राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण के उच्च स्तर से थोड़ी राहत मिली है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 292 दर्ज किया गया है, जो 'खराब' श्रेणी में आता है। हालांकि, शहर के कई इलाकों में अभी भी AQI 300 से ऊपर दर्ज किया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य पर जोखिम बना हुआ है।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को प्रदूषण के उच्च स्तर से थोड़ी राहत मिली है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) सुबह आठ बजे 292 दर्ज किया गया, जो 'खराब' श्रेणी में आता है। हालांकि, राजधानी के कई इलाकों में AQI 300 के पार दर्ज किया गया है, जो वायु को बेहद खराब श्रेणी में दर्शाता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, राजधानी दिल्ली के प्रमुख इलाकों में सुबह आठ बजे दर्ज AQI निम्नलिखित हैं:
- अलीपुर: 320
- आनंद विहार: 377
- अशोक विहार: 333
- आया नगर: 212
- बवाना: 363
- बुराड़ी: 315
- चांदनी चौक: 339
- डीटीयू: 329
- द्वारका सेक्टर 8: 282
- IGI एयरपोर्ट (T3): 238
- ITO: 314
- जहांगीरपुरी: 372
- लोधी रोड: 160
- मुंडका: 307
- नजफगढ़: 188
- नरेला: 345
- पंजाबी बाग: 306
- आरके पुरम: 311
- रोहिणी: 337
- सोनिया विहार: 353
- विवेक विहार: 361
- वजीरपुर: 343
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि दिल्ली के अधिकतर इलाकों में हवा ‘खराब’ और ‘बेहद खराब’ श्रेणी में बनी हुई है।
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वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) क्या दर्शाता है
AQI या वायु गुणवत्ता सूचकांक वायु में प्रदूषकों की मात्रा को दर्शाने का पैमाना है। इसके अनुसार:
- 0-50: हवा साफ, सुरक्षित
- 51-100: संतोषजनक, मामूली स्वास्थ्य प्रभाव संभव
- 101-200: मध्यम स्तर का प्रदूषण, संवेदनशील समूह प्रभावित हो सकते हैं
- 201-300: खराब वायु, सभी के लिए स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है
- 301-400: बेहद खराब, सामान्य लोगों के लिए भी स्वास्थ्य जोखिम
- 401-500: गंभीर, लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा, बीमारियों वाले लोगों के लिए जानलेवा
दिल्ली में इस समय अधिकतर इलाकों में AQI 300 से ऊपर दर्ज होने के कारण लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। खराब और बेहद खराब वायु गुणवत्ता से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोग सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। लगातार प्रदूषित हवा में रहने से सांस लेने में कठिनाई, एलर्जी, अस्थमा और हृदय रोग जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।









