इंदौर में BRICS कृषि सम्मेलन शुरू, भारत-रूस ने कृषि व्यापार और सहयोग पर की चर्चा

इंदौर में BRICS कृषि सम्मेलन शुरू हुआ। भारत-रूस ने कृषि व्यापार, खाद्य सुरक्षा और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

इंदौर में BRICS कृषि सम्मेलन की शुरुआत हो गई है, जिसमें 20 देशों के मंत्री और अधिकारी शामिल हो रहे हैं। पहले दिन भारत और रूस के बीच कृषि व्यापार, खाद्य सुरक्षा और तकनीकी सहयोग को लेकर द्विपक्षीय वार्ता हुई।

इंदौर: भारत की अध्यक्षता में इंदौर में आयोजित BRICS कृषि सम्मेलन का आगाज हो गया है। पांच दिवसीय सम्मेलन में BRICS सदस्य और साझेदार देशों सहित करीब 20 देशों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। पहले दिन भारत और रूस के बीच हुई बैठक में कृषि व्यापार, खाद्य सुरक्षा और तकनीकी सहयोग को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।

भारत-रूस बैठक में कृषि सहयोग बढ़ाने पर जोर

BRICS कृषि सम्मेलन के पहले दिन भारत और रूस के प्रतिनिधिमंडलों के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक आयोजित की गई। इस दौरान दोनों देशों ने कृषि व्यापार को बढ़ाने, खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने और कृषि क्षेत्र में तकनीकी सहयोग को विस्तार देने पर विचार-विमर्श किया।

इंदौर में BRICS कृषि सम्मेलन शुरू, भारत-रूस ने कृषि व्यापार और सहयोग पर की चर्चा

बैठक में जलवायु परिवर्तन के अनुकूल खेती, कृषि अनुसंधान, बाजार तक पहुंच और टिकाऊ कृषि विकास जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने कृषि क्षेत्र में साझेदारी को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

वैश्विक कृषि नीतियों पर रहेगा सम्मेलन का फोकस

केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा कि BRICS समूह वैश्विक कृषि और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक प्रभावशाली मंच बन चुका है। उन्होंने बताया कि दुनिया की लगभग 42 प्रतिशत कृषि भूमि, 68 प्रतिशत कृषि जोतें और 42 प्रतिशत खाद्य उत्पादन BRICS देशों के पास है।

इंदौर में आयोजित यह सम्मेलन वैश्विक कृषि चुनौतियों और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने का अवसर प्रदान करेगा। सम्मेलन में खाद्य सुरक्षा, पोषण, कृषि व्यापार, पशुपालन, मत्स्य पालन और किसानों की आय बढ़ाने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी।

छोटे किसानों और नवाचार पर विशेष ध्यान

सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में छोटे और सीमांत किसानों की चुनौतियों, कृषि ऋण, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और बाजार तक पहुंच बढ़ाने जैसे मुद्दों पर मंथन किया जाएगा। साथ ही कृषि क्षेत्र में डिजिटल तकनीक, नवाचार और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर रहेगा।

12 जून को आयोजित होने वाले मंत्रिस्तरीय संवाद का विषय ‘लघु किसानों, महिलाओं एवं युवाओं के माध्यम से भविष्य की खाद्य सुरक्षा’ रखा गया है। इस दौरान कृषि क्षेत्र में महिलाओं और युवाओं की भूमिका, डिजिटल समाधान और जलवायु-अनुकूल खेती के मॉडल पर चर्चा होगी।

13 जून को होगी कृषि मंत्रियों की मुख्य बैठक

सम्मेलन के अंतिम दिन BRICS देशों के कृषि मंत्रियों की मुख्य बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में सदस्य देशों के बीच कृषि सहयोग बढ़ाने, खाद्य हानि कम करने, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समाधान खोजने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने पर विचार किया जाएगा।

बैठक के समापन पर एक साझा दस्तावेज तैयार किया जाएगा, जिसमें सदस्य देशों की सहमति और भविष्य की रणनीतियों को शामिल किया जाएगा।

संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का भी मिलेगा संदेश

सम्मेलन के दौरान विदेशी प्रतिनिधियों को इंदौर और मालवा की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया जाएगा। इसके तहत राजवाड़ा, छप्पन दुकान, सराफा बाजार और मांडू जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा।

इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए ‘BRICS वाटिका’ विकसित की जाएगी, जहां सदस्य देशों के प्रतिनिधि सामूहिक पौधारोपण करेंगे। यह पहल सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति BRICS देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मेलन न केवल वैश्विक कृषि सहयोग को नई दिशा देगा, बल्कि मध्य प्रदेश को कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और निवेश के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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