आर्थर फेरी ने सिनसिनाटी ओपन में जैक डकवर्थ को तीन सेट के रोमांचक मुकाबले में हराकर शानदार वापसी की। विंबलडन सेमीफाइनलिस्ट फेरी ने टाई-ब्रेक में दबाव संभाला और अब अगले दौर में एलेक्स डी मिनौर से भिड़ेंगे।
टेनिस: सिनसिनाटी ओपन: ब्रिटेन के युवा टेनिस खिलाड़ी आर्थर फेरी ने सिनसिनाटी ओपन में जीत के साथ वापसी की है। विंबलडन में चौंकाने वाला प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल तक पहुंचने के बाद अपने पहले मुकाबले में फेरी ने ऑस्ट्रेलिया के जैक डकवर्थ को तीन सेट के रोमांचक मुकाबले में मात दी। हालांकि, मुकाबले के दौरान तेज गर्मी ने खिलाड़ियों की परीक्षा ली।
विंबलडन के बाद पहली बार कोर्ट पर उतरे फेरी
24 वर्षीय आर्थर फेरी ने विंबलडन 2026 में अपने प्रदर्शन से टेनिस जगत को चौंका दिया था। टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले उनकी विश्व रैंकिंग 114 थी और उन्होंने इससे पहले किसी ग्रैंड स्लैम में दूसरे दौर से आगे का सफर तय नहीं किया था। इसके बावजूद उन्हें घरेलू ग्रैंड स्लैम के लिए वाइल्डकार्ड मिला और उन्होंने इसका पूरा फायदा उठाया।
फेरी ने विंबलडन में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल तक जगह बनाई। इस सफर में उन्होंने कई अनुभवी खिलाड़ियों को पीछे छोड़ा। हालांकि, अंतिम चार में उनका सामना जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव से हुआ, जहां उनका अभियान समाप्त हो गया।
विंबलडन के बाद फेरी ने कुछ समय आराम किया और फिर लंदन के रोहेम्पटन स्थित नेशनल टेनिस सेंटर में प्रशिक्षण लिया। सिनसिनाटी ओपन उनका विंबलडन के बाद पहला प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट है।
डकवर्थ के खिलाफ तीन सेट में रोमांचक जीत
सिनसिनाटी में फेरी का सामना ऑस्ट्रेलिया के जैक डकवर्थ से हुआ। दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला दो घंटे 34 मिनट तक चला। फेरी ने शुरुआती सेट में बेहतर नियंत्रण दिखाते हुए 6-4 से जीत दर्ज की।
दूसरे सेट में डकवर्थ ने जोरदार वापसी की। उन्होंने फेरी की सर्विस और बेसलाइन गेम पर दबाव बनाया और 6-2 से सेट अपने नाम कर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। इस दौरान फेरी को गर्म मौसम में लगातार लंबे रैलियों और तेज गति वाले खेल से जूझना पड़ा।
निर्णायक तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। कोई भी खिलाड़ी आसानी से बढ़त छोड़ने के लिए तैयार नहीं था। आखिरकार मुकाबला टाई-ब्रेक तक पहुंचा, जहां फेरी ने धैर्य बनाए रखते हुए 7-4 से टाई-ब्रेक जीत लिया। इसके साथ ही उन्होंने मैच 6-4, 2-6, 7-6 (7-4) से अपने नाम कर लिया।
करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग तक पहुंचे
विंबलडन में शानदार प्रदर्शन का सीधा असर फेरी की विश्व रैंकिंग पर पड़ा। टूर्नामेंट से पहले 114वें स्थान पर मौजूद ब्रिटिश खिलाड़ी सेमीफाइनल तक पहुंचने के बाद करियर की सर्वश्रेष्ठ 36वीं रैंकिंग तक पहुंच गए।
सिनसिनाटी ओपन में वह 32वीं वरीयता के साथ उतरे हैं। यह उनके करियर का केवल दूसरा मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट है। इसलिए इस प्रतियोगिता में उनका प्रदर्शन आगामी यूएस ओपन से पहले बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फेरी के लिए सिनसिनाटी सिर्फ वापसी का मंच नहीं है, बल्कि यह उनके लिए यह साबित करने का अवसर भी है कि विंबलडन का शानदार प्रदर्शन महज एक संयोग नहीं था। अब उनकी कोशिश लगातार बड़े टूर्नामेंटों में बेहतर प्रदर्शन करने की होगी।
अगले दौर में पांचवीं वरीयता प्राप्त डी मिनौर से मुकाबला
