Closing Bell: फेड रेट कट से भारतीय बाजार में जबरदस्त तेजी, सेंसेक्स 426 अंक उछला; निफ्टी 25898 पर मजबूत क्लोजिंग

फेड की रेट कट के बाद भारतीय बाजार में मजबूती लौटी। सेंसेक्स 426 अंक और निफ्टी 140 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुए। मेटल, ऑटो और फार्मा सेक्टर में तेजी जबकि मीडिया

फेडरल रिजर्व की रेट कट के बाद भारतीय शेयर बाजार में मजबूती लौटी। सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए। मेटल, ऑटो व फार्मा सेक्टर में खरीदारी दिखी, जबकि मीडिया और ऑयल-गैस दबाव में रहे। ग्लोबल रैली ने बाजार को सपोर्ट दिया।

Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार, 11 दिसंबर 2025 को मजबूती के साथ कारोबार समाप्त किया। तीन दिनों से जारी गिरावट को तोड़ते हुए बाजार ने सकारात्मक क्लोजिंग दी। इसका मुख्य कारण अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में की गई कटौती रही, जिसने ग्लोबल सेंटीमेंट्स को सपोर्ट दिया। एशियाई बाजारों की तेजी ने भी घरेलू निवेशकों को मजबूत संकेत दिए। बाजार में शुरुआती हलचल के बाद दूसरी छमाही में लगातार खरीद बढ़ी, जिससे प्रमुख इंडेक्स ऊपरी स्तरों पर बंद हुए।

सेंसेक्स और निफ्टी की मजबूत क्लोजिंग

बीएसई सेंसेक्स ने 84,456 अंकों पर शुरुआत की। शुरुआती घंटों में इंडेक्स में उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन दिन आगे बढ़ने के साथ चुनिंदा सेक्टर्स में खरीदारी बढ़ी। इसका नतीजा यह रहा कि सेंसेक्स 426.86 अंक या 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ 84,818.13 पर बंद हुआ। निफ्टी-50 की शुरुआत 25,771 अंक पर हुई और शुरुआती समय में बाजार थोड़ा कमजोर दिखा, लेकिन बाद में इसमें मजबूती लौटी। निफ्टी 140.55 अंक या 0.55 प्रतिशत चढ़कर 25,898.55 पर बंद हुआ। यह संकेत देता है कि ग्लोबल संकेतों का बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा।

टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स का प्रदर्शन

सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में टाटा स्टील, इटरनल, कोटक महिंद्रा बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी, सन फार्मा, टेक महिंद्रा और टीएमपी ने 2.5 प्रतिशत तक की तेजी दिखाई। इन शेयरों में खरीद बढ़ने की वजह फेड की रेट कट के बाद ग्लोबल ग्रोथ की उम्मीदें और गिरावट के बाद आकर्षक वैल्यूएशन रहे। दूसरी ओर, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड, आईसीआईसीआई बैंक और टाइटन में गिरावट दर्ज की गई। इन शेयरों में प्रॉफिट बुकिंग का दबाव रहा और निवेशक सतर्क दिखे।

ब्रॉडर मार्केट में भी तेजी

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बेहतर रुझान देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.97 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स भी 0.81 प्रतिशत बढ़ा। यह प्रदर्शन दिखाता है कि बाजार में तेजी सिर्फ लार्ज कैप तक सीमित नहीं रही, बल्कि निवेशकों ने छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों में भी खरीदारी दिखाई। ब्रॉडर मार्केट का सकारात्मक रुझान बताता है कि बाजार की रिकवरी व्यापक और मजबूत रही।

सेक्टर इंडेक्स का मूवमेंट

निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.06 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो इंडेक्स 1.11 प्रतिशत चढ़े। फेड रेट कट के बाद इन सेक्टर्स में तेजी देखी गई क्योंकि ब्याज दरों में कमी से मैन्युफैक्चरिंग और ऑटो सेक्टर को राहत मिलती है। निफ्टी फार्मा और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स भी लगभग 1 प्रतिशत बढ़े। घरेलू मांग में सुधार और अनुकूल वैश्विक माहौल ने इन सेक्टर्स को सपोर्ट दिया। इस बीच निफ्टी मीडिया इंडेक्स 0.9 प्रतिशत गिरा और निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज हुई। इन सेक्टर्स में कमजोरी का कारण ग्लोबल क्रूड प्राइस मूवमेंट और निवेशकों की सतर्कता रही।

फेडरल रिजर्व की रेट कट का असर

अमेरिका के फेडरल रिजर्व ने बुधवार को लगातार तीसरी बार 0.25 प्रतिशत की ब्याज दर कटौती की। इस कटौती के बाद दर लगभग 3.6 प्रतिशत पर आ गई, जो पिछले तीन वर्षों में सबसे निचला स्तर है। फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि फिलहाल आर्थिक संकेतों पर नजर रखी जाएगी और आगे की रेट कट इकोनॉमिक कंडीशन्स पर निर्भर करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा ब्याज दरें ऐसी स्थिति में हैं जहां वे न तो अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ाती हैं और न ही उसे धीमा करती हैं। फेड की रिपोर्ट के अनुसार, अगले वर्ष केवल एक रेट कट की संभावना जताई गई है। रेट कट का सीधा फायदा ग्लोबल इक्विटी मार्केट को मिला और इसका असर भारत पर भी देखा गया।

ग्लोबल मार्केट में मिला सपोर्ट

एशियाई बाजारों में ज्यादातर इंडेक्स मजबूती में रहे। चीन का CSI 300 इंडेक्स 0.3 प्रतिशत बढ़ा, हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 0.66 प्रतिशत चढ़ा और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.67 प्रतिशत ऊपर रहा। हालांकि जापान का निक्केई इंडेक्स 0.39 प्रतिशत गिरा। अमेरिकी बाजार भी तेजी में रहे जहां डाउ जोन्स 1.05 प्रतिशत, एसएंडपी 500 0.67 प्रतिशत और नैस्डैक 0.3 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। ग्लोबल रैली ने भारतीय बाजार को अतिरिक्त सपोर्ट दिया।

कमोडिटी मार्केट की प्रतिक्रिया

फेड की रेट कट के बाद कमोडिटी बाजार में भी तेजी देखी गई। चांदी की कीमतें LSEG के डेटा के अनुसार 62.6 डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। वहीं अमेरिकी डॉलर इंडेक्स गिरकर 98.54 के निचले स्तर पर आ गया, जिससे गोल्ड और सिल्वर जैसी कमोडिटी को सपोर्ट मिला। डॉलर की कमजोरी के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर मुड़े और चांदी में तेज खरीदारी देखी गई।

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