी, संजय पासवान और संजय सिंह को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। 20 नवंबर के शपथ ग्रहण से हलचल और बढ़ी है।

Bihar Politics: बिहार में नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो चुकी है। NDA की ऐतिहासिक जीत के बाद गठबंधन में शामिल सभी दल अपने प्रतिनिधित्व और संभावित मंत्रियों को लेकर सक्रिय हो गए हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) यानी LJP(RV) इस बार मजबूत संख्या बल के साथ विधानसभा में पहुंची है और पार्टी के भीतर से संकेत मिल रहे हैं कि नीतीश कुमार के नए मंत्रिमंडल में LJP(RV) के तीन विधायक मंत्री पद पा सकते हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ओर से यह जानकारी सामने आ रही है।

NDA की जीत के बाद सरकार गठन की तैयारियां तेज

2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में NDA ने 243 में से 202 सीटें जीतकर प्रचंड जीत दर्ज की। इसी जीत के बाद आज यानी सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कैबिनेट की बैठक कर मंत्रिमंडल भंग करेंगे और राज्यपाल को इस्तीफा सौंपेंगे। इसके तुरंत बाद नई सरकार बनाने का दावा प्रस्तुत किया जाएगा।

यह तय है कि नीतीश कुमार के अगले मंत्रिमंडल में नई राजनीतिक स्थिति के अनुसार कई नए चेहरे देखने को मिलेंगे। इसी कारण सभी दलों में मंत्रियों की संभावित सूची को लेकर चर्चा तेज है।

LJP(RV) के 19 विधायकों ने बढ़ाई पार्टी की ताकत

चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) इस चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 19 सीटें जीतकर NDA के भीतर अपने प्रभाव को काफी बढ़ा चुकी है। यह संख्या पार्टी के लिए न सिर्फ राजनीतिक ताकत का प्रतीक है बल्कि सरकार गठन के समय अधिक हिस्सा पाने की संभावना को भी मजबूत करती है।

इस बार LJP(RV) और RLM जैसे दोनों नए NDA सहयोगियों के विधायक बड़ी संख्या में जीते हैं, इसलिए मंत्रिपरिषद में इन दोनों दलों के लिए सीटें सुनिश्चित किए जाने की संभावना है।

तीन संभावित मंत्रियों की सूची में सबसे आगे राजू तिवारी

LJP(RV) के वरिष्ठ नेता की ओर से मिली जानकारी के अनुसार पार्टी के 19 विधायकों में से तीन को मंत्री बनाया जा सकता है। इस संभावित सूची में तीन नाम स्पष्ट रूप से चर्चा में हैं।

1. राजू तिवारी

राजू तिवारी को संभावित मंत्रियों की सूची में सबसे ऊपर माना जा रहा है। वह पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं और इस बार गोविंदगंज विधानसभा सीट से विजयी हुए हैं। उनका संगठनात्मक अनुभव और चिराग पासवान के साथ निकटता उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाती है।

2. संजय पासवान

दूसरा नाम संजय पासवान का है। वह पार्टी के प्रधान महासचिव हैं और बखरी विधानसभा सीट से जीतकर आए हैं। उन्हें पार्टी की रणनीति और राजनीतिक फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नेताओं में ऐसे माना जाता है जिनकी मौजूदगी मंत्रिमंडल में पार्टी की ताकत को और मजबूत कर सकती है।

3. संजय सिंह

तीसरा नाम महुआ विधानसभा सीट से विजयी संजय सिंह का है। चुनाव में उनकी जीत को पार्टी के लिए अहम माना गया और उन्हें मंत्री पद की संभावित सूची में शामिल किया जा रहा है।

नीतीश मंत्रिमंडल में ‘छह विधायक पर एक मंत्री’ का फॉर्मूला

बिहार सरकार के लिए बनाए जा रहे नए मंत्रिमंडल में ‘छह विधायक पर एक मंत्री’ का फॉर्मूला लागू किए जाने की चर्चा है। इस फॉर्मूला के आधार पर LJP(RV) के 19 विधायकों के लिए तीन मंत्री पद का कोटा बनता है। कुल मिलाकर बिहार में मुख्यमंत्री समेत 36 मंत्रियों का प्रावधान है।

पहले के मंत्रिमंडल में भाजपा के ज्यादा मंत्री थे। लेकिन इस चुनाव में LJP(RV) की बड़ी जीत और NDA में उसके बढ़े हुए प्रभाव को देखते हुए माना जा रहा है कि पार्टी को मजबूत प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।

नए मंत्रिमंडल में सीटों के बंटवारे पर तेज राजनीतिक चर्चा

हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि शपथ ग्रहण समारोह में किन दलों से कितने मंत्री शामिल होंगे। लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि LJP(RV) से कम से कम एक से दो नेताओं को पहली सूची में ही मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है।

साथ ही यह भी चर्चा है कि इस बार भाजपा के दो डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं। इससे यह साफ दिखता है कि NDA अपने व्यापक जनादेश को ध्यान में रखते हुए सत्ता में संतुलन और प्रभावी प्रतिनिधित्व की नीति पर काम कर रहा है।

NDA के भीतर बढ़ रही सलाह–सहमति की प्रक्रिया

NDA की बड़ी जीत के बाद भाजपा, जदयू, लोजपा(रामविलास), RLM और HAM जैसे सभी दलों में यह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि सरकार गठन को लेकर लगातार आंतरिक बैठकों और रणनीतिक चर्चाओं का दौर जारी है। सभी घटक दल अपने-अपने दावों को मजबूती के साथ रख रहे हैं, लेकिन नेतृत्व के स्तर पर संतुलन और सहयोग बनाए रखने की कोशिश भी दिख रही है।

नई सरकार से जनता की बड़ी उम्मीदें

NDA की जीत के बाद बिहार की जनता की उम्मीदें भी बढ़ी हैं। शासन में बदलाव, रोजगार, शिक्षा, सड़क निर्माण, law-and-order यानी कानून व्यवस्था और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर लोग नई सरकार से ठोस कदमों की उम्मीद कर रहे हैं। इसीलिए मंत्रिमंडल का गठन और उसमें शामिल नेताओं का चयन काफी मायने रखता है।

LJP(RV) इस चुनाव में भाजपा के बाद NDA की दूसरी सबसे मजबूत पार्टी बनकर उभरी है। पार्टी के 19 विधायक न सिर्फ गठबंधन की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हैं बल्कि चुनावी रणनीति बनाने में भी उनकी निर्णायक भूमिका रही है। चिराग पासवान की राज्यभर में बढ़ती लोकप्रियता और उनके चुनावी प्रबंधन को देखते हुए NDA के अन्य दल भी मानते हैं कि LJP(RV) को मंत्रिमंडल में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

शपथ ग्रहण समारोह का इंतज़ार

सभी राजनीतिक चर्चाओं और अटकलों के बीच अब नजरें 20 नवंबर को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हुई हैं। उम्मीद है कि समारोह से ठीक पहले या समारोह के दौरान नए मंत्रियों की सूची सामने आ जाएगी। बिहार की राजनीति में यह दिन कई नए बदलावों और निर्णयों का साक्षी बनेगा।

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