बंगाल मे 9 मई को BJP सरकार का शपथ ग्रहण, अमित शाह होंगे पर्यवेक्षक; पांच राज्यों के नतीजो से बदला समीकरण

पश्चिम बंगाल में पहली बार BJP सरकार 9 मई को शपथ लेगी। अमित शाह पर्यवेक्षक, होंगे, जबकि तमिलनाडु में थलापति विजय की TVK ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। केरल मे कांग्रेस

पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार बनने जा रही है। 9 मई को नई सरकार का शपथ ग्रहण होगा। अमित शाह को पर्यवेक्षक बनाया गया है, जबकि तमिलनाडु में विजय की TVK और असम में भाजपा की ऐतिहासिक जीत ने राजनीति बदल दी।

कोलकाता/गुवाहाटी/ चेन्नई/तिरवंतपुरम/पुडुचेरी: पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने भारतीय राजनीति का समीकरण पूरी तरह बदल दिया है। सबसे बड़ा राजनीतिक उलटफेर पश्चिम बंगाल में देखने को मिला, जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। भाजपा ने राज्य की राजनीति में लंबे समय से कायम तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वर्चस्व को खत्म करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।

पार्टी नेताओं के अनुसार, पश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को होगा। इस अवसर को खास बनाने के लिए भाजपा ने रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती वाले दिन को चुना है। बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि राज्य की राजनीतिक संस्कृति में बदलाव की शुरुआत है।

9 मई को होगा शपथ ग्रहण समारोह

भाजपा की नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को आयोजित किया जाएगा। यह दिन बंगाल की सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़ा है, क्योंकि इसी दिन महान कवि और नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती मनाई जाती है।

भाजपा नेतृत्व इस शपथ समारोह को राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टि से ऐतिहासिक बनाना चाहता है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है।

बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार

पश्चिम बंगाल में भाजपा ने 206 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल किया। यह राज्य के राजनीतिक इतिहास का सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है। कभी केवल कुछ सीटों तक सीमित रहने वाली भाजपा अब राज्य की सत्ता संभालने जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह जीत भाजपा की लंबे समय से चली आ रही संगठनात्मक रणनीति, माइक्रो मैनेजमेंट और जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ का परिणाम है।

भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने कहा कि यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की रणनीति, कार्यकर्ताओं के संघर्ष और जनता के समर्थन की वजह से संभव हुई है।

TMC को बड़ा झटका, ममता बनर्जी पर उठे सवाल

चुनाव परिणामों के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर भी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से हार गईं। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें हराकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया।

चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कई सीटों पर “वोट लूट” हुई और उनके एजेंटों को बूथों में प्रवेश नहीं करने दिया गया।

हालांकि, पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने जनता के जनादेश को स्वीकार किया है।

महुआ मोइत्रा और सयानी घोष ने स्वीकार की हार

तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनता की इच्छा सर्वोपरि होती है और यदि बंगाल ने भाजपा को चुना है तो उसका सम्मान किया जाना चाहिए।

उन्होंने लिखा कि उनकी पार्टी लोकतंत्र, संविधान और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

वहीं, TMC की स्टार प्रचारक सयानी घोष ने भी कहा कि पार्टी जनता के फैसले को स्वीकार करती है और विपक्ष की भूमिका मजबूती से निभाएगी।

असम में भाजपा की लगातार तीसरी जीत

असम में भाजपा ने लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत हासिल किया।

भाजपा ने राज्य में सबसे अधिक स्ट्राइक रेट दर्ज किया। पार्टी ने अधिकांश सीटों पर जीत हासिल कर कांग्रेस को पीछे छोड़ दिया।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को असम में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए पर्यवेक्षक बनाया गया है।

तमिलनाडु में विजय की TVK ने रचा इतिहास

तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने सबसे बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया। पार्टी ने 108 सीटें जीतकर राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सभी को चौंका दिया।

1967 के बाद यह पहला मौका होगा जब राज्य में DMK या AIADMK के अलावा किसी तीसरी पार्टी की सरकार बनने जा रही है।
विजय को विधायक दल का नेता चुना गया है और उनके मुख्यमंत्री बनने की संभावना बेहद मजबूत मानी जा रही है।

विजय के पिता एसए चंद्रशेखर ने कहा कि उन्हें पहले से विश्वास था कि उनका बेटा तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनेगा।

केरल में कांग्रेस की वापसी, लेफ्ट का पतन

केरल में कांग्रेस नीत UDF ने शानदार वापसी करते हुए सत्ता हासिल कर ली है। इसके साथ ही देश में अब कहीं भी वामपंथी सरकार नहीं बची है। हालांकि, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन अपनी सीट बचाने में सफल रहे, लेकिन उनकी पार्टी CPI(M) को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

कांग्रेस नेता ए.के. एंटनी ने कहा कि CPI(M) की गलत नीतियां और जनता से दूरी उसकी हार का बड़ा कारण बनीं।

पुडुचेरी में NDA सरकार की तैयारी

पुडुचेरी में भी NDA गठबंधन सरकार बनाने की तैयारी में है। AINRC, भाजपा और सहयोगी दलों ने मिलकर बहुमत हासिल कर लिया है।
एन. रंगासामी पांचवीं बार मुख्यमंत्री बन सकते हैं। भाजपा को भी राज्य में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

SIR विवाद के बीच कांग्रेस नेता की जीत बनी चर्चा

फरक्का सीट से कांग्रेस उम्मीदवार मोताब शेख की जीत चर्चा का विषय बनी हुई है। चुनाव से पहले उनका नाम मतदाता सूची से हट गया था, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

बाद में अदालत के हस्तक्षेप के बाद उनका नाम बहाल हुआ और उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को 8 हजार से अधिक वोटों से हरा दिया।
इस मामले ने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

भाजपा का राष्ट्रीय विस्तार और विपक्ष की चुनौती

इन चुनाव परिणामों के बाद भाजपा और NDA का राजनीतिक प्रभाव और मजबूत हुआ है। अब देश की बड़ी आबादी और अधिकांश राज्यों में भाजपा या उसके सहयोगी दलों की सरकार है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में विपक्ष की हार ने राष्ट्रीय राजनीति में शक्ति संतुलन बदल दिया है।
वहीं, विपक्षी दलों के सामने अब अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

बंगाल में भाजपा के सामने बड़ी जिम्मेदारी

भाजपा के लिए बंगाल की जीत जितनी बड़ी उपलब्धि है, उतनी ही बड़ी चुनौती भी है। पार्टी को अब कानून व्यवस्था, रोजगार, उद्योग, सीमा सुरक्षा और प्रशासनिक सुधार जैसे मुद्दों पर काम करना होगा।

समिक भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा का उद्देश्य केवल सरकार बदलना नहीं, बल्कि राज्य की राजनीतिक और सामाजिक संस्कृति में सकारात्मक बदलाव लाना है।

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