Election Commission of India ने स्पष्ट किया है कि ईवीएम के बटन पर इत्र, गोंद या किसी भी तरह का पदार्थ लगाना छेड़छाड़ (tampering) माना जाएगा और यह एक गंभीर चुनावी अपराध है।
नई दिल्ली: भारत के चुनाव आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर एक सख्त चेतावनी जारी की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि ईवीएम के बटन पर गोंद, इत्र, टेप या किसी भी प्रकार का पदार्थ लगाना चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप और गंभीर अपराध माना जाएगा। यह चेतावनी ऐसे समय में जारी की गई है जब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में 23 अप्रैल 2026 को मतदान होने वाला है। चुनाव आयोग का कहना है कि मतदान की निष्पक्षता और पारदर्शिता को किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
गोंद या परफ्यूम लगाने पर सख्त कार्रवाई का निर्देश
चुनाव आयोग के अनुसार, हाल के दिनों में कुछ दावे सामने आए थे कि कुछ लोग यह जांचने के लिए ईवीएम बटन पर इत्र या अन्य पदार्थ लगाते हैं कि वोट किस पक्ष में गया है। आयोग ने इन दावों को गंभीरता से लेते हुए इसे चुनावी नियमों का उल्लंघन बताया है। अधिकारियों ने सभी मतदान केंद्रों के पीठासीन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि ईवीएम के सभी बटन साफ, स्पष्ट और बिना किसी छेड़छाड़ के हों।
यदि किसी मतदान केंद्र पर इस तरह की गतिविधि पाई जाती है, तो पीठासीन अधिकारी को तुरंत सेक्टर अधिकारी या रिटर्निंग ऑफिसर को इसकी सूचना देनी होगी।
री-पोल और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे किसी भी मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। गंभीर स्थिति में संबंधित मतदान केंद्र पर दोबारा मतदान (री-पोल) का आदेश भी दिया जा सकता है। आयोग ने कहा कि ईवीएम में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप “चुनावी अपराध” की श्रेणी में आता है और इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तय है।
आयोग ने दोहराया कि ईवीएम की गोपनीयता और पारदर्शिता चुनाव प्रक्रिया की रीढ़ है। किसी भी बटन पर रंग, स्याही, गोंद या रासायनिक पदार्थ लगाने से न केवल मशीन की कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है, बल्कि मतदान की निष्पक्षता भी खतरे में पड़ सकती है। इसी कारण सभी मतदान केंद्रों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि ईवीएम की पूरी जांच मतदान से पहले सुनिश्चित की जाए।
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पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान
West Bengal में विधानसभा चुनाव के पहले चरण का प्रचार मंगलवार शाम समाप्त हो गया। अब 23 अप्रैल को राज्य के 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान होगा। इस चरण में कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं और करीब 3.60 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। इसमें पुरुष, महिला और ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं।
प्रचार के अंतिम दिन सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। कई बड़े नेताओं ने रैलियां और जनसभाएं कीं, जिससे चुनावी माहौल बेहद गर्म रहा।Tamil Nadu में भी 23 अप्रैल के मतदान से पहले चुनाव प्रचार समाप्त हो गया है। अंतिम दिन सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए जोरदार प्रचार किया।
प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री, विपक्षी नेताओं और राज्य के प्रमुख राजनीतिक चेहरों ने राज्य भर में रोड शो और जनसभाएं कीं। मुख्यमंत्री M. K. Stalin और अन्य क्षेत्रीय नेताओं ने भी अपने-अपने उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार किया।









