शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों के धरने में पहुंचे दिग्विजय सिंह, 15 दिनों से जारी है भूख हड़ताल

भोपाल में शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों की 15 दिन से भूख हड़ताल जारी है। दिग्विजय सिंह धरने में पहुंचे। उम्मीदवार पद बढ़ाने और दूसरी काउंसलिंग की मांग कर रहे हैं।

भोपाल में शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का धरना और भूख हड़ताल 15 दिनों से जारी है। शिक्षक दिवस पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह प्रदर्शन में पहुंचे। उम्मीदवार वर्ग-1, 2 और 3 में अतिरिक्त पद, दूसरी काउंसलिंग और भर्ती प्रक्रिया बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

भोपाल: मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शिक्षक वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग-3 के उम्मीदवार पिछले करीब 15 दिनों से भोपाल के जहांगीराबाद स्थित नीलम पार्क में धरना और भूख हड़ताल कर रहे हैं। शिक्षक दिवस के मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के बीच पहुंचे और उनके साथ धरने पर बैठे। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब एक दिन पहले जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के काफिले को रोककर अपनी मांगों की ओर ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की थी। इसके अगले दिन दिग्विजय सिंह का आंदोलन स्थल पर पहुंचना इस मामले के राजनीतिक रूप लेने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

दिग्विजय सिंह इससे पहले भी शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों के प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। उस दौरान उन्होंने अभ्यर्थियों की मांगों को उचित बताते हुए उनके समर्थन में दोबारा आंदोलन में शामिल होने की बात कही थी।

तीन साल से पद बढ़ाने की मांग का दावा

नीलम पार्क में आंदोलन कर रहे वर्ग-1 चयन परीक्षा 2023 के अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले तीन वर्षों से शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

अभ्यर्थियों के अनुसार, उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2023 के लिए कुल 8,720 पद स्वीकृत और विज्ञापित किए गए थे। हालांकि, पहली काउंसलिंग में केवल 2,901 पदों पर नियुक्तियां की गईं। उनका दावा है कि इसके बाद 5,819 पदों पर अभी तक काउंसलिंग या नियुक्ति नहीं हुई है।

अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती लंबे अंतराल के बाद निकली थी। ऐसे में बड़ी संख्या में उम्मीदवार कई वर्षों से सरकारी शिक्षक की नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि लंबे समय तक भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण कुछ उम्मीदवार उम्र सीमा पार करने की स्थिति में पहुंच गए हैं।

10 हजार नए पद जोड़ने की मांग

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को दिए ज्ञापन में 10 हजार नए पद जोड़कर दूसरी काउंसलिंग कराने की मांग रखी है।

उनका कहना है कि मौजूदा भर्ती प्रक्रिया में अतिरिक्त पद शामिल किए जाने से लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे उम्मीदवारों को अवसर मिल सकता है। अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि 2023 में पहली बार पात्रता परीक्षा के बाद मुख्य चयन परीक्षा आयोजित की गई थी।

उनके अनुसार, उम्मीदवारों को शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में दो स्तर की परीक्षाओं से गुजरना पड़ा। अभ्यर्थियों का दावा है कि कुल 8,720 विज्ञापित पदों में से केवल 5,052 पद नए पद थे।

वर्ग-2 और वर्ग-3 अभ्यर्थियों का आंदोलन भी जारी

वर्ग-1 के साथ-साथ वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती 2025 के अभ्यर्थी भी नीलम पार्क में आंदोलन कर रहे हैं। इन उम्मीदवारों की धरना और भूख हड़ताल करीब 15 दिनों से जारी है।

शुक्रवार को इन अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ज्ञापन सौंपकर शिक्षक वर्ग-2 में कम से कम 10 हजार और वर्ग-3 में 25 हजार पद बढ़ाने की मांग की थी।

अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्तमान भर्ती में उपलब्ध पदों की संख्या उनकी अपेक्षाओं और विभाग में बताए जा रहे रिक्त पदों की तुलना में कम है। इसी आधार पर वे भर्ती प्रक्रिया में अतिरिक्त पद शामिल करने और दूसरी काउंसलिंग कराने की मांग कर रहे हैं।

