CBSE मूल्यांकन अभियान: 8 दिसंबर से छात्रों के लिए टेस्ट

CBSE 8 दिसंबर से SAFAL Assessment परीक्षा आयोजित करेगा। कक्षा 6-9 के छात्रों की समझ और सोचने की क्षमता को परखने का उद्देश्य।

CBSE 8 दिसंबर से पूरे देश में SAFAL Assessment परीक्षा शुरू करने जा रहा है। यह टेस्ट छात्रों की समझने और सोचने की क्षमता को आंकने के लिए डिज़ाइन किया गया है। कक्षा 6 से 9 के छात्र शामिल होंगे और परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में पेन-पेपर मोड में होगी।

CBSE SAFAL Assessment 2025: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) पूरे भारत में 8 दिसंबर से SAFAL Assessment परीक्षा आयोजित कर रहा है। यह टेस्ट कक्षा 6 से 9 तक के छात्रों की वास्तविक समझ, सोचने-समझने की शक्ति और समस्या समाधान क्षमता को परखने के लिए डिज़ाइन किया गया है। परीक्षा पेन-पेपर मोड में होगी और हिंदी व अंग्रेजी दोनों माध्यमों में आयोजित की जाएगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह कोई प्रतियोगी परीक्षा नहीं है, बल्कि छात्रों की सीखने की प्रक्रिया और अवधारणा को बेहतर बनाने का उद्देश्य रखती है।

SAFAL Assessment का उद्देश्य

SAFAL परीक्षा का मुख्य उद्देश्य बच्चों में रटने की आदत को कम करना और उनकी अवधारणा को बेहतर ढंग से परखना है। यह परीक्षा यह देखती है कि छात्र क्लास में पढ़ाए गए विषयों को किस हद तक समझकर लागू कर पा रहे हैं।

बोर्ड ने कहा है कि परिणाम कहीं बाहर नहीं भेजे जाएंगे। स्कूल खुद इन रिजल्ट का विश्लेषण करेंगे, ताकि पता चल सके कि छात्र किन विषयों में मजबूत हैं और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है।

CBSE मूल्यांकन अभियान: 8 दिसंबर से छात्रों के लिए टेस्ट

परीक्षा का शेड्यूल और माध्यम

कक्षा 9 के छात्रों की परीक्षाएं 8 दिसंबर से शुरू होंगी, जिसमें पहले दिन विज्ञान, दूसरे दिन भाषा और तीसरे दिन गणित की परीक्षा होगी। कक्षा 6 के छात्रों के लिए 11 दिसंबर से पर्यावरण विज्ञान, 15 दिसंबर को भाषा और 16 दिसंबर को गणित की परीक्षा आयोजित होगी।

परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में होगी और स्कूलों को ओएमआर शीट उपलब्ध कराई जाएगी। यह सुनिश्चित किया गया है कि छात्रों की वास्तविक समझ और सोचने की क्षमता का मूल्यांकन सही तरीके से किया जा सके।

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