मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी और विश्वकर्मा पूजा को लेकर सुरक्षा तैयारियों के निर्देश दिए। मथुरा-वृंदावन में भीड़ नियंत्रण की विशेष योजना बनेगी और गणेश प्रतिमाओं की ऊंचाई निर्धारित की जाएगी।
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी पर्वों को लेकर पुलिस-प्रशासन को विशेष तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए विस्तृत योजना तैयार की जाएगी। श्री बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन के साथ समन्वय कर जरूरत के अनुसार होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे। गणेश विसर्जन के दौरान हादसे रोकने के लिए प्रतिमाओं की ऊंचाई भी निर्धारित सीमा में रखने को कहा गया है।
मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी की विशेष तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूरे प्रदेश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है। मथुरा-वृंदावन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए भीड़ नियंत्रण की विस्तृत कार्ययोजना पहले से तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
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श्री बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन के साथ समन्वय कर अलग व्यवस्था बनाने और आवश्यकता के अनुसार होल्डिंग एरिया तैयार करने को कहा गया है। वृंदावन में नया पुलिस सर्किल गठित करने और आवश्यक पुलिस बल की तैनाती के साथ मथुरा और वृंदावन के लिए अलग-अलग संयुक्त मजिस्ट्रेट की तैनाती के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी थानों और पुलिस लाइनों में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाने को कहा। थानों में आकर्षक झांकियां सजाने और आम लोगों को इसमें शामिल करने के निर्देश दिए गए।
गणेश प्रतिमाओं की ऊंचाई निर्धारित होगी
गणेश चतुर्थी के बाद प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा। हाईटेंशन तारों से दुर्घटना की आशंका को देखते हुए गणेश प्रतिमाओं की ऊंचाई निर्धारित सीमा के भीतर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नदियों में बढ़े जलस्तर को देखते हुए विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और अराजक तत्वों पर प्रभावी नजर रखने के भी निर्देश दिए गए।
पांच साल से पुराने राजस्व मामलों का होगा निस्तारण
मुख्यमंत्री ने राजस्व न्यायालयों में वर्षों से लंबित मामलों को समयबद्ध तरीके से निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जमीन, संपत्ति और नागरिकों के अधिकारों से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
नायब तहसीलदार से लेकर राजस्व परिषद तक के न्यायालयों में पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित करने को कहा गया है। धारा 33 के अविवादित वरासत मामलों को मिशन मोड में निस्तारित करने के निर्देश भी दिए गए।
जनशिकायतों के वास्तविक समाधान पर जोर
जनता दर्शन और आईजीआरएस से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए। संबंधित तथ्यों और अभिलेखों की जांच के बाद ही कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
असंतुष्ट फीडबैक वाले मामलों की दोबारा समीक्षा करने को कहा गया। गलत रिपोर्ट के आधार पर बंद किए गए मामलों में संबंधित जिलाधिकारी या पुलिस कप्तान से पांच दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगे जाने के निर्देश दिए गए।
अपराध नियंत्रण और बाढ़ राहत की भी समीक्षा
बैठक में 13 जुलाई से 23 अगस्त के बीच प्रदेश में अपराध की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों के अनुसार, 13 से 19 जुलाई की तुलना में 17 से 23 अगस्त के दौरान कुल एफआईआर में 0.4 प्रतिशत, गंभीर अपराधों में 5.1 प्रतिशत, महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में 3.9 प्रतिशत और अनुसूचित जाति/जनजाति के विरुद्ध अपराधों में 11.2 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों में विशेष सतर्कता के साथ त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने महिला बीट पुलिस अधिकारियों की सक्रियता बढ़ाने तथा छेड़खानी और चेन स्नेचिंग जैसी घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा।
इसके अलावा माफियाओं के खिलाफ अभियान जारी रखने और गो-तस्करी, धर्मांतरण, धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़ तथा महापुरुषों की प्रतिमाओं से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने चित्रकूट, फर्रुखाबाद, अयोध्या, आजमगढ़ और बाराबंकी में बाढ़ राहत कार्यों की भी समीक्षा की। राहत शिविरों में गरम भोजन, अस्पतालों में एंटी-वेनम और एंटी-रेबीज की उपलब्धता तथा बाढ़ के बाद संभावित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए गए।









