चंद्रचूड़ सिंह की पुश्तैनी हवेली विवाद में 7 पर FIR, परिवार ने फर्जी वसीयत का लगाया आरोप

अलीगढ़ में अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह की पुश्तैनी संपत्ति से जुड़े विवाद में 7 लोगों पर FIR दर्ज हुई है। परिवार ने फर्जी वसीयत और जमीन हड़पने का आरोप लगाया है।

अलीगढ़ में अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह की पुश्तैनी संपत्ति से जुड़े विवाद में सात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। उनके भाई अभिमन्यु सिंह ने फर्जी वसीयत, राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेरफेर और संपत्ति पर कब्जे का आरोप लगाया है।

बॉलीवुड: अलीगढ़ में अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह की पुश्तैनी संपत्ति को लेकर विवाद सामने आया है। अभिनेता के भाई अभिमन्यु सिंह की शिकायत पर रोरावर थाने में सात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। शिकायत में फर्जी वसीयत तैयार कराने, राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेरफेर करने और करोड़ों रुपये की जमीन तथा पुश्तैनी हवेली पर कब्जा करने की कोशिश के आरोप लगाए गए हैं। चंद्रचूड़ सिंह और उनके भाई अभिमन्यु सिंह शनिवार को अलीगढ़ की जलालपुर पुलिस चौकी पहुंचे और मामले में अपना बयान दर्ज कराया। परिवार का कहना है कि पैतृक संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था और अब उपलब्ध दस्तावेजों तथा अन्य सबूतों के आधार पर आपराधिक शिकायत दर्ज कराई गई है।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में नामजद लोगों का पक्ष भी जांच के दौरान सामने आना बाकी है।

जलालपुर एस्टेट से जुड़ा है संपत्ति विवाद

अभिमन्यु सिंह के अनुसार, उनका परिवार अलीगढ़ के जलालपुर और आसपास के कई गांवों में फैली पैतृक जमीनों का मालिक रहा है। इन संपत्तियों में 1870 के आसपास निर्मित बताई जाने वाली ऐतिहासिक जलालपुर एस्टेट की हवेली भी शामिल है।

परिवार का दावा है कि यह हवेली और उससे जुड़ी जमीनें उनकी पुश्तैनी संपत्ति का हिस्सा हैं। अभिमन्यु सिंह ने आरोप लगाया कि परिवार के कुछ सदस्यों और बाहरी लोगों ने कथित रूप से दस्तावेजों में हेरफेर कर इन संपत्तियों पर अधिकार जताने की कोशिश की।

उनका कहना है कि इस मामले में पहले से सिविल कोर्ट में मुकदमा चल रहा था। अब परिवार ने कथित धोखाधड़ी और दस्तावेजों में हेरफेर के आरोपों को लेकर पुलिस में आपराधिक मामला दर्ज कराया है।

चंद्रचूड़ सिंह के परिवार की संपत्ति को लेकर क्या दावा है?

परिवार की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में कहा गया है कि जलालपुर और आसपास के इलाकों में उनकी कई पुश्तैनी जमीनें हैं। अभिमन्यु सिंह का आरोप है कि इन संपत्तियों पर दावा मजबूत करने के लिए एक कथित फर्जी वसीयत का इस्तेमाल किया गया।

परिवार का दावा है कि यह वसीयत उनके दादा की मृत्यु से ठीक एक दिन पहले तैयार की गई थी। उनके अनुसार, दादा का निधन वर्ष 1997 में हुआ था। अभिमन्यु सिंह ने आरोप लगाया कि कथित वसीयत के आधार पर बेशकीमती जमीनों का अधिकार कुछ लोगों के नाम करने की कोशिश की गई।

हालांकि, वसीयत की वास्तविकता और उसके आधार पर हुए किसी भी कथित हस्तांतरण की वैधता का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही होगा। फिलहाल पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।

राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर का भी आरोप

अभिमन्यु सिंह ने आरोप लगाया कि कथित वसीयत के आधार पर जमीनों से संबंधित राजस्व रिकॉर्ड में भी बदलाव किए गए। उनका दावा है कि तहसील स्तर पर मौजूद रिकॉर्ड में कथित तौर पर नाम और अन्य विवरण बदले गए।

परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि इन बदलावों के बाद कुछ जमीनों को वर्षों तक कथित रूप से बेचा जाता रहा। शिकायत में कुछ सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की कथित मिलीभगत की बात भी कही गई है।

इन आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अब दस्तावेजों, राजस्व रिकॉर्ड और संपत्ति के स्वामित्व से जुड़े कागजात की जांच कर सकती है। यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों की भूमिका निर्धारित की जाएगी।

मुंबई में रहने के कारण जानकारी देर से मिलने का दावा

अभिमन्यु सिंह ने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से मुंबई में रह रहा है। अलीगढ़ से दूर रहने के कारण परिवार को कथित तौर पर अपनी पैतृक संपत्तियों में हो रहे बदलावों और लेन-देन की पूरी जानकारी समय पर नहीं मिल सकी।

उनके अनुसार, बाद में जब परिवार को संपत्ति से जुड़े विवाद और कथित धोखाधड़ी की जानकारी मिली तो उन्होंने कानूनी सलाह लेकर दस्तावेज जुटाने शुरू किए। परिवार का कहना है कि पिछले कुछ समय से मामले से संबंधित सबूत इकट्ठा किए जा रहे थे।

अभिमन्यु सिंह ने बताया कि परिवार ने अब अपनी कानूनी टीम को मामले में लगाया है। उनके मुताबिक, संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

चाचा के निधन के बाद बढ़ा विवाद

परिवार के मुताबिक, चंद्रचूड़ सिंह के चाचा गंगा सिंह लंबे समय तक स्वीडन में रहते थे। बाद में वह जलालपुर की पुश्तैनी हवेली में रहने लगे। अक्टूबर 2025 में गंगा सिंह का निधन हो गया।

परिवार का कहना है कि उनके निधन के बाद पुश्तैनी संपत्ति, हवेली और ट्रस्ट से जुड़ी जमीनों को लेकर विवाद और बढ़ गया। इसके बाद संपत्ति पर अधिकार और कथित कब्जे को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच मतभेद सामने आए।

अभिमन्यु सिंह ने आरोप लगाया कि चाचा के परिवार की ओर से हवेली और जमीनों पर अधिकार जताया गया। इसी विवाद के बीच कथित वसीयत और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेजों को लेकर सवाल उठे।

पहले सिविल कोर्ट पहुंचा था मामला

अभिमन्यु सिंह के मुताबिक, संपत्ति विवाद को लेकर परिवार ने पहले सिविल कोर्ट का रुख किया था। वहां संपत्ति के अधिकार और उससे जुड़े विवाद पर कानूनी प्रक्रिया चल रही थी।

अब परिवार ने आपराधिक आरोपों को लेकर पुलिस में FIR दर्ज कराई है। शिकायत में सात लोगों को नामजद किया गया है। इनमें परिवार के सदस्य, एक विदेशी नागरिक, दो गवाह और एक वकील के नाम शामिल होने की बात कही गई है।

पुलिस अब यह जांच करेगी कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में कौन-कौन से दस्तावेज और अन्य सबूत उपलब्ध हैं। साथ ही कथित वसीयत की प्रमाणिकता, जमीन के रिकॉर्ड और संपत्ति के लेन-देन की भी जांच की जा सकती है।

सात लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR

पुलिस शिकायत में चंद्रचूड़ सिंह की चाची गायत्री देवी सिंह समेत कुल सात लोगों को नामजद किए जाने की जानकारी सामने आई है। परिवार ने इन लोगों पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और संपत्ति पर कब्जे की कोशिश में शामिल होने का आरोप लगाया है।

