चीन ने पाकिस्तान को नई AIP तकनीक वाली हैंगर-क्लास पनडुब्बी सौंप दी है, जिसे पाकिस्तानी नौसेना ने PNS गाजी का नाम दिया है। यह नाम 1971 के भारत-पाक युद्ध में डूबी पाकिस्तानी पनडुब्बी के सम्मान में रखा गया है।
China-Pakistan Submarine Deal: चीन लगातार एडवांस हथियारों के साथ पाकिस्तान की नौसेना को मजबूत कर रहा है। इसमें खास तौर पर AIP तकनीक वाली पनडुब्बियां, मल्टी-रोल फ्रिगेट और लंबी दूरी की मिसाइलें शामिल हैं। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि चीन यह कदम अरब सागर से लेकर हिंद महासागर तक भारत पर दबाव बनाने के उद्देश्य से उठा रहा है।
पिछले कुछ महीनों में चीन ने पाकिस्तान की नौसेना की ताकत तेजी से बढ़ाई है ताकि पाकिस्तान हिंद महासागर में भारतीय नौसेना के वर्चस्व को चुनौती दे सके। 1971 की युद्ध में भारत ने पाकिस्तानी नौसेना की पीएनएस गाजी पनडुब्बी को डुबो दिया था, और उसी की याद में पाकिस्तान ने चीन से प्राप्त अपनी नई पनडुब्बी का नाम PNS गाजी रखा है।
PNS गाजी का लॉन्च और AIP तकनीक
17 दिसंबर 2025 को चीन के वुहान में वुचांग शिपबिल्डिंग में पाकिस्तान को चौथी और अंतिम हैंगर-क्लास पनडुब्बी सौंप दी गई। पाकिस्तान की नौसेना ने इसे एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। चीन ने पाकिस्तान के लिए चार पनडुब्बियां बनाई हैं, जो एयर-इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) तकनीक से लैस हैं। AIP तकनीक का मतलब है कि ये पनडुब्बियां लंबे समय तक बिना सतह पर आए समुद्र में छिपकर ऑपरेशन कर सकती हैं। यह उन्हें अधिक स्टील्थ और ऑपरेशनल क्षमता प्रदान करती है। चीन की यह पनडुब्बियां पीपल्स लिबरेशन आर्मी नौसेना की एडवांस्ड टाइप 039B युआन-क्लास का एक्सपोर्ट वेरिएंट हैं।
पाकिस्तान ने 2015 में चीन के साथ आठ हैंगर-क्लास पारंपरिक सबमरीन खरीदने के लिए समझौता किया था। इनमें से चार का निर्माण चीन में और चार का पाकिस्तान के कराची शिपयार्ड एंड इंजीनियरिंग वर्क्स लिमिटेड (KS&EW) में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (ToT) के तहत किया जाएगा।

नई पनडुब्बियों में हथियार क्षमता
नई पनडुब्बियों में एंटी-शिप क्रूज मिसाइल, एडवांस्ड टॉरपीडो और बाबर लैंड-अटैक क्रूज मिसाइल तैनात की जा सकती हैं। इससे पाकिस्तान की समुद्री ‘सी-डिनायल’ रणनीति को और धार मिलेगी। पहले से मौजूद अगोस्ता-90B पनडुब्बियों के साथ पाकिस्तान के पास अब कुल 11 AIP-सक्षम पनडुब्बियां होंगी।विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत-पाकिस्तान के बीच समुद्री संतुलन को बदल सकती है। भारत की AIP पनडुब्बी परियोजना अभी बातचीत और विकास के चरण में है, जबकि पाकिस्तान पहले से ही अपने बेड़े को आधुनिक तकनीक से लैस कर रहा है।
चीन का समर्थन केवल पनडुब्बियों तक सीमित नहीं है। पाकिस्तान को आधुनिक तुगरिल-क्लास (Type-054A/P) फ्रिगेट्स भी दिए गए हैं, जो एयर डिफेंस, एंटी-सबमरीन और एंटी-सर्फेस युद्ध में सक्षम हैं। 4,000 टन वजनी ये युद्धपोत सुपरसोनिक CM-302 एंटी-शिप मिसाइल, HQ-16 एयर डिफेंस सिस्टम और आधुनिक सेंसर से लैस हैं।
इसके अलावा, चीनी Z-9EC हेलीकॉप्टर और ड्रोन प्लेटफॉर्म्स ने पाकिस्तान की एंटी-सबमरीन क्षमता को भी मजबूत किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह गठजोड़ अरब सागर और हिंद महासागर में भारत के समुद्री प्रभुत्व को चुनौती देने के उद्देश्य से किया गया है।











