महादेव मंदिर पर गिरी आकाशीय बिजली, गुंबद हुआ क्षतिग्रस्त: पूजा में जुटे 25 श्रद्धालु बाल-बाल बचे, 10 घंटे तक अंधेरे में रहा इलाका

दरभंगा में महादेव मंदिर पर आकाशीय बिजली गिरने से गुंबद क्षतिग्रस्त हो गया। पूजा कर रहे 25 श्रद्धालु सुरक्षित रहे। आंधी-बारिश से 10 घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही
महादेव मंदिर पर गिरी आकाशीय बिजली, गुंबद हुआ क्षतिग्रस्त: पूजा में जुटे 25 श्रद्धालु बाल-बाल बचे, 10 घंटे तक अंधेरे में रहा इलाका
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दरभंगा जिले में सोमवार को तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक के बीच एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जिले के एक महादेव मंदिर पर अचानक आकाशीय बिजली गिरने से मंदिर का गुंबद क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के समय मंदिर के अंदर और परिसर में करीब 25 श्रद्धालु पूजा-अर्चना में शामिल थे। तेज धमाके और बिजली गिरने की आवाज से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि मंदिर में मौजूद सभी श्रद्धालु सुरक्षित रहे और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर के समय मौसम अचानक बदल गया। तेज हवाओं के साथ घने बादल छा गए और कुछ ही देर बाद गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान तेज आवाज के साथ आकाशीय बिजली सीधे मंदिर के गुंबद पर गिरी। बिजली गिरने के प्रभाव से गुंबद का ऊपरी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और निर्माण सामग्री के कुछ टुकड़े नीचे गिरे। धमाके की आवाज सुनकर मंदिर में मौजूद श्रद्धालु घबरा गए और सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मंदिर परिसर पहुंच गए। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे तथा मंदिर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पूरे परिसर का जायजा लिया और यह सुनिश्चित किया कि कहीं कोई व्यक्ति मलबे में फंसा न हो। राहत की बात यह रही कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित मिले। घटना के बाद मंदिर परिसर के आसपास कुछ समय के लिए लोगों की भीड़ जमा रही।

आंधी और बारिश के कारण जिले के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई। तेज हवा के कारण कई स्थानों पर बिजली के तार और पेड़ क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे करीब 10 घंटे तक कई मोहल्लों और गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। बिजली नहीं रहने से लोगों को पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और अन्य दैनिक कार्यों में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। रात तक बिजली विभाग की टीमें अलग-अलग स्थानों पर मरम्मत कार्य में जुटी रहीं और क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त करने का प्रयास करती रहीं।

बिजली विभाग के कर्मचारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में फॉल्ट की पहचान कर टूटे तारों और क्षतिग्रस्त उपकरणों को बदलने का काम शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि तेज आंधी और लगातार बारिश के कारण मरम्मत कार्य में कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन प्राथमिकता के आधार पर बिजली आपूर्ति बहाल करने की कोशिश की गई। देर रात तक अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी गई, जबकि कुछ स्थानों पर काम जारी रहा।

मौसम विभाग ने भी लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। विभाग ने सलाह दी है कि गरज-चमक और आकाशीय बिजली की स्थिति में खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले स्थानों पर जाने से बचें। यदि मौसम अचानक खराब हो जाए तो सुरक्षित भवन के भीतर शरण लें और मौसम सामान्य होने तक बाहर निकलने से परहेज करें।

मंदिर प्रबंधन ने बताया कि बिजली गिरने से गुंबद को नुकसान पहुंचा है, जिसका जल्द ही तकनीकी निरीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद आवश्यक मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। फिलहाल मंदिर में पूजा-पाठ जारी रहेगा, लेकिन क्षतिग्रस्त हिस्से के आसपास सुरक्षा के दृष्टिकोण से श्रद्धालुओं की आवाजाही सीमित की गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि घटना के समय मंदिर में अधिक भीड़ होती या बिजली का प्रभाव सीधे मुख्य मंडप तक पहुंचता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। श्रद्धालुओं ने इसे भगवान महादेव की कृपा बताते हुए सुरक्षित बचने पर आभार व्यक्त किया। वहीं प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश और गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतें तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन या आपदा प्रबंधन विभाग को सूचना दें।

फिलहाल मंदिर की स्थिति का तकनीकी आकलन किया जा रहा है और बिजली विभाग प्रभावित क्षेत्रों में पूरी तरह आपूर्ति सामान्य करने में जुटा है। प्रशासन ने कहा है कि क्षति का विस्तृत आकलन करने के बाद आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाएगा तथा भविष्य में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा के लिए भी आवश्यक उपाय किए जाएंगे।

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