Closing Bell: ग्लोबल टेंशन का असर, शेयर बाजार में बड़ी गिरावट; सेंसेक्स 1065 अंक टूटा

Closing Bell: ग्लोबल टेंशन का असर, शेयर बाजार में बड़ी गिरावट; सेंसेक्स 1065 अंक टूटा

ग्लोबल टेंशन, कमजोर रुपये और Q3 नतीजों के बाद बिकवाली से मंगलवार को शेयर बाजार गिरा। सेंसेक्स 1065 अंक टूटकर 82,180 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 353 अंक गिरकर 25,232 पर पहुंच गया।

Closing Bell Today: मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बाद जोरदार गिरावट देखने को मिली। एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेत, बढ़ते global geopolitical tension, दिसंबर तिमाही के नतीजों के बाद चुनिंदा शेयरों में बिकवाली और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने निवेशकों की धारणा को कमजोर कर दिया। दिनभर बाजार पर बिकवाली का दबाव बना रहा और क्लोजिंग पर सेंसेक्स व निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए।

बाजार की शुरुआत से ही दबाव

बीएसई सेंसेक्स की शुरुआत 83,207 अंक पर हल्की कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में बाजार संभलने की कोशिश करता दिखा, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, बिकवाली तेज होती चली गई। दोपहर बाद sell-off और गहरा हो गया और अंत में सेंसेक्स 1065.71 अंक यानी 1.28 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ 82,180.47 के स्तर पर बंद हुआ।

निफ्टी-50 की शुरुआत 25,580 पर लगभग सपाट रही। हालांकि, खुलने के कुछ ही मिनटों में यह 25,500 के नीचे फिसल गया। दिन के दूसरे हिस्से में दबाव और बढ़ा, जिससे निफ्टी 353 अंक या 1.38 प्रतिशत टूटकर 25,232.50 पर बंद हुआ।

निवेशकों में डर का माहौल

आज के कारोबारी सत्र में बाजार की चाल पूरी तरह risk-off mood में नजर आई। निवेशक बढ़ते वैश्विक तनावों को लेकर सतर्क दिखे। खासतौर पर यूरोप और अमेरिका से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रमों ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर मोड़ दिया। इसका सीधा असर इक्विटी बाजार पर पड़ा और ज्यादातर सेक्टर्स में बिकवाली देखने को मिली।

दिसंबर तिमाही के नतीजों का असर

दिसंबर तिमाही के नतीजों के बाद कई बड़े शेयरों में profit booking देखने को मिली। कुछ कंपनियों के नतीजे बाजार की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके, जिससे संबंधित स्टॉक्स पर दबाव बना। इससे broader market sentiment कमजोर हुआ और इंडेक्स पर नकारात्मक असर पड़ा।

रुपये की कमजोरी ने बढ़ाया दबाव

डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार कमजोरी भी बाजार पर भारी पड़ी। कमजोर रुपया विदेशी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना रहा। Foreign Institutional Investors लगातार सतर्क रुख अपनाए हुए हैं, जिससे बाजार में लिक्विडिटी पर दबाव दिखा। रुपये की गिरावट का असर बैंकिंग और इंपोर्ट-डिपेंडेंट सेक्टर्स पर साफ नजर आया।

ग्लोबल मार्केट्स से मिले कमजोर संकेत

एशियाई बाजारों में भी मंगलवार को कमजोरी का माहौल रहा। जापान का निक्केई 225 और दक्षिण कोरिया का कोस्पी सबसे ज्यादा गिरने वाले प्रमुख इंडेक्स रहे। जापान में राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ गई है, क्योंकि प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने अगले महीने जल्द चुनाव कराने का ऐलान किया है। इससे वहां के शेयर बाजारों में अस्थिरता देखने को मिली।

वॉल स्ट्रीट सोमवार को Martin Luther King Junior Day के चलते बंद रहा, लेकिन वैश्विक निवेशकों का रुख पहले से ही सतर्क बना हुआ है। अमेरिका और यूरोप से जुड़ी खबरों ने एशियाई बाजारों पर दबाव डाला, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।

सेक्टोरल परफॉर्मेंस कमजोर

आज के सत्र में लगभग सभी प्रमुख सेक्टर्स लाल निशान में बंद हुए। बैंकिंग, आईटी, मेटल और ऑटो सेक्टर में बिकवाली का दबाव ज्यादा देखने को मिला। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी रही, जिससे यह साफ हुआ कि गिरावट सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं थी।

वॉल्यूम के साथ बढ़ी गिरावट

बाजार में गिरावट सिर्फ अंकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी बढ़ोतरी देखने को मिली। यह संकेत देता है कि निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं और कैश पोजिशन बढ़ा रहे हैं। ट्रेडर्स के बीच short-term caution साफ नजर आई।

IPO सेगमेंट में हलचल

आईपीओ मार्केट में आज कुछ हलचल रही। मेनबोर्ड सेगमेंट में Shadowfax Technologies का आईपीओ निवेश के लिए खुलने जा रहा है, जिस पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। वहीं SME सेगमेंट में Aritas Vinyl का आईपीओ आज बंद हो जाएगा। इसके अलावा Digilogic Systems का इश्यू आज खुला।

SME सेगमेंट में ही Avana Electrosystems के शेयर मंगलवार को बाजार में लिस्ट हुए। हालांकि, कमजोर बाजार माहौल के चलते निवेशक आईपीओ को लेकर भी सतर्क नजर आए।

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