पश्चिम चंपारण में 150 करोड़ से बनेगा 200 बेड का नया सदर अस्पताल, ICU और मॉडरेट OT की होगी सुविधा

पश्चिम चंपारण के बेतिया में ₹150 करोड़ से 200 बेड का नया सदर अस्पताल बनेगा। 8.30 एकड़ जमीन चिह्नित है, अस्पताल में ICU और मॉडरेट OT की सुविधा होगी।

पश्चिम चंपारण के बेतिया में 150 करोड़ रुपये की लागत से 200 बेड का नया सदर अस्पताल प्रस्तावित है। हजारी पशु मेला परिसर में 8.30 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है, जहां ICU और मॉडरेट OT जैसी सुविधाएं होंगी।

बेतिया: पश्चिम चंपारण में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 200 बेड के नए सदर अस्पताल की योजना तैयार की गई है। करीब 150 करोड़ रुपये की लागत वाले इस अस्पताल के लिए हजारी स्थित पशु मेला ग्राउंड में 8.30 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। स्वास्थ्य विभाग की मंजूरी के बाद प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।

हजारी में चिह्नित की गई 8.30 एकड़ जमीन

पश्चिम चंपारण जिले में नए सदर अस्पताल के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी गई है। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस अस्पताल में 200 बेड की व्यवस्था होगी। निर्माण पर करीब 150 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

अस्पताल के लिए हजारी स्थित पशु मेला ग्राउंड में 8.30 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। जमीन से संबंधित प्रस्ताव स्वास्थ्य विभाग को भेज दिया गया है। विभागीय मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी और इसके बाद निर्माण कार्य कराया जाएगा।

ICU और मॉडरेट ऑपरेशन थिएटर की सुविधा

नए सदर अस्पताल में गंभीर मरीजों के इलाज के लिए ICU की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अलावा मॉडरेट ऑपरेशन थिएटर भी बनाया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर सर्जरी से जुड़े मामलों के इलाज की सुविधा बेहतर हो सकेगी।

जिला स्वास्थ्य समिति के प्रभारी जिला योजना समन्वयक अमित कुमार के अनुसार, अस्पताल परिसर में विभिन्न विशिष्ट चिकित्सा विभागों के लिए अलग-अलग ब्लॉक विकसित किए जाएंगे। यहां आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की व्यवस्था भी की जाएगी।

बेतिया GMCH पर कम होगा मरीजों का दबाव

नया सदर अस्पताल शुरू होने के बाद बेतिया स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल (GMCH) पर मरीजों का दबाव कम होने की उम्मीद है। पश्चिम चंपारण में बढ़ती आबादी और अस्पतालों में लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या को देखते हुए इस परियोजना को अहम माना जा रहा है।

नई व्यवस्था से गंभीर मरीजों को इलाज के लिए पटना या दूसरे बड़े शहरों में रेफर करने की जरूरत भी कम हो सकती है। स्थानीय स्तर पर उपचार और सर्जरी की सुविधाएं बढ़ने से बेतिया और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

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