राजस्थान के चूरू जिले के तारानगर में तेज रफ्तार कार की टक्कर से बाइक सवार चाचा-भतीजे की मौत हो गई। दोनों नगरपालिका में सफाई कर्मचारी थे। हादसे के समय वे अस्पताल के पास स्थित होटल से खाना लेने जा रहे थे।
चूरू: राजस्थान के चूरू जिले के तारानगर में गुरुवार रात एक सड़क हादसे में बाइक सवार दो लोगों की मौत हो गई। तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में जान गंवाने वाले दोनों व्यक्ति रिश्ते में चाचा-भतीजे थे और तारानगर नगरपालिका में सफाई कर्मचारी के रूप में काम करते थे। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मृतकों की पहचान संजय कुमार उर्फ मिथुन (38) और कालूराम (34) के रूप में हुई है। हादसा उस समय हुआ, जब दोनों अस्पताल के पास स्थित एक होटल से खाना लेने जा रहे थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल के पास होटल से खाना लेने जा रहे थे दोनों
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, तारानगर निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि बुधवार को उनके घर बेटे का जन्म हुआ था। परिवार के सदस्य जच्चा और नवजात की देखभाल के लिए अस्पताल में मौजूद थे। इसी दौरान गुरुवार रात करीब 10 बजे संजय कुमार और कालूराम बाइक से अस्पताल के पास स्थित होटल दिल्ली दरबार से खाना लेने के लिए निकले थे।
परिवार के लिए यह समय खुशियों का था, क्योंकि घर में दो दिन पहले ही बच्चे का जन्म हुआ था। लेकिन गुरुवार रात हुए हादसे ने इस खुशी को गहरे दुख में बदल दिया। खाना लेने के लिए निकले दोनों रिश्तेदार वापस नहीं लौट सके।
गलत दिशा से आई कार ने बाइक को मारी टक्कर
शिकायत में मुकेश कुमार ने आरोप लगाया कि होटल दिल्ली दरबार से लगभग 500 मीटर पहले तेज रफ्तार कार ने गलत दिशा से आकर बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कार भी पलट गई। हादसे की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग घटनास्थल की ओर दौड़े।
होटल में काम करने वाले श्रवण कुमार, रामावतार सैनी और अन्य लोगों सहित कई स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। वहां मौजूद लोगों ने दोनों बाइक सवारों को तुरंत सरकारी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दुर्घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
सरकारी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखे गए शव
पुलिस ने दोनों मृतकों के शव सरकारी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाए। शुक्रवार सुबह पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। घटना की जानकारी मिलने पर नगरपालिका के प्रतिनिधि और स्थानीय लोग भी अस्पताल पहुंचे।
तारानगर नगरपालिका चेयरमैन हरिप्रसाद शर्मा के अलावा माणकचंद सैनी, जमरदीन तेली, बाबू हुसैन और साबीर हुसैन सहित कई लोग अस्पताल पहुंचे। दोनों कर्मचारियों की मौत से उनके परिचितों और सहकर्मियों में शोक की स्थिति रही।
नगरपालिका में सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत दोनों लोगों की मौत से उनके परिवारों के सामने भावनात्मक और आर्थिक चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं।
पुलिस ने कार चालक के खिलाफ दर्ज किया मामला
पुलिस के अनुसार, मुकेश कुमार की रिपोर्ट के आधार पर कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दुर्घटना की जांच सहायक उपनिरीक्षक (ASI) विजय सिंह को सौंपी गई है।
पुलिस हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। शिकायत में कार की तेज रफ्तार और गलत दिशा से आने का आरोप लगाया गया है। इन आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जानी है। दुर्घटना में कार के पलटने की भी जानकारी सामने आई है।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में कार चालक की पहचान और दुर्घटना के अन्य तकनीकी पहलुओं का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे से जुड़े सभी तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
संजय कुमार के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक संजय कुमार उर्फ मिथुन तारानगर के वार्ड संख्या 20 के निवासी थे। वह पांच भाइयों में सबसे छोटे थे और नगरपालिका में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे। उनकी पत्नी निर्मला भी तारानगर नगरपालिका में सफाई कर्मचारी हैं। दंपती के तीन बेटे हैं।
संजय की मौत से परिवार को बड़ा नुकसान हुआ है। पति-पत्नी दोनों नगरपालिका में काम करते थे और परिवार की जिम्मेदारियों में योगदान देते थे। अब परिवार को इस अचानक हुए नुकसान से उबरने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
घटना के बाद परिवार और परिचितों के बीच शोक का माहौल है। स्थानीय स्तर पर भी दोनों कर्मचारियों की मौत को लेकर दुख व्यक्त किया जा रहा है।
तीन भाइयों में सबसे छोटे थे कालूराम
दूसरे मृतक कालूराम भी तारानगर नगरपालिका में सफाई कर्मचारी के रूप में काम करते थे। वह तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। परिवार की आजीविका की जिम्मेदारी मुख्य रूप से उन्हीं पर थी। उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं।
कालूराम की मौत से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ने की आशंका है। परिवार का भरण-पोषण करने वाले सदस्य के अचानक चले जाने से परिजनों के सामने भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
तारानगर में हुआ यह हादसा तेज रफ्तार और सड़क पर लापरवाही के संभावित खतरों की ओर ध्यान दिलाता है। हालांकि दुर्घटना के कारणों और जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण पुलिस जांच के बाद ही होगा, लेकिन इस घटना में दो परिवारों ने अपने करीबी सदस्यों को खो दिया है।
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए निर्धारित गति सीमा का पालन, सही दिशा में वाहन चलाना और सड़क पर सतर्कता बनाए रखना महत्वपूर्ण है। दुर्घटना के बाद घायलों को जल्द चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना भी जरूरी होता है।
फिलहाल, तारानगर पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। संजय कुमार और कालूराम की मौत से उनके परिवारों, सहकर्मियों और स्थानीय लोगों में शोक है।












