बिपाशा बसु ने बेटी देवी के जन्म के बाद वजन और शरीर को लेकर हुई ट्रोलिंग पर बात की। उन्होंने कहा कि महिलाओं से बच्चे के जन्म के बाद भी 20 साल जैसी बॉडी की उम्मीद करना गलत है और स्वस्थ रहना ज्यादा जरूरी है।
बॉलीवुड: अभिनेत्री बिपाशा बसु ने गर्भावस्था और बेटी के जन्म के बाद अपने शरीर में आए बदलावों को लेकर हुई ट्रोलिंग पर खुलकर बात की है। अभिनेत्री ने कहा कि महिलाओं से समाज की अपेक्षाएं अक्सर अवास्तविक होती हैं। बच्चे को जन्म देने के बाद भी उनसे कम उम्र जैसा शरीर बनाए रखने की उम्मीद की जाती है, जबकि हर महिला का शरीर और उसकी परिस्थितियां अलग होती हैं। बिपाशा ने एक हालिया बातचीत में कहा कि महिलाओं के शरीर को लेकर आज भी सोच काफी अजीब है। उनके मुताबिक, समाज ऐसा मानता है कि बच्चे को जन्म देने के बाद भी 40 साल की उम्र में महिला को 20 साल की उम्र जैसी बॉडी में वापस आ जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई महिला जल्दी अपने पुराने शरीर के आकार में वापस नहीं आती, तो उसे ट्रोलिंग और कठोर टिप्पणियों का सामना करना पड़ सकता है।
अभिनेत्री ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि बेटी देवी के जन्म के बाद उन्हें भी सोशल मीडिया और पैपराजी से जुड़ी तस्वीरों को लेकर काफी आलोचना झेलनी पड़ी। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि इस तरह की ट्रोलिंग उनका आत्मविश्वास नहीं तोड़ सकती।
महिलाओं के शरीर को लेकर समाज की सोच पर सवाल
बिपाशा बसु ने महिलाओं के शरीर को लेकर बनी सामाजिक सोच पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज भी महिलाओं से जुड़ी शारीरिक अपेक्षाएं काफी असामान्य हैं।
अभिनेत्री के अनुसार, 20 साल की महिला से जिस तरह के शरीर की उम्मीद की जाती है, उसी तरह की अपेक्षा 40 साल की महिला से भी करना उचित नहीं है। खासकर बच्चे को जन्म देने के बाद महिला के शरीर में स्वाभाविक बदलाव आते हैं और उसे ठीक होने के लिए समय की जरूरत होती है।
बिपाशा ने कहा कि अगर कोई महिला जल्दी अपनी पुरानी शेप में वापस नहीं आती, तो लोग उसे ट्रोल करने लगते हैं। उनके मुताबिक, लोगों का रवैया कई बार बेहद बेरहम हो जाता है और वे महिला की वास्तविक परिस्थितियों को समझने की कोशिश नहीं करते।
बेटी के जन्म के बाद झेली ट्रोलिंग
बिपाशा ने बताया कि बेटी देवी के जन्म के बाद उन्हें अपने वजन और शरीर को लेकर काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि कुछ पैपराजी ने उनकी ऐसी तस्वीरें खींचीं, जिन्हें वह अजीब मानती हैं।
अभिनेत्री ने कहा कि तस्वीरें लेने वाले लोग अक्सर यह नहीं देखते कि एक महिला किस तरह की मेहनत कर रही है। बच्चे की देखभाल के साथ उसे अपनी जिंदगी, दिनचर्या और निजी परेशानियों को भी संभालना पड़ता है। इसके बावजूद लोगों का ध्यान अक्सर सिर्फ इस बात पर रहता है कि महिला कितनी जल्दी अपनी पुरानी बॉडी शेप में लौटती है।
बिपाशा का कहना है कि बच्चे को जन्म देने के बाद महिला के लिए सिर्फ बाहरी रूप मायने नहीं रखता। इस दौर में उसका स्वास्थ्य और मानसिक मजबूती भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
'ट्रोलिंग मुझे तोड़ नहीं सकती'
लगातार आलोचनाओं के बावजूद बिपाशा ने कहा कि वह आत्मविश्वासी व्यक्ति हैं और ट्रोलिंग उन्हें मानसिक रूप से कमजोर नहीं कर सकतीं।
अभिनेत्री ने कहा कि उन्हें अपने सफर की जानकारी है और वह जानती हैं कि उन्हें किस तरह की मेहनत करनी है और कब करनी है। इसलिए वह दूसरों की टिप्पणियों के आधार पर अपने फैसले नहीं लेंगी।
बिपाशा ने इस बात पर भी जोर दिया कि महिलाओं को खुद से प्यार करना चाहिए। उनके मुताबिक, खूबसूरत दिखने की चाह से आगे बढ़कर स्वस्थ रहना अधिक जरूरी है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने लोगों से खुद से प्यार करने की बात इसलिए कहना शुरू किया, क्योंकि उन्हें महसूस हुआ कि मामला केवल अच्छा दिखने तक सीमित नहीं है। यह अंदर से स्वस्थ और संतुलित महसूस करने से भी जुड़ा है।
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43 साल की उम्र में मां बनी थीं बिपाशा
बिपाशा बसु ने 43 साल की उम्र में अपनी पहली बेटी को जन्म दिया था। उन्होंने और अभिनेता करण सिंह ग्रोवर ने शादी के छह साल बाद बेटी का स्वागत किया।
