21 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला और अंत में निवेशकों को निराशा हाथ लगी। मजबूत वैश्विक संकेतों और आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी के चलते बाजार ने सुबह शानदार बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की, लेकिन दिन चढ़ने के साथ बिकवाली का दबाव बढ़ता गया।
बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 21 अक्टूबर को शुरुआती तेजी के बाद अचानक बिकवाली हावी हो गई। मजबूत वैश्विक संकेतों और आईटी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी के चलते कारोबार की शुरुआत सकारात्मक रही, लेकिन दूसरे कारोबारी सत्र में निवेशकों की बिकवाली ने बाजार की बढ़त को पूरी तरह खत्म कर दिया। इसके साथ ही सेंसेक्स और निफ्टी लगातार दूसरे कारोबारी दिन गिरावट के साथ बंद हुए। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव देखने को मिला, जबकि आईटी सेक्टर ने बाजार के कमजोर रुख के बीच मजबूती दिखाई।
कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 143.21 अंक यानी 0.19 प्रतिशत गिरकर 73,709.69 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 77.60 अंक यानी 0.34 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,811.35 के स्तर पर आ गया। निफ्टी 22,850 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे बंद हुआ, जिससे बाजार में बनी कमजोरी का संकेत मिला।
बाजार में बिकवाली का दबाव, ज्यादातर शेयर लाल निशान में
बुधवार के कारोबार में बाजार का दायरा कमजोर रहा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कुल 884 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 3,361 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं, 157 शेयरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। यह आंकड़ा बताता है कि गिरावट केवल कुछ चुनिंदा कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि व्यापक बाजार में बिकवाली का असर देखने को मिला।
मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इन श्रेणियों के शेयरों में कमजोरी से संकेत मिला कि निवेशकों ने बड़ी कंपनियों के साथ-साथ अपेक्षाकृत छोटी कंपनियों के शेयरों में भी मुनाफावसूली या जोखिम कम करने को प्राथमिकता दी। हालांकि, बाजार की गिरावट के पीछे किसी एक कारण की पुष्टि नहीं हुई है। कारोबार के दौरान निवेशकों की धारणा, सेक्टर आधारित गतिविधियों और बिकवाली के दबाव ने बाजार की दिशा को प्रभावित किया।
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आईटी शेयरों में खरीदारी, निफ्टी आईटी 2.52% चढ़ा
बाजार में कमजोरी के बावजूद आईटी सेक्टर निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.52 प्रतिशत की बढ़त के साथ 32,310.10 पर बंद हुआ। प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी ने इस सेक्टर को दूसरे क्षेत्रों से अलग प्रदर्शन करने में मदद की। इन्फोसिस के शेयर 3.30 प्रतिशत चढ़े, जबकि एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 3.21 प्रतिशत और टेक महिंद्रा में 3.13 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयर भी 2.77 प्रतिशत मजबूत हुए। अल्ट्राटेक सीमेंट में 1.87 प्रतिशत की बढ़त रही।
इसके अलावा भारती एयरटेल, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, पावर ग्रिड और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर भी हरे निशान में बंद हुए। इन कंपनियों में क्रमशः 0.88 प्रतिशत, 0.80 प्रतिशत, 0.72 प्रतिशत और 0.58 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
बैंकिंग, ऑटो और रियल्टी शेयरों में कमजोरी
आईटी को छोड़कर ज्यादातर प्रमुख सेक्टरों में गिरावट देखने को मिली। निफ्टी एमएनसी इंडेक्स 2.27 प्रतिशत टूट गया। ऊर्जा क्षेत्र में 1.62 प्रतिशत, रियल्टी में 1.57 प्रतिशत और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों से जुड़े सूचकांक में 1.47 प्रतिशत की गिरावट रही। निफ्टी बैंक 1.07 प्रतिशत नीचे बंद हुआ, जबकि निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.70 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी में 0.89 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। ऑटो, मीडिया, मेटल, फार्मा और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे क्षेत्रों में भी बिकवाली का दबाव रहा।
बजाज फाइनेंस सबसे बड़ा लूजर, कई ऑटो शेयर फिसले
निफ्टी के प्रमुख शेयरों में बजाज फाइनेंस सबसे ज्यादा गिरने वालों में शामिल रहा। इसका शेयर 3.27 प्रतिशत टूट गया। बीएसई के शेयरों में 2.63 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि इटर्नल 2.45 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। ऑटो और रिटेल क्षेत्र की कंपनियों पर भी दबाव रहा। आयशर मोटर्स के शेयर 2.43 प्रतिशत, ट्रेंट के 2.41 प्रतिशत और मारुति सुजुकी के 2.40 प्रतिशत गिर गए। अदानी एंटरप्राइजेज में 2.37 प्रतिशत और श्रीराम फाइनेंस में 2.33 प्रतिशत की कमजोरी रही। बजाज ऑटो 2.09 प्रतिशत और एक्सिस बैंक 2.10 प्रतिशत गिरकर बंद हुए।









