कैनरी द्वीप के पास 27 दिन भटकती रही प्रवासियों की नाव, 80 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका

कैनरी द्वीप के पास 27 दिन से समुद्र में भटक रही प्रवासी नाव मिली। 44 लोग जीवित बचाए गए, पांच शव मिले और 80 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका है।

कैनरी द्वीप के पास अटलांटिक महासागर में 27 दिन से भटक रही प्रवासी नाव से 44 लोगों को बचाया गया। नाव पर पांच शव मिले, जबकि 80 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका है। तीन बचे लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया।

कैनरी द्वीप: अटलांटिक महासागर में पश्चिमी अफ्रीका से स्पेन के कैनरी द्वीप की ओर निकली एक प्रवासी नाव करीब 27 दिनों तक समुद्र में भटकती रही। स्पेनिश समुद्री बचाव दल ने बुधवार को इस नाव का पता लगाया, जिसमें 44 लोग जीवित मिले, जबकि पांच शव भी नाव पर मौजूद थे। मानवाधिकार कार्यकर्ता हेलेना मालेनो गार्सोन के अनुसार, इस हादसे में 83 लोगों की जान जाने की आशंका है।

ग्रान कैनरिया के पास मिली नाव

स्पेन की समुद्री बचाव सेवा ने नाव को ग्रान कैनरिया के तटीय शहर अरगुइनेगुइन से करीब 65 समुद्री मील दक्षिण-पश्चिम में खोजा। बचाव दल के पहुंचने के समय नाव बेहद कठिन समुद्री परिस्थितियों में थी। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच नाव पर सवार लोगों की स्थिति गंभीर बताई गई।

बचाव अभियान के दौरान 44 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। समुद्री बचाव अधिकारियों के मुताबिक, सभी जीवित बचे लोग उप-सहारा अफ्रीका के पुरुष हैं। इनमें से तीन की हालत बेहद गंभीर थी और उन्हें तत्काल हेलीकॉप्टर के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया।

बाकी बचे लोगों को समुद्र के रास्ते ग्रान कैनरिया लाया गया, जहां उन्होंने गुरुवार तड़के पहुंचने के बाद नाव से उतरकर चिकित्सा और अन्य जरूरी सहायता प्राप्त की।

पांच शव नाव पर मिले, लेकिन निकालना संभव नहीं हुआ

बचाव दल को नाव के भीतर पांच मृत लोगों के शव भी मिले। हालांकि, समुद्र की खराब स्थिति के कारण बचावकर्मी शवों को नाव से बाहर नहीं निकाल सके। समुद्री बचाव सेवा ने बताया कि उस समय इलाके में करीब 20 नॉट की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं और लगभग 2.5 मीटर ऊंची लहरें उठ रही थीं।

इन परिस्थितियों में शवों को सुरक्षित तरीके से निकालने का प्रयास बचावकर्मियों और जीवित बचे लोगों के लिए अतिरिक्त जोखिम पैदा कर सकता था। इसलिए शवों को नाव पर ही छोड़ना पड़ा।

समुद्री बचाव अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि वे इस बात की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर सके कि नाव पर शुरुआत में कुल कितने लोग सवार थे। ऐसे में मृतकों की वास्तविक संख्या को लेकर अंतिम आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है।

गाम्बिया से हुई थी यात्रा शुरू

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह नाव पश्चिमी अफ्रीकी देश गाम्बिया से अगस्त की शुरुआत में रवाना हुई थी। मानवाधिकार संगठन Caminando Fronteras की संस्थापक हेलेना मालेनो गार्सोन ने बताया कि नाव में शुरुआत में करीब 127 लोग सवार थे और 83 लोगों की मौत होने की आशंका है।

यदि यह आंकड़ा सही साबित होता है, तो यह घटना अटलांटिक के जरिए कैनरी द्वीप पहुंचने की कोशिश में होने वाली मानवीय त्रासदियों की गंभीरता को एक बार फिर सामने लाती है। हालांकि, बचाव अधिकारियों द्वारा शुरुआती यात्रियों की संख्या की पुष्टि नहीं किए जाने के कारण अंतिम मृतक संख्या की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

27 दिन तक समुद्र में फंसे रहे लोग

लंबे समय तक समुद्र में भटकने के कारण नाव पर सवार लोगों को भोजन, पानी और चिकित्सा सहायता की भारी कमी का सामना करना पड़ा होगा। समुद्र में 27 दिनों तक टिके रहना अपने आप में बेहद कठिन परिस्थिति है। कमजोर नाव, तेज धाराओं, मौसम में बदलाव और सीमित संसाधनों ने यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ा दीं।

बचाव के समय कई लोग गंभीर रूप से कमजोर अवस्था में थे। तीन लोगों को गंभीर हालत के चलते हवाई मार्ग से अस्पताल ले जाना पड़ा। अन्य बचे लोगों को समुद्री रास्ते से ग्रान कैनरिया पहुंचाया गया।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि पश्चिमी अफ्रीका से कैनरी द्वीप तक पहुंचने की कोशिश करने वाले प्रवासियों को समुद्र में किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है और इस खतरनाक मार्ग पर मानवीय संकट को रोकने के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं। 

