Rajasthan: सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर केंद्र सरकार की ‘Sardar@150 यूनिटी मार्च’ के तहत जयपुर से ‘यमुना प्रवाह पदयात्रा’ की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अमर जवान ज्योति से यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसमें राजस्थान सहित आठ राज्यों के प्रतिभागी शामिल हैं, जो राष्ट्रीय एकता का संदेश देंगे।
जयपुर में बुधवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित ‘Sardar@150 यूनिटी मार्च’ का महत्वपूर्ण चरण शुरू हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अमर जवान ज्योति शहीद स्मारक से ‘यमुना प्रवाह पदयात्रा’ को रवाना किया। इस पदयात्रा में राजस्थान सहित आठ राज्यों के यात्री शामिल हुए हैं, जो सरदार पटेल के राष्ट्र एकीकरण और अखंडता के संदेश को देशभर में ले जाने का संकल्प लिए आगे बढ़े।
कार्यक्रम में सांसद मंजू शर्मा, विधायक कालीचरण सराफ, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ और कई वरिष्ठ सामाजिक एवं राजनीतिक नेता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार पटेल ने पूरे देश को एक सूत्र में बांधने का जो कार्य किया, वह आज भी प्रेरणा का स्रोत है।
'गंगा-यमुना प्रवाह यात्राएं राजस्थान में पहुंचीं'
सरदार@150 यूनिटी मार्च के तहत देश की चार प्रमुख नदियों के नाम पर चार पदयात्राएं शुरू की गई हैं, जिनमें से दो—गंगा प्रवाह और यमुना प्रवाह—राजस्थान से होकर गुजर रही हैं। गंगा प्रवाह यात्रा को दिल्ली से भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने रवाना किया था। यह यात्रा अलवर, सवाईमाधोपुर, कोटा, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर होते हुए गुजरात के करमसद, सरदार पटेल के जन्मस्थान, पहुंचेगी।

वहीं यमुना प्रवाह यात्रा जयपुर से शुरू होकर अजमेर, पाली, जोधपुर और सिरोही जिलों से गुजरते हुए गुजरात जाएगी। दोनों यात्राएं मिलकर राजस्थान के कुल दस जिलों को कवर करेंगी। इनमें हरियाणा, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़, दिल्ली, उप्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान के चुने हुए यात्री शामिल हैं, जिनमें युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी गई है।
राजस्थानी संस्कृति का भव्य स्वागत
यमुना प्रवाह यात्रा के दौरान हर जिले में राजस्थानी संस्कृति का जोरदार प्रदर्शन हुआ। अलवर में यात्रियों का स्वागत भरतहरि नाट्य के जरिए किया गया, जबकि सवाईमाधोपुर में कन्हैया दंगल आयोजित हुआ। कोटा में रिवर फ्रंट पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, और चित्तौड़गढ़ में यात्रियों को सांवरिया सेठ के दर्शन कराए जाएंगे। उदयपुर में महाराणा प्रताप पर बनी डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से ऐतिहासिक गौरव का अनुभव कराया जाएगा।
यात्रा में छात्र संवाद और सांस्कृतिक कार्यक्रम
जयपुर से पुष्कर तक के पहले चरण में हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय में छात्र संवाद और दोपहर का भोजन आयोजित किया गया। शाम को पुष्कर में विश्व प्रसिद्ध ब्रह्मा मंदिर के दर्शन और सरोवर आरती का आयोजन हुआ। अगले दिन अजमेर में बाजार संपर्क अभियान और एमडीएस यूनिवर्सिटी में छात्र संवाद किया गया। जोधपुर पहुंचते ही पारंपरिक घूमर नृत्य और मेहरानगढ़ किले का भ्रमण यात्रियों के लिए रखा गया।
सभी यात्राएं करमसद में एकत्रित होंगी
चारों यात्राएं अंततः गुजरात के करमसद में एकत्र होंगी, जहां विशाल समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान हर जिले में बाजार संपर्क अभियान, युवा संवाद और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए ताकि सरदार पटेल के योगदान और राष्ट्र निर्माण की कहानी आमजन तक पहुंच सके। भाजपा का दावा है कि यह यात्राएं देश में एकता, अखंडता और राष्ट्रीय गौरव को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगी।












