छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी के सक्रिय सिस्टम के प्रभाव से अगले पांच दिनों तक बारिश बढ़ने का अनुमान है। कई इलाकों में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी है। कोरबा में बारिश से घरों और दुकानों में पानी घुसा।
रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां फिर तेज होने वाली हैं। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और उससे लगे तटीय क्षेत्रों में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से अगले पांच दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली का खतरा भी जताया गया है।
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बढ़ेगी बारिश
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट पर कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। मौसम विभाग के मुताबिक यह सिस्टम अगले 48 घंटे में और मजबूत हो सकता है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में 30 अगस्त से बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है।

अगले पांच दिनों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है।
कोरबा में बारिश से बिगड़े हालात
तेज बारिश का असर कोरबा में भी देखने को मिला है। कनकी-सर्वमंगला मुख्य मार्ग पर एसईसीएल कुसमुंडा की डंपिंग से आया मलबा बारिश के पानी के साथ सड़क पर बह गया। इससे सड़क पर मिट्टी और कीचड़ जमा हो गया और एक यात्री बस तथा कार फंस गई।
कोरबा के कुछ रिहायशी इलाकों में भी बारिश का पानी घरों और दुकानों में घुस गया। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। वहीं दादर नाले का जलस्तर बढ़ने से एक स्कॉर्पियो तेज बहाव की चपेट में आ गई थी। वाहन में सवार लोगों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
मैनपाट में नदी के तेज बहाव में बहे युवक-युवती
सरगुजा के मैनपाट में भी बारिश के कारण हादसा हुआ। यहां घूमने आए एक युवक और युवती बाइक समेत घुनघुट्टा नदी के तेज बहाव में बह गए। स्थानीय व्यक्ति ने युवती को रस्सी की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि तेज बहाव में बहे युवक की तलाश जारी रही।
लगातार बारिश के बीच प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों और तेज बहाव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। आकाशीय बिजली की आशंका के दौरान खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े होने से भी बचने की सलाह दी गई है।










