केदारनाथ में पांच घंटे बर्फबारी के बीच भी अडिग रही आस्था, शून्य से नीचे तापमान में दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

Kedarnath, Badrinath समेत चारधाम में बर्फबारी के बीच हजारों श्रद्धालु पहुंचे, तापमान शून्य से नीचे।

उत्तराखंड के चारधाम में लगातार बारिश और बर्फबारी के बीच तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया, फिर भी सोमवार को हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए डटे रहे, जिससे कठिन मौसम के बावजूद अटूट आस्था का प्रदर्शन देखने को मिला।

देहरादून: चारधाम यात्रा के दौरान मौसम की मार के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। केदारनाथ सहित बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के बीच भी हजारों लोग दर्शन के लिए लंबी कतारों में खड़े रहे। सोमवार को बड़ी संख्या में पहुंचे भक्तों ने न केवल कठिन परिस्थितियों का सामना किया, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य के बीच आध्यात्मिक अनुभव को भी खास बताया।

कड़ाके की ठंड और बर्फबारी के बीच चारधाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

लगातार बारिश और बर्फबारी के बावजूद चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। सोमवार को बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों में लंबी कतारें इस बात का संकेत देती रहीं कि खराब मौसम भी आस्था के आगे कमजोर पड़ रहा है। श्रद्धालु ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय बदरी-विशाल’ के जयघोष के साथ अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे।

खासतौर पर केदारनाथ धाम में दोपहर तक बारिश और शाम तक बर्फबारी के बीच श्रद्धालु डटे रहे। छतरियां थामे, ठंड से कांपते हुए भी उन्होंने दर्शन के लिए इंतजार किया। अन्य तीनों धामों में भी इसी तरह का उत्साह देखने को मिला, जहां मौसम की कठिन परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बनी रही।

तीन दिन से बदला मौसम, तापमान शून्य से नीचे

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से मौसम का मिजाज खराब बना हुआ है। बदरीनाथ और केदारनाथ समेत चारों धामों की पहाड़ियों पर लगातार बर्फबारी हो रही है। केदारनाथ में सोमवार तड़के तीन बजे से शुरू हुई बारिश और बर्फबारी ने पूरे क्षेत्र को सफेद चादर में ढक दिया।

इस दौरान तापमान शून्य से पांच डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया, जिससे ठंड और अधिक बढ़ गई। हालांकि, इस कठिन मौसम के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। वे बर्फबारी के बीच कतारों में खड़े होकर अपने आराध्य के दर्शन के लिए इंतजार करते रहे।

बर्फ के बीच दर्शन का अलग अनुभव, श्रद्धालुओं में उत्साह

चारों धामों में श्रद्धालु जहां एक ओर अलाव तापते नजर आए, वहीं दूसरी ओर बर्फ के साथ खेलते और तस्वीरें लेते भी दिखे। केदारसभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी के अनुसार, मई महीने में बर्फबारी के बीच दर्शन करना श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष अनुभव है।

कई श्रद्धालुओं ने इसे जीवनभर याद रखने योग्य बताया। उनका कहना है कि प्रकृति के इन बदलते रूपों में उन्हें ईश्वर के दर्शन होते हैं। सोमवार को यमुनोत्री में 8,818, गंगोत्री में 8,393 और केदारनाथ में 19,447 श्रद्धालु पहुंचे, जो यात्रा की लगातार बढ़ती रफ्तार को दर्शाता है।

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