कैनरी द्वीप के पास 27 दिन भटकती रही प्रवासियों की नाव, 80 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका

कैनरी द्वीप की सरकार ने जताई चिंता

कैनरी द्वीप सरकार के प्रमुख फर्नांडो क्लाविखो ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही मौतों को स्वीकार नहीं किया जा सकता और अटलांटिक में होने वाली ऐसी घटनाओं को सामान्य मानने का सवाल ही नहीं उठना चाहिए।

क्लाविखो ने इस समुद्री मार्ग को लोगों के लिए बेहद खतरनाक बताते हुए कहा कि लगातार होने वाली मौतें इस संकट की गंभीरता को दर्शाती हैं। उनका बयान ऐसे समय में आया है जब कैनरी द्वीप लंबे समय से अनियमित प्रवासन के दबाव का सामना कर रहा है।

अटलांटिक का यह मार्ग क्यों है इतना खतरनाक?

पश्चिमी अफ्रीका से कैनरी द्वीप की ओर जाने वाला समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे खतरनाक प्रवासी मार्गों में शामिल माना जाता है। हर साल हजारों लोग बेहतर आर्थिक अवसर और सुरक्षित जीवन की तलाश में इस रास्ते से स्पेनिश क्षेत्र तक पहुंचने की कोशिश करते हैं।

इस यात्रा में प्रवासियों को कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ता है। लंबी समुद्री दूरी, तेज धाराएं, ऊंची लहरें, खराब मौसम और अक्सर अनुपयुक्त नावें यात्रा को बेहद जोखिमपूर्ण बना देती हैं। कई नावें अपनी क्षमता से अधिक लोगों को लेकर समुद्र में उतरती हैं, जिससे किसी आपात स्थिति में बचाव और भी मुश्किल हो जाता है।

कई बार नावों का संपर्क टूट जाता है और वे निर्धारित मार्ग से भटक जाती हैं। ऐसे मामलों में यात्रियों को कई दिनों या हफ्तों तक समुद्र में बिना पर्याप्त भोजन और पानी के रहना पड़ सकता है। इस घटना में भी नाव के करीब चार सप्ताह तक समुद्र में भटकने की जानकारी सामने आई है।

प्रवासन संकट पर फिर बढ़ा ध्यान

कैनरी द्वीप के पास सामने आई यह त्रासदी यूरोप की प्रवासन नीति और समुद्री बचाव व्यवस्था से जुड़े व्यापक सवालों को फिर चर्चा में ले आई है। एक ओर अफ्रीका के कई हिस्सों से लोग आर्थिक कठिनाइयों, बेरोजगारी और बेहतर भविष्य की उम्मीद में यूरोप का रुख करते हैं, वहीं दूसरी ओर समुद्री मार्ग उन्हें बेहद खतरनाक परिस्थितियों में पहुंचा देता है।

मानवाधिकार संगठनों का लंबे समय से कहना रहा है कि प्रवासियों की सुरक्षित आवाजाही और समुद्र में जीवन बचाने के लिए अधिक प्रभावी अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है। दूसरी तरफ यूरोपीय देश अनियमित प्रवासन को नियंत्रित करने और मानव तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई करने पर जोर देते हैं।

इस घटना में भी सबसे बड़ा सवाल यही है कि एक नाव इतने लंबे समय तक समुद्र में भटकती रही और उसमें सवार दर्जनों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। जीवित बचे लोगों की पहचान, यात्रा के पूरे घटनाक्रम और नाव में शुरुआत में मौजूद लोगों की वास्तविक संख्या को लेकर आगे की जांच महत्वपूर्ण होगी।

एक और समुद्री त्रासदी ने बढ़ाई चिंता

कैनरी द्वीप के पास मिला यह जहाज अटलांटिक प्रवासन मार्ग की मानवीय कीमत को उजागर करता है। 44 लोगों का जीवित बचना राहत की बात है, लेकिन पांच शवों की बरामदगी और 80 से अधिक लोगों के मारे जाने की आशंका इस घटना को बेहद गंभीर बनाती है।

जब तक नाव पर सवार लोगों की शुरुआती संख्या और लापता लोगों के बारे में पूरी जानकारी सामने नहीं आती, तब तक मृतकों का अंतिम आंकड़ा स्पष्ट नहीं होगा। फिलहाल बचाव एजेंसियां जीवित बचे लोगों को चिकित्सा सहायता देने और घटना से जुड़ी जानकारी जुटाने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि बेहतर जीवन की तलाश में अपनाया गया यह अटलांटिक समुद्री मार्ग कितनी बड़ी मानवीय त्रासदी में बदल सकता है।

Leave a comment