डॉटर्स डे पर कृति सेनन का सवाल- ‘मैं पहुंच गई हूं’ का मैसेज आना बंद हो जाए, तब मनाना बेटी दिवस

डॉटर्स डे पर कृति सेनन ने महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बेटियां तभी सुरक्षित महसूस करेंगी, जब उन्हें सार्वजनिक जगहों पर डर न हो।

डॉटर्स डे पर कृति सेनन ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर संदेश साझा किया। उन्होंने लाइव लोकेशन, पेपर स्प्रे और “मैं पहुंच गई हूं” मैसेज जैसी आदतों का जिक्र करते हुए सुरक्षित और स्वतंत्र समाज की जरूरत पर जोर दिया।

बॉलीवुड: डॉटर्स डे यानी बेटी दिवस के मौके पर बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन ने महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर उनके अनुभव को लेकर एक गंभीर संदेश साझा किया। अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए सवाल उठाया कि क्या केवल बेटियों को शुभकामनाएं देना ही डॉटर्स डे मनाने के लिए पर्याप्त है, जबकि उन्हें आज भी बाहर निकलते समय अपनी सुरक्षा को लेकर कई तरह की सावधानियां बरतनी पड़ती हैं। कृति सेनन ने अपनी पोस्ट में रोजमर्रा की उन परिस्थितियों का जिक्र किया, जिनका सामना कई युवा महिलाओं को करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि लाइव लोकेशन शेयर करना, पेपर स्प्रे साथ रखना, अकेले पैदल जाने के बजाय कैब लेना या सुरक्षित पहुंचने के बाद परिवार और दोस्तों को संदेश भेजना कई महिलाओं की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है।

अभिनेत्री ने इसी संदर्भ में एक ऐसे समाज की जरूरत पर जोर दिया, जहां महिलाओं को सार्वजनिक जगहों पर अपनी सुरक्षा को लेकर लगातार सतर्क रहने की जरूरत न हो।

कृति सेनन ने पूछा- बेटियों की सुरक्षा के लिए इतना सतर्क क्यों रहना पड़ता है?

डॉटर्स डे पर साझा की गई अपनी कई तस्वीरों वाली पोस्ट में कृति सेनन ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने ऐसे कई सवाल सामने रखे, जो रोजमर्रा की जिंदगी में महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े हैं।

अभिनेत्री ने उस स्थिति की कल्पना करने को कहा, जब कोई बेटी फोन करके बताए कि कुछ लोग उसका पीछा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर कोई लड़की अकेले घर जाते समय बार-बार पीछे मुड़कर देखे या सुरक्षित स्थान तक पहुंचने से पहले उसके फोन की बैटरी खत्म हो जाए, तो उस स्थिति में उसके मन में किस तरह का डर पैदा हो सकता है।

कृति ने अपने संदेश के जरिए इस बात पर ध्यान आकर्षित किया कि महिलाओं को सुरक्षित रहने के लिए कई अतिरिक्त कदम उठाने पड़ते हैं, जबकि सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित महसूस करना उनका सामान्य अधिकार होना चाहिए।

लाइव लोकेशन और पेपर स्प्रे का किया जिक्र

कृति सेनन ने अपनी पोस्ट में लिखा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कुछ उपाय अब उनकी रोजमर्रा की आदतों का हिस्सा बन गए हैं। उन्होंने लाइव लोकेशन शेयर करने, पेपर स्प्रे रखने, पैदल जाने के बजाय कैब बुक करने और सुरक्षित महसूस करने के लिए किसी व्यक्ति को फोन करने जैसी परिस्थितियों का उल्लेख किया।

उनका संदेश इस सवाल के इर्द-गिर्द था कि समाज ने महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी का एक बड़ा हिस्सा खुद महिलाओं की सावधानियों पर क्यों छोड़ दिया है।

अभिनेत्री के अनुसार, ऐसी दुनिया की जरूरत है जहां किसी बेटी को घर से बाहर निकलने पर हर समय संभावित खतरे के बारे में सोचने की जरूरत न पड़े।

‘जब बेटियां आजादी से जी सकें, तब मनाएं डॉटर्स डे’

कृति सेनन ने डॉटर्स डे मनाने की परंपरा को एक व्यापक सामाजिक सवाल से जोड़ते हुए कहा कि वास्तविक मायने में बेटी दिवस तब मनाया जाना चाहिए, जब बेटियां सार्वजनिक स्थानों पर बिना डर के अपनी जिंदगी जी सकें।

उन्होंने ऐसे भविष्य की कल्पना की, जहां कोई महिला रात में अकेले घर जा सके, अंधेरा होने के बाद पार्क में बैठ सके और अपनी पसंद के कपड़े पहनकर बिना किसी डर के बाहर निकल सके।

उन्होंने सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल और सार्वजनिक स्थानों पर मौजूद रहने को भी इसी मुद्दे से जोड़ा। कृति का कहना है कि महिलाओं को यह डर नहीं होना चाहिए कि किसी सार्वजनिक जगह पर उनके साथ कोई गलत घटना हो सकती है।