शिकायत में शामिल सभी लोगों के खिलाफ आरोप अभी जांच के दायरे में हैं। FIR दर्ज होना किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं है। आरोपों की पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही हो सकती है।

पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजों और पक्षकारों के बयानों को रिकॉर्ड में शामिल कर रही है। आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

पुलिस चौकी पहुंचे चंद्रचूड़ सिंह

शनिवार को अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह अपने भाई अभिमन्यु सिंह के साथ जलालपुर पुलिस चौकी पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों के सामने अपना बयान दर्ज कराया।

परिवार ने पुलिस को संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्य सौंपने की बात कही है। चंद्रचूड़ सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी पैतृक संपत्ति को कथित फर्जी वसीयत के आधार पर अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया गया।

अभिनेता के भाई ने कहा कि परिवार अब मामले में आपराधिक कार्रवाई चाहता है और उन्हें उम्मीद है कि पुलिस उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर जांच करेगी।

अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह का फिल्मी करियर

चंद्रचूड़ सिंह हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वह ‘माचिस’, ‘जोश’ और ‘क्या कहना’ जैसी फिल्मों में अभिनय कर चुके हैं। उनकी फिल्मों और अभिनय के कारण उन्हें हिंदी सिनेमा के दर्शकों के बीच पहचान मिली।

अभिनेता का संबंध अलीगढ़ के जलालपुर एस्टेट परिवार से बताया जाता है। उनके पिता कैप्टन बलदेव सिंह भारतीय सेना में अधिकारी रहे थे और वर्ष 1985 में अलीगढ़ की सदर विधानसभा सीट से विधायक भी बने थे।

परिवार की पुरानी जमीनें और संपत्तियां अलीगढ़ के जलालपुर तथा आसपास के गांवों में बताई जाती हैं। इन संपत्तियों से जुड़े पुराने विवादों का उल्लेख परिवार की ओर से किया गया है।

ऐतिहासिक हवेली भी विवाद के केंद्र में

विवाद का एक प्रमुख केंद्र जलालपुर एस्टेट की पुरानी हवेली है। परिवार के अनुसार, यह हवेली ऐतिहासिक महत्व रखती है और करीब डेढ़ सदी से अधिक पुरानी है।

अभिमन्यु सिंह का कहना है कि हवेली उनकी पैतृक संपत्ति का हिस्सा है और परिवार ने इसके स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज जुटा लिए हैं। परिवार ने आरोप लगाया है कि हवेली और उससे जुड़ी जमीन पर अधिकार को लेकर कथित तौर पर दस्तावेजों का सहारा लिया गया।

अब पुलिस और संबंधित न्यायिक संस्थाएं दस्तावेजों की वैधता तथा संपत्ति के वास्तविक स्वामित्व से जुड़े सवालों की जांच करेंगी। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया इसी आधार पर आगे बढ़ेगी।

आगे की जांच पर टिकी नजर

FIR दर्ज होने के बाद अब मामले की जांच पुलिस के हाथ में है। पुलिस को कथित वसीयत, राजस्व रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े पुराने दस्तावेज और जमीन के लेन-देन की जानकारी की जांच करनी होगी। जांच में यह भी स्पष्ट किया जा सकता है कि कथित दस्तावेज कब तैयार हुए, उनका इस्तेमाल किस तरह किया गया और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड में कोई अनियमित बदलाव हुआ या नहीं।

परिवार की ओर से लगाए गए आरोप गंभीर हैं, लेकिन किसी भी आरोपी को दोषी ठहराने से पहले जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है। नामजद लोगों का पक्ष और उपलब्ध दस्तावेजों की स्वतंत्र जांच इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।

फिलहाल चंद्रचूड़ सिंह और उनके भाई ने पुलिस के सामने अपना पक्ष रख दिया है। सात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजों और आरोपों की जांच कर रही है। संपत्ति के स्वामित्व और कथित फर्जी वसीयत की वास्तविक स्थिति आगे की जांच और अदालत की प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।

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