बजट से जुड़े शुरुआती झटकों के बाद शेयर बाजार में दमदार वापसी देखने को मिली। सेंसेक्स 944 अंक चढ़ा, जबकि निफ्टी 25,100 के करीब बंद हुआ। हैवीवेट शेयरों में आखिरी घंटे की खरीदारी ने बाजार को संभाला।
Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को बजट से जुड़े शुरुआती झटकों को पीछे छोड़ते हुए कारोबार के आखिरी घंटे में जोरदार वापसी की। दिन की शुरुआत भले ही दबाव के साथ हुई हो, लेकिन जैसे-जैसे सत्र आगे बढ़ा, निवेशकों का भरोसा लौटता दिखा। रिलायंस इंडस्ट्रीज, अदाणी पोर्ट्स, बीईएल, एलएंडटी, एमएंडएम, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे बड़े शेयरों में आखिरी दौर की मजबूत खरीदारी ने बाजार की दिशा पूरी तरह बदल दी। नतीजा यह रहा कि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही हरे निशान में मजबूती के साथ बंद हुए।
सेंसेक्स और निफ्टी में दमदार क्लोजिंग
कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 944 अंक यानी 1.17 प्रतिशत की तेजी के साथ 81,666 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 263 अंक या 1.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,088 के स्तर पर दिन का कारोबार खत्म किया। खास बात यह रही कि यह रिकवरी उस बिकवाली के ठीक एक दिन बाद आई, जो बजट 2026 के स्पेशल सेशन के दौरान देखने को मिली थी।
रविवार को सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स यानी STT में दो साल बाद बढ़ोतरी के एलान से निवेशकों में घबराहट फैल गई थी। इसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 1.8 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई थी। सोमवार को बाजार ने यह संकेत दिया कि बजट से जुड़ी नकारात्मक खबरों को काफी हद तक पचा लिया गया है।
आखिरी घंटे की खरीदारी ने बदली तस्वीर
सोमवार के कारोबार का सबसे अहम पहलू आखिरी घंटे में देखने को मिला। दिन भर बाजार सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव करता रहा, लेकिन अंतिम सत्र में हैवीवेट शेयरों में अचानक तेज खरीदारी आई। रिलायंस इंडस्ट्रीज और एलएंडटी में एक प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। बैंकिंग शेयरों में आई मजबूती ने भी इंडेक्स को ऊपर खींचने में बड़ी भूमिका निभाई।
विशेषज्ञों का मानना है कि बजट के बाद हुई बिकवाली के चलते कई अच्छे शेयर आकर्षक वैल्यूएशन पर आ गए थे। लॉन्ग टर्म निवेशकों ने इसी मौके का फायदा उठाते हुए चुनिंदा ब्लूचिप शेयरों में निवेश किया।
टॉप गेनर और टॉप लूजर का हाल
सोमवार के कारोबार में सेंसेक्स के टॉप गेनर शेयरों में एलएंडटी, एशियन पेंट्स, अदाणी पावर, रिलायंस इंडस्ट्रीज, पावरग्रिड और बीईएल शामिल रहे। एलएंडटी और रिलायंस इंडस्ट्रीज में एक प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। बीईएल और पावरग्रिड जैसे डिफेंस और पावर सेक्टर से जुड़े शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
वहीं दूसरी ओर, कुछ बड़े शेयर दबाव में रहे। टॉप लूजर की लिस्ट में आईटीसी, इंफोसिस, ट्रेंट, टाइटन और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसे नाम शामिल रहे। ट्रेंट, इंफोसिस और आईटीसी के शेयरों में एक प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। तंबाकू और आईटी सेक्टर पर बजट के बाद बने दबाव का असर इन शेयरों में साफ नजर आया।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी लौटी रौनक
केवल बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में भी सोमवार को अच्छी रिकवरी देखने को मिली। बजट के बाद इन सेगमेंट्स में ज्यादा दबाव देखने को मिला था, लेकिन सोमवार को निवेशकों ने यहां भी चुनिंदा शेयरों में खरीदारी की। इससे बाजार में यह संकेत मिला कि निवेशक जोखिम लेने के लिए फिर से तैयार हो रहे हैं।
एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेत
वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई शेयर बाजारों में सोमवार को मिला-जुला रुख देखने को मिला। निवेशकों की नजर चीन की फैक्ट्री एक्टिविटी से जुड़े जनवरी महीने के निजी आंकड़ों पर टिकी हुई थी। इसी वजह से एशिया के प्रमुख बाजारों में कोई स्पष्ट दिशा नहीं दिखी।
अंतिम अपडेट तक चीन का CSI 300 इंडेक्स करीब 0.01 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। जापान का निक्केई 0.75 प्रतिशत ऊपर रहा, जबकि हॉन्गकॉन्ग का हैंग सेंग 1.34 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.63 प्रतिशत की गिरावट में रहा। एशियाई बाजारों की यह कमजोरी भारतीय बाजार पर शुरुआती दबाव की एक वजह रही।
वॉल स्ट्रीट का असर और ग्लोबल सेंटिमेंट
अमेरिकी शेयर बाजारों की बात करें तो शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट के प्रमुख इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए थे। टेक शेयरों में बिकवाली के चलते S&P 500 में 0.43 प्रतिशत, नैस्डैक में 0.94 प्रतिशत और डॉव जोन्स में 0.36 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।
हालांकि निवेशकों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा केविन वार्श को फेडरल रिजर्व का प्रमुख चुने जाने के फैसले को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। इसके बावजूद शॉर्ट टर्म में ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बनी हुई है, जिसका असर उभरते बाजारों पर भी दिख रहा है।
कमोडिटी बाजार और बिटकॉइन पर नजर
कमोडिटी बाजार में भी निवेशकों की नजर बनी हुई है। हाल के दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है। इसी अनिश्चित माहौल के बीच बिटकॉइन अप्रैल के बाद पहली बार 80,000 डॉलर के स्तर से नीचे फिसल गया है। यह साफ संकेत देता है कि निवेशक फिलहाल जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बना रहे हैं और कैश पोजिशन मजबूत कर रहे हैं।
आज जारी होंगे Q3 नतीजे
सोमवार को कई बड़ी कंपनियां अपने तीसरी तिमाही यानी Q3 के नतीजे जारी करने वाली हैं। इनमें बजाज हाउसिंग फाइनेंस, हुंडई मोटर इंडिया, इंडस टावर्स, महिंद्रा लाइफस्पेस डेवलपर्स, ओला इलेक्ट्रिक, PB फिनटेक, रेलटेल और टाटा केमिकल्स शामिल हैं। इसके अलावा रविवार को आए लेटेंट व्यू एनालिटिक्स के नतीजों पर भी बाजार की नजर रहेगी।
इन शेयरों पर रहेगी खास नजर
बजट के बाद कुछ सेक्टर और शेयर निवेशकों के रडार पर बने हुए हैं। 1 फरवरी से सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर बढ़ी हुई एक्साइज ड्यूटी लागू होने के बाद आईटीसी, गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया, एलीटकॉन इंटरनेशनल, VST इंडस्ट्रीज और NTC इंडस्ट्रीज जैसे शेयरों में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
इसके अलावा फ्यूचर्स और ऑप्शंस से जुड़े सौदों पर STT को 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत किए जाने के बाद BSE, NSDL, Groww और एंजेल वन जैसे कैपिटल मार्केट से जुड़े शेयर भी फोकस में रहेंगे।
बैंकिंग शेयरों में भी हलचल बनी रह सकती है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, HDFC बैंक और ICICI बैंक सहित अन्य बैंकों पर निवेशकों की नजर इसलिए रहेगी क्योंकि केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2027 के लिए कुल बाजार उधारी 17.2 ट्रिलियन रुपये तय की है। शुद्ध उधारी का आंकड़ा 11.7 ट्रिलियन रुपये रखा गया है, जो बाजार के अनुमानों से ज्यादा है।










