बोर्ड एग्जाम में अनोखी रिक्वेस्ट, छात्रों ने लिखा पास करने की विनती

फिजिक्स कॉपियों में छात्रों ने शादी, परिवार और आर्थिक स्थिति का हवाला देकर पास करने की अपील की। बोर्ड ने सीसीटीवी निगरानी और सख्ती जारी रखी।

उत्तर प्रदेश बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा के फिजिक्स मूल्यांकन में छात्रों की भावुक अपीलें सामने आई हैं। कई छात्रों ने शादी, परिवार या आर्थिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए पास करने की गुहार लगाई। बोर्ड की सख्ती और CCTV निगरानी के कारण नकद नोट कम मिलने की खबर भी सामने आई है। मूल्यांकन केवल उत्तरों के आधार पर किया जा रहा है।

UP Board Intermedate Exam: उत्तर प्रदेश बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षाओं में फिजिक्स की कॉपियों का मूल्यांकन करते समय शिक्षकों ने छात्रों की अजीब और भावुक रिक्वेस्ट देखी। कई छात्रों ने शादी, परिवार या आर्थिक परेशानियों का हवाला देकर पास करने की अपील की। बोर्ड की सख्ती और सीसीटीवी निगरानी के कारण नकद नोट कम पाए गए हैं। मूल्यांकन प्रक्रिया 23 मार्च तक लगभग 32 लाख कॉपियों पर पूरी की जा चुकी है और परिणाम समय पर घोषित करने के प्रयास जारी हैं।

फिजिक्स की कॉपियों में छात्रों की भावुक अपीलें

उत्तर प्रदेश बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षाओं की मूल्यांकन प्रक्रिया में इस बार छात्र-छात्राओं की फिजिक्स की कॉपियों में अजीब और भावुक रिक्वेस्ट सामने आई हैं। कई छात्रों ने शादी या पारिवारिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए शिक्षक से मदद की गुहार लगाई। एक छात्र ने लिखा कि उसकी शादी तय है और यदि वह फेल हुआ तो समाज में उसकी बेइज्जती होगी। वहीं, एक छात्रा ने परिवार की आर्थिक स्थिति और अपनी शादी का हवाला देकर पास करने का आग्रह किया।

इन अपीलों ने मूल्यांकन केंद्रों पर मौजूद शिक्षकों को भी हैरान कर दिया। हालांकि, बोर्ड की कड़ी सख्ती और CCTV निगरानी के चलते नकद नोटों की घटनाओं में कमी आई है। शिक्षकों का कहना है कि भावनात्मक अपीलों के बावजूद नंबर केवल सही उत्तरों पर ही दिए जा रहे हैं।

बोर्ड एग्जाम में अनोखी रिक्वेस्ट, छात्रों ने लिखा पास करने की विनती

नोटों पर कड़ा नियंत्रण और सख्ती

यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह के आदेशों का असर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। बोर्ड ने निर्देश दिए थे कि यदि किसी कॉपी में नकद नोट पाए गए तो न केवल छात्र बल्कि संबंधित केंद्र के निरीक्षक के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। यही कारण है कि इस बार मूल्यांकन में नकद देने के मामले बहुत कम दर्ज किए गए।

छात्रों ने कॉपी में खुद यह भी लिखा कि पिताजी की बीमारियों या घर की जिम्मेदारियों के कारण तैयारी नहीं हो पाई और वे नोट नहीं रख सके। इससे पता चलता है कि विद्यार्थी प्रयास कर रहे हैं लेकिन सख्ती और निगरानी के कारण नकद देने में असमर्थ हैं।

मूल्यांकन की प्रगति और आंकड़े

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बताया कि कुल लगभग 2.60 करोड़ कॉपियां मूल्यांकन के लिए भेजी गई हैं। 23 मार्च तक 32,53,505 कॉपियां जांची जा चुकी हैं, जिनमें हाईस्कूल की 19,62,275 और इंटरमीडिएट की 12,91,248 कॉपियां शामिल हैं। पूरे प्रदेश के मूल्यांकन केंद्रों पर शिक्षकों की निगरानी में सीसीटीवी की मदद से काम तेजी से किया जा रहा है, ताकि परिणाम समय पर घोषित किए जा सकें।

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