चीनी टेक कंपनियों पर बढ़ा अमेरिकी दबाव, 9 सांसदों ने पीट हेगसेथ को लिखा पत्र

अमेरिका में चीनी टेक कंपनियों पर दबाव बढ़ा। 9 सांसदों ने युद्ध सचिव पीट हेगसेथ को पत्र लिखकर DeepSeek और Xiaomi समेत कंपनियों को CCP समर्थित सूची में शामिल

अमेरिका में चीनी टेक कंपनियों को लेकर चिंता तेज हो गई है। 9 अमेरिकी सांसदों ने युद्ध सचिव पीट हेगसेथ को पत्र लिखकर DeepSeek और Xiaomi जैसी कंपनियों पर PLA को तकनीकी समर्थन देने का आरोप लगाया।

World News: अमेरिका में चीन से जुड़ी तकनीकी कंपनियों को लेकर सियासी और रणनीतिक चिंता एक बार फिर तेज हो गई है। नौ अमेरिकी सांसदों के एक समूह ने युद्ध सचिव (War Secretary) पीट हेगसेथ को पत्र लिखकर मांग की है कि कई चीनी टेक कंपनियों को उस सरकारी सूची में शामिल किया जाए, जिन पर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) की सेना को समर्थन देने का आरोप है। सांसदों का कहना है कि इन कंपनियों की गतिविधियां सीधे या परोक्ष रूप से पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की सैन्य क्षमता को मजबूत कर रही हैं।

2021 का कानून और विवाद की पृष्ठभूमि

साल 2021 में अमेरिका ने राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम (National Defense Authorization Act) के तहत एक विशेष सूची तैयार की थी। इस सूची का उद्देश्य उन चीनी सैन्य संस्थाओं और उनसे जुड़ी इकाइयों की पहचान करना था, जिनके जरिए अमेरिकी सरकार अनजाने में चीन की सैन्य, निगरानी और खुफिया गतिविधियों का समर्थन कर सकती थी। उस समय रक्षा विभाग, जिसे अब युद्ध विभाग कहा जाता है, को जिम्मेदारी दी गई थी कि वह ऐसी संस्थाओं को चिन्हित करे और उन पर निगरानी रखे।

सांसदों का आरोप

18 दिसंबर को लिखे गए इस पत्र में सांसदों ने दावा किया है कि कुछ गैर सैन्य दिखने वाली चीनी टेक कंपनियां असल में PLA के आधुनिकीकरण, आंतरिक सुरक्षा पहलों और सैन्य प्रक्षेपण क्षमताओं में अहम भूमिका निभा रही हैं। सांसदों के अनुसार, ये कंपनियां तकनीक, डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) के जरिए चीन की सैन्य ताकत को बढ़ाने में मदद कर रही हैं, जो अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है।

डीपसीक पर सबसे ज्यादा फोकस

इस पत्र में जिन कंपनियों का नाम प्रमुखता से लिया गया है, उनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी डीपसीक (DeepSeek) भी शामिल है। जेम्सटाउन फाउंडेशन की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए सांसदों ने कहा कि डीपसीक के PLA और अन्य चीनी सरकारी संगठनों के साथ करोड़ों युआन, यानी लाखों अमेरिकी डॉलर के रक्षा अनुबंध हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, डीपसीक द्वारा विकसित एआई मॉडल्स का इस्तेमाल चीनी सेना की तकनीकी जरूरतों के लिए किया जा रहा है।

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PLA के लिए तकनीकी सहयोग का आरोप

सांसदों का दावा है कि अप्रैल से अक्टूबर 2025 के बीच PLA की एक खरीद वेबसाइट पर कई ऐसे दस्तावेज सामने आए, जिनमें डीपसीक के एआई आधारित टूल्स की मांग की गई थी। इन टूल्स का इस्तेमाल सैन्य विश्लेषण, निगरानी और रणनीतिक फैसलों में किया जा रहा है। सांसदों का मानना है कि यह सीधे तौर पर PLA के आधुनिकीकरण कार्यक्रम का हिस्सा है।

चीनी पुलिस नेटवर्क में डीपसीक की भूमिका

पत्र में यह भी कहा गया है कि डीपसीक को चीनी पुलिस और सार्वजनिक सुरक्षा नेटवर्क में तेजी से एकीकृत किया जा रहा है। इसका इस्तेमाल वीडियो निगरानी प्रणालियों में चेहरों की पहचान, वाहनों की ट्रैकिंग और भीड़ की गतिविधियों का विश्लेषण करने में हो रहा है। इसके अलावा, केस डेटा को संकलित करने, रिपोर्ट तैयार करने और फील्ड में तैनात अधिकारियों को निर्णय लेने में सहायता देने के लिए भी इस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। सांसदों का कहना है कि यह तकनीक चीन की आंतरिक सुरक्षा के साथ साथ सैन्य उद्देश्यों को भी पूरा कर रही है।

शाओमी को दोबारा सूची में शामिल करने की मांग

सांसदों ने चीनी स्मार्टफोन निर्माता शाओमी (Xiaomi) को भी विवादित सूची में फिर से शामिल करने की वकालत की है। गौरतलब है कि 2021 में कोलंबिया जिले के अमेरिकी जिला न्यायालय ने पर्याप्त सबूतों के अभाव में शाओमी को इस सूची से हटा दिया था। हालांकि अब सांसदों का कहना है कि नई जानकारियों से यह साफ होता है कि शाओमी दोहरे उपयोग वाली रोबोटिक्स तकनीक में प्रत्यक्ष भूमिका निभा रही है, जिसका इस्तेमाल रक्षा सामग्री के निर्माण में किया जा सकता है।

सैन्य चिकित्सा अनुसंधान से जुड़ाव का दावा

टीईटी रिपोर्ट के हवाले से सांसदों ने यह भी आरोप लगाया है कि शाओमी चीनी सैन्य चिकित्सा अनुसंधान संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रही है। उनके अनुसार, यह सहयोग केवल व्यावसायिक नहीं बल्कि रणनीतिक प्रकृति का है, जिससे चीन की सैन्य चिकित्सा और तकनीकी क्षमता को बढ़ावा मिल सकता है।

पत्र पर किन सांसदों के हस्ताक्षर

इस पत्र पर कांग्रेस की नौ अलग अलग समितियों के रिपब्लिकन अध्यक्षों ने हस्ताक्षर किए हैं। इनमें सीनेटर रिक स्कॉट, प्रतिनिधि जॉन मूलनेर, रिक क्रॉफर्ड, एंड्रयू गारबारिनो, रॉब विटमैन, बिल हुइज़ेंगा, डस्टी जॉनसन, डारिन लाहुड और एंडी ओगल्स शामिल हैं। सांसदों का कहना है कि यह कदम अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक हितों की रक्षा के लिए जरूरी है।

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