बॉर्डर क्षेत्रों में बदलती डेमोग्राफी पर सरकार सख्त, अमित शाह ने उच्चस्तरीय समिति को दिए अहम निर्देश

सीमा क्षेत्रों में बदलती डेमोग्राफी को लेकर सरकार सख्त हो गई है। अमित शाह ने उच्चस्तरीय समिति को अहम निर्देश दिए हैं और विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा है।

केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने जनसंख्या संरचना (डेमोग्राफी) में हो रहे बदलावों का अध्ययन करने के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति को विशेष रूप से सीमा से जुड़े जिलों पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए हैं।

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के सीमा क्षेत्रों (बॉर्डर एरिया), महानगरों और औद्योगिक शहरों में हो रहे जनसंख्या संरचना (डेमोग्राफी) के बदलावों पर विस्तृत अध्ययन के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि समिति को विशेष रूप से यह समझने पर ध्यान देना चाहिए कि किन कारणों से इन क्षेत्रों में जनसंख्या पैटर्न तेजी से बदल रहा है और इसका सामाजिक व सुरक्षा पर क्या प्रभाव पड़ रहा है।

सीमा क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस

गृह मंत्री ने समिति को निर्देश दिया कि वह विशेष रूप से देश के सीमावर्ती जिलों का दौरा करे और वहां जमीनी स्तर पर स्थिति का आकलन करे। इसके साथ ही महानगरों और तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक शहरों में भी जनसंख्या बदलावों की प्रकृति का अध्ययन किया जाए। सरकार का मानना है कि इन क्षेत्रों में जनसंख्या संरचना में बदलाव कई कारणों से हो सकते हैं, जिनमें अवैध प्रवास, आर्थिक अवसरों की तलाश और सामाजिक-भौगोलिक बदलाव शामिल हैं।

गृह मंत्रालय ने पिछले महीने इस उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था, जिसका उद्देश्य देश में जनसंख्या संरचना में हो रहे बदलावों का वैज्ञानिक अध्ययन करना है। समिति यह भी जांच करेगी कि इन बदलावों में अवैध प्रवास की क्या भूमिका है और इससे स्थानीय संसाधनों, रोजगार और सामाजिक संतुलन पर क्या असर पड़ रहा है। समिति का मुख्य कार्य इन बदलावों के कारणों की पहचान करना और सरकार को व्यावहारिक तथा नीति-आधारित समाधान सुझाना है।

विशेषज्ञों की टीम कर रही है अध्ययन

इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नाओलेकर कर रहे हैं। इसके अलावा इसमें वरिष्ठ प्रशासनिक और आर्थिक विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। समिति के सदस्यों में जनगणना आयुक्त, पूर्व आईएएस अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्रा, पूर्व आईपीएस अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव और अर्थशास्त्री डॉ. शामिका रवि शामिल हैं। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (विदेशी-1) को इसका सदस्य सचिव बनाया गया है।

गृह मंत्री अमित शाह ने पहले ही स्पष्ट किया था कि जनसंख्या संरचना में बदलाव केवल एक आंकड़ों का विषय नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक संतुलन, कानून-व्यवस्था और जनजातीय समुदायों की पहचान से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है। समिति को यह भी निर्देश दिया गया है कि वह विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे धार्मिक और सामाजिक स्तर पर जनसंख्या बदलावों का भी गहन अध्ययन करे और यह समझे कि क्या ये बदलाव सामान्य जनसांख्यिकीय प्रवृत्तियों से अलग हैं।

वैज्ञानिक तरीके से होगी जांच

सरकार के अनुसार, समिति सभी पहलुओं का वैज्ञानिक दृष्टिकोण से विश्लेषण करेगी। इसमें अवैध प्रवास, सीमा पार गतिविधियां, रोजगार प्रवाह, शहरीकरण और पर्यावरणीय कारणों को भी शामिल किया जाएगा। इसके अलावा समिति उन क्षेत्रों की पहचान करेगी जहां जनसंख्या में असामान्य वृद्धि या सुनियोजित बसावट के संकेत मिलते हैं। इसका उद्देश्य यह समझना है कि क्या ये बदलाव प्राकृतिक हैं या किसी व्यवस्थित पैटर्न का हिस्सा हैं।

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