दोनों की शादी 2016 में हुई थी। इसके बाद 12 नवंबर 2022 को उनकी बेटी देवी का जन्म हुआ। बेटी के जन्म की जानकारी बिपाशा ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की थी।
बिपाशा और करण ने अपनी बेटी का नाम देवी बसु सिंह ग्रोवर रखा। बेटी के जन्म की घोषणा करते हुए अभिनेत्री ने उसके आगमन को अपने प्यार और मां के आशीर्वाद का साकार रूप बताया था।
देवी के जन्म के बाद बिपाशा की निजी जिंदगी और मातृत्व से जुड़े विषयों पर प्रशंसकों की दिलचस्पी बढ़ी। हालांकि, अभिनेत्री ने समय-समय पर यह भी स्पष्ट किया है कि वह अपनी बेटी की निजता को लेकर काफी सजग हैं।
बेटी की निजता को लेकर सतर्क हैं अभिनेत्री
बिपाशा ने बातचीत के दौरान बेटी देवी को लेकर अपनी सोच भी साझा की। उन्होंने कहा कि वह अपनी जिंदगी के कुछ हिस्से सार्वजनिक करती हैं क्योंकि उन्हें ऐसा करना पसंद है और उन्हें अपनी जिंदगी पर गर्व है।
हालांकि, वह नहीं चाहतीं कि इतनी कम उम्र में उनकी बेटी को किसी तरह के फैसले या आलोचना का सामना करना पड़े। अभिनेत्री का मानना है कि हर व्यक्ति को यह तय करने का अधिकार है कि वह अपनी जिंदगी का कितना हिस्सा सार्वजनिक रखना चाहता है।
उनके मुताबिक, कोई व्यक्ति जितना निजी रहना चाहे, उसे उतना निजी रहने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। इसी तरह, कोई व्यक्ति अपनी जिंदगी को सार्वजनिक रूप से साझा करना चाहे तो वह भी उसकी व्यक्तिगत पसंद है।
बिपाशा के लिए बेटी की निजता का सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सोशल मीडिया और पैपराजी संस्कृति में सार्वजनिक हस्तियों के बच्चों को भी लगातार लोगों की नजरों का सामना करना पड़ता है।
'जब बेटी मुझे खूबसूरत कहती है तो दिल छू जाता है'
बिपाशा ने अपनी बेटी के साथ रिश्ते की एक भावुक झलक भी साझा की। उन्होंने बताया कि जब देवी अचानक उन्हें खूबसूरत कहती है, तो यह बात सीधे उनके दिल को छू जाती है।
अभिनेत्री ने कहा कि बेटी की नजर में खूबसूरत होना उनके लिए इतना खास है कि अब उन्हें किसी और से तारीफ की जरूरत महसूस नहीं होती। देवी की मासूम प्रतिक्रिया उनके लिए किसी भी बाहरी प्रशंसा से अधिक मायने रखती है।
यह बात बिपाशा के उस विचार से भी जुड़ी है, जिसमें वह बाहरी सुंदरता के बजाय आत्मविश्वास और स्वस्थ रहने को महत्व देने की बात करती हैं।
मां बनने के बाद शरीर को लेकर दबाव पर संदेश
बिपाशा बसु की टिप्पणियां ऐसे समय में सामने आई हैं, जब सार्वजनिक हस्तियों और आम महिलाओं दोनों के शरीर को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार टिप्पणियां की जाती हैं। अभिनेत्री ने अपने व्यक्तिगत अनुभव के जरिए इस दबाव पर सवाल उठाया है।
उनकी बात का मुख्य संदेश यह है कि बच्चे के जन्म के बाद महिला के शरीर को तुरंत पहले जैसा दिखने के पैमाने पर नहीं परखा जाना चाहिए। मातृत्व के दौरान शरीर में होने वाले बदलाव एक महिला के व्यक्तिगत अनुभव का हिस्सा हैं और हर व्यक्ति की वापसी की प्रक्रिया अलग हो सकती है।
बिपाशा ने अपने अनुभव के जरिए यह भी स्पष्ट किया कि किसी महिला के शरीर को देखकर उसके संघर्ष, स्वास्थ्य या निजी परिस्थितियों का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।
फिल्मों से कुछ समय से दूर हैं बिपाशा
बिपाशा बसु पिछले कुछ समय से बड़े पर्दे से दूर हैं। इस दौरान उनकी निजी जिंदगी, मातृत्व और बेटी के साथ उनका रिश्ता चर्चा में रहा है।
प्रेग्नेंसी के बाद उनके वजन में बदलाव को लेकर भी सार्वजनिक स्तर पर चर्चा हुई। अब अभिनेत्री ने खुद इस विषय पर बात करते हुए बताया है कि उन्हें किस तरह की ट्रोलिंग से गुजरना पड़ा।
उनका कहना है कि आलोचनाओं के बावजूद वह अपने शरीर और जीवन को लेकर दूसरों के बनाए मानकों के अनुसार चलने के बजाय अपनी जरूरत और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देंगी।
बिपाशा का यह बयान सिर्फ व्यक्तिगत अनुभव साझा करने तक सीमित नहीं है। उन्होंने महिलाओं के शरीर, उम्र, मातृत्व और सुंदरता को लेकर समाज में मौजूद दबाव पर भी सवाल उठाया है। उनके मुताबिक, महिला की पहचान केवल उसके शरीर या बाहरी रूप से तय नहीं की जानी चाहिए।










