तमिल फाइनेंस इन्फ्लुएंसर हरीश चेन्नई के पास अपने आवास पर मृत पाए गए। पुलिस को आत्महत्या की आशंका है। SEBI पंजीकरण विवाद और साइबरबुलिंग के आरोपों के बीच मौत की परिस्थितियों की जांच जारी है।
चेन्नई: तमिल भाषा में वित्तीय विषयों पर कंटेंट बनाने वाले 27 वर्षीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हरीश मंगलवार रात चेन्नई के पास कनथूर स्थित अपने आवास पर मृत पाए गए। पुलिस को आत्महत्या की आशंका है, हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार बुधवार तक उनकी मौत की परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। हरीश की मौत ऐसे समय हुई है, जब उनके वित्तीय सलाह देने के काम और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) में आवश्यक पंजीकरण को लेकर विवाद सामने आया था।
हरीश के इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 14 लाख से अधिक फॉलोअर्स थे। वह म्यूचुअल फंड, ट्रेडिंग और निवेश से जुड़े विषयों पर तमिल भाषा में जानकारी साझा करते थे। उनके करीबी दोस्तों के अनुसार, वह करीब पांच वर्षों से वित्तीय विषयों पर कंटेंट बना रहे थे।
पुलिस ने बताया कि उनका शव चेन्नई के निकट ईस्ट कोस्ट रोड के कनथूर इलाके में स्थित आवास से मंगलवार देर रात बरामद किया गया। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सरकारी जिला अस्पताल भेजा गया। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार तक स्थानीय पुलिस ने मामले में केस दर्ज किए जाने की पुष्टि नहीं की थी। मौत के कारणों और उससे जुड़े घटनाक्रम की जांच के निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए थे।
आखिरी वीडियो में शिकायत और मानसिक दबाव का जिक्र
हरीश के हालिया वीडियो में उन्होंने कथित तौर पर SEBI में शिकायत किए जाने के बाद परेशान होने की बात कही थी। वीडियो में उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि कुछ लोग उन्हें ऑनलाइन निशाना बना रहे थे और उनके परिवार को धमकियां दे रहे थे।
वीडियो में हरीश ने कहा था कि वह पिछले पांच वर्षों से यह काम कर रहे थे और कुछ लोग अपने प्रभावशाली संपर्कों का हवाला देकर उनके वीडियो हटवाने की धमकी दे रहे थे। उन्होंने दावा किया था कि उनके काम की बढ़ती पहुंच से नाराज लोग उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे।
हालांकि, ये आरोप हरीश की ओर से लगाए गए थे। उपलब्ध जानकारी में पुलिस द्वारा इन दावों की पुष्टि या कथित धमकियों के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान किए जाने की सूचना नहीं है। उनकी मौत और ऑनलाइन उत्पीड़न के बीच संबंध भी जांच से पहले स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
हरीश को उनके वित्तीय कंटेंट के लिए पहचान मिली थी। वर्ष 2025 में चेन्नई की एक निजी संस्था की ओर से उन्हें ‘बेस्ट फाइनेंस चैनल’ पुरस्कार दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
SEBI पंजीकरण को लेकर विवाद
हरीश के सोशल मीडिया अकाउंट को लेकर हाल में विवाद सामने आया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनका इंस्टाग्राम अकाउंट मेटा ने हटा दिया था। यह घटनाक्रम उनके वित्तीय सलाह देने के काम और SEBI में आवश्यक पंजीकरण से जुड़े आरोपों के बीच सामने आया।
SEBI भारत में प्रतिभूति बाजार का नियामक है। निवेश सलाह देने वाले पेशेवरों के लिए लागू नियमों के तहत कुछ गतिविधियों में निर्धारित पंजीकरण आवश्यक हो सकता है। हालांकि, किसी वित्तीय विषय पर सामान्य जानकारी साझा करना और नियामकीय परिभाषा के तहत निवेश सलाह देना एक ही बात नहीं है। किसी व्यक्ति पर नियमों के उल्लंघन का निष्कर्ष निकालने के लिए उसकी गतिविधियों, दावों और लागू नियामकीय प्रावधानों की जांच जरूरी होती है।
