जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप 2025 में भारतीय टीम का सेमीफाइनल तक का सफर शानदार रहा, लेकिन महत्वपूर्ण मुकाबले में टीम इंडिया दबाव में पूरी तरह बिखर गई। जर्मनी के खिलाफ सेमीफाइनल में भारतीय टीम बिल्कुल अपने फॉर्म में नजर नहीं आई और उन्हें 5-1 से एकतरफा हार का सामना करना पड़ा।
स्पोर्ट्स न्यूज़: जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप 2025 में भारतीय टीम का शानदार सफर सेमीफाइनल तक तो रहा, लेकिन 7 दिसंबर को हुए मुकाबले में टीम इंडिया को जर्मनी के हाथों 5-1 से करारी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद भारतीय टीम अब 10 दिसंबर को कांस्य पदक के मुकाबले में अर्जेंटीना से भिड़ेगी।
टीम इंडिया का सेमीफाइनल मुकाबला काफी दबावपूर्ण और चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। जर्मनी ने मैच की शुरुआत से ही खेल पर अपना दबदबा बनाया और भारतीय टीम अपनी रफ्तार और फॉर्म के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाई। खासकर डिफेंस में टीम का प्रदर्शन कमजोर नजर आया, जिससे जर्मनी ने पहले ही हाफ में तीन गोल कर दिए।
जर्मनी की शुरुआती बढ़त और गोल स्कोरर
जर्मनी की टीम ने पहले हाफ में ही तीन गोल कर भारत के खेमे में दबाव बढ़ा दिया। गोल करने वालों में लुकास कोसेल ने 14वें और 30वें मिनट में दो गोल किए। वहीं वेक्स टाइटस ने 15वें मिनट, जोनास वोन गरसम ने 40वें मिनट और बेन हासबाश ने 49वें मिनट में एक-एक गोल करके टीम को निर्णायक बढ़त दिलाई।
भारत की तरफ से इस मुकाबले में अनमोल इक्का ने 51वें मिनट में एकमात्र गोल किया। इस गोल ने भारतीय टीम को थोड़ी सांत्वना तो दी, लेकिन मैच के रुख को बदलने के लिए काफी नहीं था।
जर्मनी की टीम ने जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप के इस 14वें संस्करण में 10वीं बार फाइनल तक पहुंचने का रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले जर्मनी ने कुल 7 बार खिताब अपने नाम किया है और इस बार उनके पास 8वीं बार ट्रॉफी जीतने का अवसर भी है। उनकी टीम की मजबूती और रणनीति इस बार भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
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टीम इंडिया का कांस्य पदक जीतने का मौका
हालांकि सेमीफाइनल में हार के बाद टीम इंडिया अब फाइनल मुकाबले से बाहर हो गई है, लेकिन कांस्य पदक जीतने का अवसर अभी भी बरकरार है। भारत का सामना 10 दिसंबर को अर्जेंटीना की टीम से होगा। अर्जेंटीना को पहले सेमीफाइनल में स्पेन के खिलाफ 2-1 से हार का सामना करना पड़ा था। टीम इंडिया जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप के इतिहास में अब तक दो बार खिताब जीत चुकी है, और कांस्य पदक जीतकर टीम इस टूर्नामेंट में अपनी प्रतिष्ठा को बनाए रखने का प्रयास करेगी। भारतीय टीम के युवा खिलाड़ी कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवान्वित करने की पूरी कोशिश करेंगे।
जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप 2025 का फाइनल मुकाबला भी 10 दिसंबर को चेन्नई के मेयर राधाकृष्णन स्टेडियम में खेला जाएगा। फाइनल में स्पेन और जर्मनी की टीमें आमने-सामने होंगी। इस मुकाबले से न सिर्फ टीमों के लिए बल्कि हॉकी फैंस के लिए भी उत्साह और रोमांच का माहौल होगा।









