श्रीलंका के टेस्ट कप्तान धनंजय डि सिल्वा ने गुरुवार को टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया। 35 वर्षीय डि सिल्वा ने कहा कि अब समय आ गया है कि टेस्ट टीम की कमान अगली पीढ़ी को सौंपी जाए।
Sri Lanka Test Captain: श्रीलंका क्रिकेट टीम में बड़ा बदलाव हुआ है। ऑलराउंडर धनंजय डि सिल्वा ने तत्काल प्रभाव से टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। 35 वर्षीय क्रिकेटर ने कहा कि अब समय आ गया है कि टेस्ट टीम की नेतृत्व की जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को सौंपी जाए। हालांकि, कप्तानी से हटने के बावजूद धनंजय डि सिल्वा खिलाड़ी के तौर पर श्रीलंका की टेस्ट टीम के लिए उपलब्ध रहेंगे। उनका यह फैसला टीम के नेतृत्व में बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जनवरी 2024 में संभाली थी टेस्ट टीम की कमान
धनंजय डि सिल्वा ने जनवरी 2024 में दिमुथ करुणारत्ने के बाद श्रीलंका की टेस्ट कप्तानी संभाली थी। उन्होंने लगभग दो साल तक टीम का नेतृत्व किया और इस दौरान कई महत्वपूर्ण जीत दर्ज कीं। उन्होंने श्रीलंका क्रिकेट के चयन पैनल को पत्र भेजकर अपने फैसले की जानकारी दी। पत्र में उन्होंने अपनी राय व्यक्त की कि अब लाल गेंद के क्रिकेट में नेतृत्व की जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को सौंपना टीम के भविष्य के लिए बेहतर होगा।
श्रीलंका क्रिकेट के सीईओ एश्ले डि सिल्वा ने कप्तान के रूप में उनके योगदान के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि बोर्ड धनंजय के नेतृत्व और सबसे लंबे प्रारूप में उनके योगदान की सराहना करता है तथा उनके आगे के क्रिकेट करियर के लिए शुभकामनाएं देता है।
कप्तान के तौर पर कैसा रहा धनंजय का प्रदर्शन?

धनंजय डि सिल्वा ने श्रीलंका की ओर से 18 टेस्ट मैचों में कप्तानी की। उनकी अगुआई में टीम ने सात टेस्ट मैचों में जीत दर्ज की। कप्तान के तौर पर धनंजय ने बल्ले से भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने 18 टेस्ट में 36.45 की औसत से 1,130 रन बनाए और गेंदबाजी करते हुए नौ विकेट भी हासिल किए। यानी उन्होंने कप्तानी के साथ-साथ एक ऑलराउंडर के रूप में भी टीम को योगदान दिया। उनकी कप्तानी की शुरुआत फरवरी 2024 में अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच से हुई थी। श्रीलंका ने इस मुकाबले में 10 विकेट से जीत दर्ज की थी।
बांग्लादेश में दर्ज की बड़ी टेस्ट सीरीज जीत
धनंजय डि सिल्वा के नेतृत्व में श्रीलंका ने बांग्लादेश के खिलाफ उसकी घरेलू परिस्थितियों में 2-0 से टेस्ट सीरीज जीती। यह कप्तान के रूप में उनके शुरुआती कार्यकाल की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल रही। इसके अलावा इंग्लैंड दौरे पर भी श्रीलंका ने एक यादगार जीत दर्ज की। ओवल में मिली जीत इंग्लैंड की धरती पर श्रीलंका की 2014 के बाद पहली टेस्ट जीत थी। हालांकि, पूरी सीरीज में इंग्लैंड ने 2-1 से बाजी मारी। घरेलू मैदान पर भी धनंजय की कप्तानी में श्रीलंका ने न्यूजीलैंड को 2-0 से टेस्ट सीरीज में हराया।











