डीके शिवकुमार का विवादित बयान, बोले- 'बिना कार वाले लड़कों से शादी नहीं करवाते'

कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने टनल रोड प्रोजेक्ट का बचाव करते हुए कहा कि आज लोग बिना कार वाले लड़कों से शादी नहीं करते। बोले- कार अब समाज की जरूरत है।

कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने टनल रोड प्रोजेक्ट का बचाव करते हुए कहा कि आजकल लोग बिना कार वाले लड़कों से शादी नहीं करते। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी कार चलाने से रोकना संभव नहीं है, यह सामाजिक जिम्मेदारी का मामला है।

बेंगलुरु: कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार इन दिनों अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। उन्होंने बेंगलुरु टनल रोड प्रोजेक्ट का बचाव करते हुए कहा कि आज के समय में लोगों को अपनी गाड़ियां चलाने से रोकना संभव नहीं है, क्योंकि अब कार समाज में एक ज़रूरत और स्टेटस सिंबल बन चुकी है। उनका कहना है कि कार का इस्तेमाल व्यक्तिगत पसंद और सामाजिक व्यवहार का हिस्सा है, जिसे रोकना सरकार के बस में नहीं है।

डीके शिवकुमार का विवादित बयान

मंगलवार को मीडिया से बातचीत में डीके शिवकुमार ने कहा, “आजकल लोग अपनी बेटियों की शादी ऐसे लड़कों से नहीं करते जिनके पास कार नहीं होती। यह समाज की हकीकत है। लोग परिवार के साथ कार में घूमना चाहते हैं। क्या मैं किसी को कार लाने या चलाने से रोक सकता हूं?”

उन्होंने आगे कहा कि यह सामाजिक जिम्मेदारी का मामला है और हमें लोगों को ट्रैफिक और पर्यावरण के प्रति जागरूक करना चाहिए। उपमुख्यमंत्री ने इस दौरान सांसदों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे जनता में सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा दें, लेकिन व्यक्तिगत पसंद पर रोक लगाने की बात व्यावहारिक नहीं है।

टनल रोड प्रोजेक्ट पर छिड़ी बहस

डीके शिवकुमार का यह बयान उस वक्त आया जब बेंगलुरु में प्रस्तावित टनल रोड प्रोजेक्ट पर राजनीतिक विवाद तेज़ हो गया है। यह प्रोजेक्ट कार-ओनली टनल के रूप में तैयार किया जा रहा है, जिस पर भारी निवेश की योजना है।

मंगलवार को बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने इस प्रोजेक्ट को लेकर उपमुख्यमंत्री से मुलाकात की और इसे रद्द करने की मांग की। उनका कहना था कि इतनी बड़ी लागत में केवल कारों के लिए सड़क बनाना गलत प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “टनल रोड प्रति घंटे सिर्फ 1800 कारों को संभालेगी, जबकि उसी खर्च में मेट्रो के ज़रिए करीब 69,000 लोग सफर कर सकते हैं।”

तेजस्वी सूर्या ने दी ट्रांसपोर्ट सुधार की रूपरेखा

तेजस्वी सूर्या ने बेंगलुरु के लिए एक व्यापक परिवहन योजना (Comprehensive Transport Plan) बनाने का सुझाव दिया। उनके अनुसार, इसमें 300 किलोमीटर की मेट्रो लाइन, 314 किलोमीटर की उपनगरीय रेल और छोटी दूरी के लिए ट्राम सेवाएं शामिल होनी चाहिए।

उन्होंने आउटर रिंग रोड (ORR) पर हर 5-10 मिनट में हाई-फ्रीक्वेंसी शटल बसें चलाने की मांग की, ताकि “लास्ट माइल कनेक्टिविटी” बेहतर हो सके और लोगों को अपनी कारों पर निर्भर न रहना पड़े।

जनता की सुविधा को लेकर शिवकुमार का बयान 

डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी को रोकना नहीं, बल्कि शहर के ट्रैफिक बोझ को कम करना है। “हम बेंगलुरु के ट्रैफिक सिस्टम को संतुलित करने की कोशिश कर रहे हैं। जनता की सुविधा और सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार मेट्रो और बस सेवाओं को मज़बूत बनाने के साथ-साथ टनल रोड जैसी परियोजनाओं पर भी काम कर रही है ताकि सभी वर्गों को यात्रा में सुविधा मिले।

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