पहले दौर की चुनौती पार करने के बाद फेरी के सामने अब और कठिन परीक्षा होगी। अगले दौर में उनका सामना ऑस्ट्रेलिया के पांचवीं वरीयता प्राप्त एलेक्स डी मिनौर से होगा।
डी मिनौर तेज गति, बेहतरीन कोर्ट कवरेज और रक्षात्मक खेल को आक्रामक जवाब में बदलने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में फेरी के लिए यह मुकाबला उनके वर्तमान स्तर का वास्तविक परीक्षण साबित हो सकता है।
फेरी के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपनी सर्विस और बेसलाइन गेम को डी मिनौर के दबाव के सामने प्रभावी बनाए रखना होगी। सिनसिनाटी की गर्म परिस्थितियों में लंबी रैलियां भी मुकाबले का परिणाम प्रभावित कर सकती हैं।

विंबलडन की सफलता के बाद बढ़ी उम्मीदें
फेरी की विंबलडन यात्रा ने उन्हें ब्रिटिश टेनिस के उभरते चेहरों में शामिल कर दिया है। घरेलू ग्रैंड स्लैम में सेमीफाइनल तक पहुंचने के बाद उनके प्रति प्रशंसकों और विशेषज्ञों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
हालांकि, टेनिस में किसी एक टूर्नामेंट की सफलता को लगातार प्रदर्शन में बदलना सबसे बड़ी चुनौती होती है। फेरी के लिए सिनसिनाटी और इसके बाद यूएस ओपन इसी प्रक्रिया का अगला चरण हैं।
उनकी पहली जीत यह संकेत देती है कि वह विंबलडन के बाद प्रतिस्पर्धी लय में लौट चुके हैं। डकवर्थ के खिलाफ तीन सेट तक चले मुकाबले में दबाव के बीच निर्णायक टाई-ब्रेक जीतना उनकी मानसिक मजबूती का भी संकेत माना जा सकता है।
कैमरन नॉरी को मिली हार
सिनसिनाटी ओपन में एक अन्य ब्रिटिश खिलाड़ी कैमरन नॉरी को निराशा हाथ लगी। नॉरी को जर्मनी के शीर्ष वरीय खिलाड़ी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।
नॉरी ने मुकाबले की शुरुआत में संघर्ष किया, लेकिन दूसरे सेट में वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर दिया। हालांकि निर्णायक सेट में जर्मन खिलाड़ी ने फिर नियंत्रण हासिल किया और मुकाबला अपने नाम कर लिया।
ब्रिटिश टेनिस के लिए जहां नॉरी की हार निराशाजनक रही, वहीं फेरी की जीत ने टूर्नामेंट में देश की उम्मीदों को बनाए रखा है।
यूएस ओपन से पहले फेरी के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव
सिनसिनाटी ओपन का आयोजन अमेरिकी हार्ड कोर्ट सत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके बाद खिलाड़ियों का ध्यान साल के अंतिम ग्रैंड स्लैम यूएस ओपन पर रहेगा। ऐसे में फेरी के लिए प्रत्येक मुकाबला तैयारी और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर है।
विंबलडन में घास के कोर्ट पर शानदार प्रदर्शन करने के बाद अब हार्ड कोर्ट पर उनकी क्षमता का परीक्षण होगा। अलग सतह पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी चुनौती होती है।
डकवर्थ के खिलाफ जीत से फेरी ने कम से कम शुरुआत अच्छी कर दी है। अब डी मिनौर के खिलाफ मुकाबला यह बताएगा कि वह शीर्ष स्तर के खिलाड़ियों के सामने कितनी मजबूती से खेल सकते हैं।
फेरी की जीत का महत्व
आर्थर फेरी की सिनसिनाटी ओपन में जीत कई मायनों में महत्वपूर्ण है। विंबलडन के सेमीफाइनल के बाद प्रतिस्पर्धी टेनिस में वापसी, तीन सेट के दबाव वाले मुकाबले में जीत और निर्णायक टाई-ब्रेक में संयम—इन सभी पहलुओं ने उनकी मौजूदा फॉर्म की सकारात्मक तस्वीर पेश की है।
अब निगाहें डी मिनौर के खिलाफ होने वाले मुकाबले पर होंगी। यदि फेरी वहां भी प्रभावशाली प्रदर्शन करते हैं, तो उनकी नजरें सिनसिनाटी में गहरे तक जाने के साथ यूएस ओपन में भी बड़े उलटफेर पर होंगी। ब्रिटिश टेनिस को लंबे समय बाद मिले इस उभरते सितारे के सफर पर अब दुनिया भर के प्रशंसकों की नजर है।












