Uttarakhand में स्मार्ट मीटर को बढ़ावा, 4% बिल छूट समेत तीन नए ऑफर लागू

Uttarakhand सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर 4% छूट, रात में बिजली न कटने और नेगेटिव बैलेंस जैसी सुविधाएं लागू कर उपभोक्ताओं को राहत दी।

उत्तराखंड सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर अपनाने को बढ़ावा देने के लिए 4% बिल छूट, रात में बिजली न कटने और नेगेटिव बैलेंस जैसी सुविधाएं लागू की हैं, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।

Dehradun: उत्तराखंड में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने उपभोक्ताओं के हित में कई राहतभरे फैसले लागू किए हैं। Uttarakhand Government ने नई व्यवस्था के तहत बिल पर 4% छूट, रात में बिजली कटौती पर रोक और नेगेटिव बैलेंस जैसी सुविधाएं शुरू की हैं। इन उपायों का उद्देश्य उपभोक्ताओं की सुविधा बढ़ाना और राज्य में स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को तेजी से अपनाने को प्रोत्साहित करना है।

उत्तराखंड में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को बढ़ावा, उपभोक्ताओं के लिए नई राहत योजनाएं लागू

Uttarakhand में स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग को गति देने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। राज्य में लगभग 30 लाख बिजली कनेक्शनों के मुकाबले अब तक केवल करीब 1500 स्मार्ट मीटर ही लगाए जा सके हैं। इस धीमी प्रगति को देखते हुए सरकार ने उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए नई सुविधाएं और राहतें लागू की हैं।

सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं में प्रीपेड मीटर के प्रति विश्वास और स्वीकार्यता बढ़ाना है, ताकि भविष्य में इस व्यवस्था को बड़े स्तर पर लागू किया जा सके।

बिल में छूट और रात में बिजली नहीं कटेगी

नई व्यवस्था के तहत स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को कुल बिजली बिल पर 4 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इसके साथ ही यह भी तय किया गया है कि बैलेंस खत्म होने पर अब तुरंत बिजली नहीं काटी जाएगी।

शाम 6 बजे से सुबह 8 बजे तक यदि मीटर का बैलेंस समाप्त भी हो जाए, तो बिजली आपूर्ति जारी रहेगी। इसके अलावा रविवार, महीने के दूसरे शनिवार और अन्य सरकारी अवकाश के दिनों में भी बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा, जिससे घरेलू जरूरतों पर असर न पड़े।

गरीब उपभोक्ताओं के लिए अतिरिक्त राहत, मिलेगी ग्रेस पीरियड सुविधा

एक किलोवाट तक के कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत दी गई है। बैलेंस खत्म होने के बाद भी उन्हें 30 दिनों तक बिजली मिलती रहेगी, ताकि वे बिना दबाव के रिचार्ज कर सकें। यह सुविधा विशेष रूप से निम्न और मध्यम वर्ग के लिए राहतकारी मानी जा रही है।

इसके अलावा, दो किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को 200 रुपये तक की नेगेटिव बैलेंस सुविधा भी दी गई है। यानी जरूरत पड़ने पर उपभोक्ता उधार बिजली का उपयोग कर सकेंगे, जिसकी राशि बाद में रिचार्ज के समय स्वतः समायोजित हो जाएगी।

अब बिना सूचना नहीं कटेगा कनेक्शन, पहले मिलेंगे अलर्ट

बिजली विभाग को यह भी निर्देश दिया गया है कि किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन काटने से पहले कम से कम पांच बार एसएमएस के जरिए सूचना देना अनिवार्य होगा। इससे उपभोक्ताओं को समय रहते रिचार्ज करने का अवसर मिल सकेगा और अचानक बिजली कटने की समस्या नहीं होगी।

फिलहाल राज्य में स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग शुरुआती चरण में है और इसे मुख्य रूप से सरकारी कार्यालयों और चुनिंदा शहरी उपभोक्ताओं के बीच लागू किया जा रहा है। सरकार आने वाले समय में इस प्रणाली को व्यापक स्तर पर लागू करने की दिशा में काम कर रही है।

Leave a comment