‘मैं पहुंच गई हूं’ मैसेज पर कृति का सवाल

कृति सेनन के पोस्ट का सबसे प्रमुख संदेश उस आम आदत को लेकर था, जिसमें महिलाएं या लड़कियां किसी स्थान पर सुरक्षित पहुंचने के बाद अपने परिवार या दोस्तों को “मैं पहुंच गई हूं” जैसा संदेश भेजती हैं।

अभिनेत्री ने ऐसे समाज की उम्मीद जताई जहां महिलाओं को अपनी सुरक्षा की पुष्टि करने के लिए इस तरह का संदेश भेजना जरूरी न हो।

उनके संदेश का आशय यह था कि किसी महिला का सुरक्षित घर पहुंचना या किसी स्थान से वापस लौटना ऐसी असाधारण उपलब्धि नहीं होनी चाहिए, जिसकी जानकारी लगातार किसी दूसरे व्यक्ति को देनी पड़े।

डॉटर्स डे के संदेश को सुरक्षा से जोड़ा

डॉटर्स डे आम तौर पर बेटियों के प्रति प्यार, सम्मान और शुभकामनाएं व्यक्त करने के अवसर के रूप में मनाया जाता है। कृति सेनन ने इसी अवसर को महिलाओं की सुरक्षा के व्यापक मुद्दे से जोड़ दिया।

उन्होंने कहा कि बेटियों के लिए बेहतर भविष्य केवल उन्हें प्यार करने या उनके साथ उत्सव मनाने तक सीमित नहीं होना चाहिए। समाज को ऐसा माहौल बनाने की दिशा में भी काम करना चाहिए, जिसमें महिलाएं बिना डर के अपने फैसले ले सकें और सार्वजनिक जीवन में स्वतंत्र रूप से भाग ले सकें।

उनकी पोस्ट ने सोशल मीडिया पर महिलाओं की सुरक्षा और स्वतंत्रता से जुड़े सवालों को फिर चर्चा में ला दिया।

सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा बनी चिंता

महिलाओं की सार्वजनिक सुरक्षा लंबे समय से सामाजिक बहस का महत्वपूर्ण मुद्दा रही है। रात में अकेले सफर करना, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करना, सुनसान स्थानों से गुजरना और किसी अनजान व्यक्ति द्वारा पीछा किए जाने जैसी परिस्थितियां महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े सवालों को सामने लाती हैं।

कृति सेनन ने अपनी पोस्ट में इन्हीं रोजमर्रा के अनुभवों को केंद्र में रखा। उन्होंने किसी एक घटना का उल्लेख करने के बजाय ऐसी परिस्थितियों की बात की, जिनसे कई महिलाएं अपनी दैनिक जिंदगी में निपटने के लिए अतिरिक्त सावधानियां बरतती हैं।

उनका संदेश महिलाओं की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी स्वतंत्रता और सार्वजनिक स्थानों पर समान अधिकार से भी जुड़ा रहा।

‘यही वह दुनिया है जिसके हकदार हैं हमारी बेटियां’

कृति सेनन ने अपने संदेश के अंत में ऐसी दुनिया की उम्मीद जताई जहां बेटियों को डर के बजाय स्वतंत्रता मिले। उन्होंने कहा कि यही वह दुनिया है जिसकी बेटियां हकदार हैं और जिसे समाज को उनके लिए तैयार करना चाहिए।

अभिनेत्री का संदेश केवल डॉटर्स डे की शुभकामनाओं तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने उत्सव के साथ उस सामाजिक जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाया, जो महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक सार्वजनिक वातावरण बनाने से जुड़ी है।

उनकी पोस्ट का केंद्रीय संदेश यही था कि बेटियों को केवल सुरक्षित रहने की सलाह देने के बजाय ऐसा समाज बनाया जाना चाहिए, जहां उन्हें हर कदम पर अपनी सुरक्षा की चिंता न करनी पड़े।

सोशल मीडिया पर चर्चा में आया पोस्ट

कृति सेनन के इस संदेश ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। उनकी पोस्ट में महिलाओं की रोजमर्रा की सुरक्षा से जुड़ी सावधानियों का उल्लेख होने के कारण यह विषय डॉटर्स डे की सामान्य शुभकामनाओं से अलग नजर आया।

अभिनेत्री ने अपने संदेश के जरिए यह सवाल सामने रखा कि बेटियों के लिए सुरक्षित और स्वतंत्र माहौल बनाने की जिम्मेदारी केवल परिवारों की नहीं, बल्कि व्यापक समाज की भी है।

डॉटर्स डे के मौके पर कृति सेनन का यह संदेश महिलाओं की सुरक्षा, स्वतंत्रता और सार्वजनिक स्थानों पर उनके अधिकारों को लेकर एक सामाजिक विमर्श के रूप में सामने आया।

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