Chip Shortage के बीच चीनी कंपनियां सस्ते Smartphones में इस्तेमाल करेंगी Recycled DRAM, बढ़ सकता है खराबी का खतरा

AI की बढ़ती मांग और चिप की कमी के बीच चीनी कंपनियां सस्ते स्मार्टफोन में पुरानी DRAM चिप्स लगा सकती हैं। जानें फोन की परफॉर्मेंस और लाइफ पर असर।

AI और डेटा सेंटर्स की बढ़ती मांग से मेमोरी चिप्स की सप्लाई प्रभावित हो रही है। काउंटरपॉइंट की रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी कंपनियां लागत घटाने के लिए पुराने फोन और कंप्यूटर से निकाली गई DRAM चिप्स इस्तेमाल करने पर विचार कर रही हैं।

Recycled DRAM: चीन की बजट स्मार्टफोन कंपनियां मेमोरी चिप्स की बढ़ती कीमतों और सप्लाई की कमी से निपटने के लिए पुराने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से निकाली गई DRAM चिप्स का इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही हैं। 20 अक्टूबर 2026 को सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, शेनझेन के हुआकियांगबेई इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट में ऐसी चिप्स की रीप्रोसेसिंग और बिक्री का नेटवर्क सक्रिय है। हालांकि, पुरानी चिप्स की विश्वसनीयता और फोन की लंबी अवधि की परफॉर्मेंस को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

AI की बढ़ती मांग से मेमोरी चिप्स की सप्लाई पर दबाव

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बड़े डेटा सेंटर्स में मेमोरी की बढ़ती जरूरत का असर स्मार्टफोन इंडस्ट्री पर भी पड़ रहा है। मेमोरी चिप बनाने वाली प्रमुख कंपनियां Samsung और SK Hynix हाई बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) और DRAM के उत्पादन पर जोर दे रही हैं। इससे स्मार्टफोन्स में इस्तेमाल होने वाली लो-पावर मेमोरी यानी LPDDR की सप्लाई प्रभावित होने की बात सामने आई है।

Chip Shortage के बीच चीनी कंपनियां सस्ते Smartphones में इस्तेमाल करेंगी Recycled DRAM, बढ़ सकता है खराबी का खतरा

मेमोरी चिप्स की कमी के कारण स्मार्टफोन कंपनियों की लागत बढ़ रही है। वर्ष 2026 में अलग-अलग बजट सेगमेंट के फोन की कीमतों पर भी इसका असर देखने को मिला है। ऐसे में चीनी कंपनियां अपने किफायती स्मार्टफोन की कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए पुराने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से निकाली गई मेमोरी चिप्स के इस्तेमाल पर विचार कर रही हैं।

पुराने फोन और कंप्यूटर से निकाली जाएंगी DRAM चिप्स

पुरानी मेमोरी चिप्स को दोबारा इस्तेमाल करने की प्रक्रिया में पहले उन्हें फोन, कंप्यूटर या सर्वर के मदरबोर्ड से अलग किया जाता है। इसके बाद चिप्स की जांच और रीप्रोसेसिंग की जाती है। टेस्टिंग में उपयुक्त पाए जाने पर इन्हें नए सर्किट बोर्ड पर दोबारा सोल्डर किया जा सकता है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन के शेनझेन स्थित हुआकियांगबेई इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट में पुरानी मेमोरी चिप्स को साफ करने, उनकी जांच करने और दोबारा बिक्री के लिए तैयार करने का नेटवर्क सक्रिय है। इस बाजार के जरिए स्मार्टफोन निर्माता नई चिप्स की तुलना में कम कीमत पर पुराने कंपोनेंट हासिल कर सकते हैं।

अमेरिका के डेटा सेंटर्स से हटाए जाने वाले पुराने DDR4 मेमोरी मॉड्यूल भी इस तरह की रीसाइक्लिंग प्रक्रिया का हिस्सा बन रहे हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि कितनी चीनी स्मार्टफोन कंपनियां वास्तव में अपने नए डिवाइस में ऐसी चिप्स का इस्तेमाल शुरू करेंगी।

सस्ते स्मार्टफोन की कीमत और लाइफ पर क्या होगा असर?

पुरानी DRAM चिप्स का इस्तेमाल करने से कंपनियों को कंपोनेंट की लागत कम करने में मदद मिल सकती है। इससे बजट स्मार्टफोन की कीमतों पर बढ़ते दबाव को कुछ हद तक नियंत्रित करना संभव हो सकता है। लेकिन इस तरीके से ग्राहकों को मिलने वाले फायदे के साथ कुछ तकनीकी जोखिम भी जुड़े हैं।

काउंटरपॉइंट की रिपोर्ट के मुताबिक, दोबारा इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कुछ मेमोरी चिप्स पहले ही पांच से छह साल तक इस्तेमाल की जा चुकी हो सकती हैं। हालांकि, केवल पुरानी होने से किसी चिप का खराब होना तय नहीं है। उसकी वास्तविक स्थिति, पहले इस्तेमाल की परिस्थितियों और टेस्टिंग के नतीजों पर उसकी विश्वसनीयता निर्भर करेगी।

यदि किसी चिप में पहले से खराबी या स्थिरता से जुड़ी समस्या मौजूद है, तो फोन की परफॉर्मेंस प्रभावित हो सकती है। इससे सिस्टम क्रैश, डेटा संबंधी समस्याओं या डिवाइस के अस्थिर व्यवहार का जोखिम बढ़ सकता है। वहीं, सही तरीके से जांची गई और उपयुक्त पाई गई चिप का प्रदर्शन उसकी उम्र के आधार पर ही खराब नहीं माना जा सकता।

फिलहाल, चीनी कंपनियों की इस संभावित रणनीति का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि वे किस तरह की मेमोरी चिप्स इस्तेमाल करती हैं और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्या मानक अपनाती हैं। ग्राहकों के लिए फोन खरीदते समय केवल कीमत ही नहीं, बल्कि वारंटी, परफॉर्मेंस और निर्माता की गुणवत्ता संबंधी नीतियों पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।

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