पीएम आवास के पास कांग्रेस का धरना, जंतर-मंतर पर CJP आंदोलन जारी

दिल्ली में CJP आंदोलन 32वें दिन जारी। PM आवास के पास कांग्रेस का धरना, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और सोनम वांगचुक को मेदांता शिफ्ट करने का आदेश।

दिल्ली में CJP का आंदोलन 32वें दिन भी जारी रहा। कांग्रेस ने पीएम आवास के पास धरना देकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की, जबकि दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल स्थानांतरित करने का आदेश दिया।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक विवाद और छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन मंगलवार को 32वें दिन भी जारी रहा। इस बीच कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रधानमंत्री आवास के निकट धरना दिया। दूसरी ओर, दिल्ली हाईकोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल स्थानांतरित करने का निर्देश दिया, जिससे आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया।

पीएम आवास के पास कांग्रेस का प्रदर्शन

कांग्रेस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के पास विरोध प्रदर्शन किया। धरने में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। पार्टी का आरोप है कि पेपर लीक मामलों में सरकार जवाबदेही तय करने में विफल रही है और छात्रों के भविष्य से जुड़ी घटनाओं पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई। राहुल गांधी ने कहा कि केवल शिक्षा मंत्री ही नहीं, बल्कि इस पूरे मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से छात्रों से माफी मांगने और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

जंतर-मंतर पर 32वें दिन भी जारी रहा CJP का आंदोलन

जंतर-मंतर पर CJP समर्थकों का धरना मंगलवार को भी जारी रहा। सुबह से ही बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी आंदोलन स्थल पर पहुंचने लगे। प्रदर्शनकारियों ने झंडों और बैनरों के साथ अपनी मांगों को दोहराया। सुबह कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने आंदोलनकारियों के लिए नाश्ते की व्यवस्था की। इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर शांतिपूर्ण माहौल देखने को मिला, हालांकि पुलिस की मौजूदगी लगातार बनी रही।

पुलिस पहुंची तो लगे नारे

मंगलवार सुबह जब दिल्ली पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के तहत जंतर-मंतर पहुंची तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ नारे लगाए। इससे पहले सोमवार शाम पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाया था, लेकिन देर रात फिर बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर पर एकत्र हो गए। सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

हाईकोर्ट ने वांगचुक को मेदांता भेजने का दिया निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल स्थानांतरित करने का आदेश दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि मेदांता अस्पताल विशेषज्ञ डॉक्टरों का एक मेडिकल पैनल गठित कर उनके स्वास्थ्य की निगरानी करेगा। यह आदेश वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद दिया गया। याचिका में उनकी पसंद के अस्पताल में इलाज कराने की अनुमति मांगी गई थी।

लंबे समय से जारी है अनशन

सोनम वांगचुक पिछले कई सप्ताह से भूख हड़ताल पर हैं। पुलिस द्वारा उन्हें जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाने के बाद उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही है। उनके समर्थकों का कहना है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार स्पष्ट निर्णय नहीं लेती।

पीएम आवास के पास कांग्रेस का धरना, जंतर-मंतर पर CJP आंदोलन जारी

आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आंदोलन की प्रमुख मांगें पहले जैसी ही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये का मुआवजा, तथा सोनम वांगचुक सहित सभी गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की तत्काल रिहाई उनकी प्राथमिक मांगों में शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि अब आंदोलनकारी सरकार के पास बातचीत के लिए नहीं जाएंगे। यदि सरकार संवाद चाहती है तो उसे जंतर-मंतर आकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत करनी चाहिए।

सरकार का पक्ष

इस बीच एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को कड़ी सजा मिलेगी। सरकार का कहना है कि जांच एजेंसियां विभिन्न मामलों की जांच कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

जंतर-मंतर बना आंदोलन का केंद्र

मंगलवार सुबह से ही जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचते रहे। प्रदर्शन स्थल पर राष्ट्रीय ध्वज, संविधान की प्रति, चरखा और अन्य प्रतीकात्मक वस्तुएं भी रखी गईं, जिन्हें आंदोलनकारी लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी आंदोलन से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो लगातार साझा किए जा रहे हैं, जिससे यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

शिक्षा व्यवस्था और छात्र आंदोलन पर बढ़ी बहस

पेपर लीक विवाद और छात्र आंदोलनों ने देशभर में शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी सुरक्षा को मजबूत करना आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। साथ ही, लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर भी चर्चा तेज हो गई है।

दिल्ली में CJP का आंदोलन, कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन और सोनम वांगचुक के इलाज को लेकर हाईकोर्ट का आदेश—इन तीनों घटनाओं ने छात्र आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को फिर राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है। एक ओर विपक्ष सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दे रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संवाद की कोई नई पहल होती है या नहीं।

 

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