हरीश के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि नियामक के समक्ष शिकायत में क्या विशिष्ट आरोप लगाए गए थे और उस पर कोई औपचारिक कार्रवाई हुई थी या नहीं।
सोशल मीडिया पर साथी क्रिएटर्स ने जताया दुख
हरीश की मौत की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स और कंटेंट क्रिएटर्स ने दुख जताया। प्रवीण गणेशन ने पोस्ट में शोक व्यक्त करते हुए हरीश को श्रद्धांजलि दी।
किरुबाकरन राजेंद्रन ने भी उनकी मौत पर दुख जताया। उन्होंने हरीश को तमिलनाडु के बड़े वित्तीय कंटेंट क्रिएटर्स में से एक बताया और इंस्टाग्राम पर उनके बड़े फॉलोअर आधार का उल्लेख किया।
राजेंद्रन ने सोशल मीडिया अकाउंट खोने के प्रभाव पर भी टिप्पणी की। उनके मुताबिक, किसी कंटेंट क्रिएटर के लिए अकाउंट केवल एक ऑनलाइन प्रोफाइल नहीं होता, बल्कि उससे वर्षों का काम, कमाई, दर्शकों का समुदाय और रोजमर्रा की कार्य-व्यवस्था जुड़ी हो सकती है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अकाउंट हटाए जाने या पहुंच सीमित होने से कंटेंट क्रिएटर्स के काम पर असर पड़ सकता है। हालांकि, हरीश के अकाउंट हटाए जाने और उनकी मौत के बीच कोई कारणात्मक संबंध स्थापित नहीं हुआ है। ऐसे किसी निष्कर्ष के लिए जांच और विश्वसनीय साक्ष्यों की आवश्यकता होगी।
जेसन सैमुअल ने साइबरबुलिंग के आरोपों से किया इनकार
हरीश की मौत के बाद सोशल मीडिया यूजर किशोर के. स्वामी ने आरोप लगाया कि उनकी मौत के पीछे वेंचर स्टूडियो जेमूरिया इंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेसन सैमुअल की ओर से कथित साइबरबुलिंग थी।
सैमुअल ने इन आरोपों से इनकार किया। बुधवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर जारी बयान में उन्होंने हरीश की मौत पर दुख जताया और कहा कि उनका उद्देश्य ऐसा परिणाम पैदा करना नहीं था।
सैमुअल के अनुसार, उन्होंने हरीश के वित्तीय कंटेंट और उनकी कथित नियामकीय स्थिति को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने दावा किया कि हरीश के पास उनके काम के लिए आवश्यक SEBI रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर (RIA) पंजीकरण नहीं था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हरीश ने एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) से जुड़े अपने क्रेडेंशियल्स को गलत तरीके से पेश किया था।
सैमुअल ने कहा कि उन्होंने हरीश से उचित SEBI पंजीकरण के साथ अपना काम दोबारा शुरू करने को कहा था। उनके बयान में AMFI से जुड़े पंजीकरण और ARN प्राप्त करने के समय को लेकर भी आरोप लगाए गए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि सैमुअल के खिलाफ साइबरबुलिंग के आरोप सोशल मीडिया पर लगाए गए हैं और उन्होंने उन्हें खारिज किया है। बुधवार तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस ने हरीश की मौत की परिस्थितियों या इन आरोपों के बीच संबंध को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया था।
जांच का इंतजार
हरीश की मौत से जुड़े कई सवालों के जवाब अभी सामने नहीं आए हैं। इनमें उनकी मौत का आधिकारिक कारण, SEBI को की गई कथित शिकायत का विवरण, सोशल मीडिया अकाउंट हटाए जाने की परिस्थितियां और ऑनलाइन धमकियों के आरोप शामिल हैं।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच से मौत की परिस्थितियों के बारे में अधिक जानकारी मिल सकती है। फिलहाल, किसी व्यक्ति या घटना को उनकी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा, जब तक जांच में इसकी पुष्टि न हो जाए।
यह मामला वित्तीय कंटेंट बनाने वाले सोशल मीडिया क्रिएटर्स के सामने आने वाली नियामकीय जिम्मेदारियों और ऑनलाइन उत्पीड़न के आरोपों को भी चर्चा में लाता है। हालांकि, इन व्यापक मुद्दों और हरीश की मौत के बीच संबंध तय करने से पहले विश्वसनीय साक्ष्यों और आधिकारिक निष्कर्षों की प्रतीक्षा करना जरूरी है।








