बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र का शुक्रवार को आखिरी दिन था और तेजस्वी यादव के सदन से गायब रहने को लेकर खूब राजनीति चल रही है। एनडीए के नेता इस मामले में हमला करने में लगे हुए हैं।
पटना: बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी को लेकर राज्य की सियासत गरमा गई। सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन के नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर तीखा हमला बोला, जबकि आरजेडी ने इसे निजी यात्रा बताते हुए स्पष्ट जवाब दिया है। इस बयानबाजी से बिहार की राजनीति में एक बार फिर सरकार बनाम विपक्ष का माहौल बन गया है।
शुक्रवार, 5 दिसंबर 2025, को सदन के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए जनता दल यूनाइटेड (JDU) के विधायक दुलारचंद गोस्वामी ने तेजस्वी यादव के कथित यूरोप दौरे पर तंज कसते हुए कहा, तेजस्वी यादव विदेश जाएं या बंगाल की खाड़ी जाएं, इससे हमें क्या फर्क पड़ता है? उनका बिहार की जनता से कोई सरोकार कभी रहा ही नहीं। उन्होंने आगे कहा कि बिहार की जनता पहले ही ऐसे नेताओं को “सबक सिखा चुकी है” और सरकार अपने विकास कार्यों में पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
अनुपूरक बजट पर भी छिड़ी तकरार
सदन में पेश किए गए द्वितीय अनुपूरक बजट को लेकर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। आरजेडी की ओर से बजट पर आपत्ति जताए जाने पर दुलारचंद गोस्वामी ने कहा, जब खर्च हो रहा है तो बजट लाना जरूरी है। बिहार सरकार अपने संसाधनों से काम कर रही है और केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। उनका कहना था कि विपक्ष बिना ठोस आधार के हर मुद्दे पर विरोध कर रहा है और विकास कार्यों में बाधा डालने की कोशिश कर रहा है।
तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति पर RJD का पलटवार
तेजस्वी यादव की विधानसभा में गैरहाजिरी को लेकर हो रहे हमलों पर आरजेडी ने सख्त आपत्ति जताई। आरजेडी विधायक रणविजय साहू ने कहा,
'नेता प्रतिपक्ष सदन में मौजूद नहीं हैं तो क्या हुआ? महागठबंधन के सभी विधायक पूरी मजबूती से सदन में सरकार को आईना दिखा रहे हैं। सत्ता पक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए निजी यात्रा को मुद्दा बनाया जा रहा है।'
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर तर्कों के साथ सरकार को घेर रहा है और जनता से जुड़े सवालों को मजबूती से उठा रहा है।
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“निजी यात्रा को राजनीति का मुद्दा बनाया जा रहा” - आरजेडी
आरजेडी के वरिष्ठ विधायक आलोक मेहता ने इस पूरे विवाद को अनावश्यक बताया। उन्होंने कहा,
'कोई भी विधायक या नेता अपने निजी कार्य से बाहर जा सकता है। यह न तो नियम का उल्लंघन है और न ही असंसदीय आचरण। सरकार इस तरह के सवाल खड़े करके असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है।'
उनका कहना था कि बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अहम मुद्दों पर बहस से बचने के लिए विपक्ष पर निजी हमले किए जा रहे हैं।
पहले भी हो चुके हैं तीखे हमले
तेजस्वी यादव के विदेश दौरे को लेकर यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले जेडीयू के विधान परिषद सदस्य और प्रवक्ता नीरज कुमार समेत कई एनडीए नेताओं ने भी उन पर सवाल उठाए थे। नीरज कुमार ने कहा था कि एक तरफ तेजस्वी यादव के पिता की तबीयत खराब है और दूसरी तरफ वह परिवार के साथ विदेश भ्रमण पर हैं।
एनडीए नेताओं का आरोप है कि तेजस्वी यादव विधानसभा सत्र की गंभीरता को नजरअंदाज कर रहे हैं, जबकि विपक्ष का कहना है कि यह पूरी तरह निजी मामला है और इसे राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।