वर्ग-2 में अलग-अलग विषयों के पद बढ़ाने की मांग

वर्ग-2 के अभ्यर्थियों ने विषय शिक्षकों के साथ-साथ खेल, संगीत, नृत्य, गायन और वादन जैसे क्षेत्रों में भी अतिरिक्त पद स्वीकृत करने की मांग की है।

अभ्यर्थियों के अनुसार, इन सभी विषयों में कम से कम 3 हजार अतिरिक्त पदों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि इससे अधिक उम्मीदवारों को सरकारी स्कूलों में नियुक्ति का अवसर मिल सकेगा।

वर्ग-2 के उम्मीदवारों की मांग केवल सामान्य विषय शिक्षकों तक सीमित नहीं है। वे अलग-अलग विषयों में उपलब्ध रिक्तियों को ध्यान में रखते हुए भर्ती का दायरा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

वर्ग-3 में 25 हजार पद और दूसरी काउंसलिंग की मांग

प्राथमिक शिक्षक भर्ती से जुड़े वर्ग-3 के अभ्यर्थियों ने पदों की संख्या बढ़ाकर 25 हजार करने की मांग की है। इसके अलावा वे दूसरी काउंसलिंग शुरू करने की मांग भी कर रहे हैं।

अभ्यर्थियों का कहना है कि अतिरिक्त पद स्वीकृत होने से उन उम्मीदवारों को भी नियुक्ति का अवसर मिल सकता है, जो मौजूदा प्रक्रिया में चयन से बाहर रह गए हैं लेकिन भर्ती के लिए आवश्यक पात्रता पूरी करते हैं।

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रिक्त शिक्षक पदों के आंकड़ों का हवाला

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने अपने ज्ञापन में स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग में बड़ी संख्या में शिक्षक पद खाली होने का दावा किया है।

उनके अनुसार, 27 दिसंबर 2024 की स्थिति में स्कूल शिक्षा विभाग में माध्यमिक शिक्षकों के 99,197 और प्राथमिक शिक्षकों के 1,31,152 पद रिक्त थे।

इसी तरह, अभ्यर्थियों ने जनजातीय कार्य विभाग में माध्यमिक शिक्षकों के 43,734 और प्राथमिक शिक्षकों के 54,625 पद खाली होने का दावा किया है।

अभ्यर्थियों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में पद रिक्त होने के बावजूद मौजूदा भर्ती प्रक्रिया में माध्यमिक शिक्षकों के केवल 10,800 और प्राथमिक शिक्षकों के 13,089 पदों पर भर्ती की जा रही है।

ये आंकड़े आंदोलनकारी अभ्यर्थियों द्वारा सरकार को दिए गए ज्ञापन में प्रस्तुत किए गए हैं। इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।

15 हजार स्वीकृत पद मौजूदा भर्ती में जोड़ने की मांग

शिक्षक भर्ती के उम्मीदवारों ने बजट सत्र में स्वीकृत 15 हजार शिक्षक पदों को वर्तमान वर्ग-2 और वर्ग-3 भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने की मांग भी उठाई है।

अभ्यर्थियों का तर्क है कि यदि इन पदों को मौजूदा भर्ती में समायोजित किया जाता है तो सरकार को अलग से नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे नई परीक्षा आयोजित करने में लगने वाला समय और सरकारी खर्च दोनों बच सकते हैं।

आंदोलन के राजनीतिक रूप लेने के संकेत

लगातार 15 दिनों से चल रहे धरने और भूख हड़ताल के बीच अब राजनीतिक नेताओं की सक्रियता भी बढ़ती दिखाई दे रही है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का प्रदर्शन स्थल पर पहुंचना इसी क्रम में महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।

इससे एक दिन पहले प्रदर्शनकारियों द्वारा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के काफिले को रोकने की घटना भी सामने आई थी। इसके बाद शिक्षक भर्ती का मुद्दा राजनीतिक चर्चा में और अधिक प्रमुख हो गया।

हालांकि, सरकार की ओर से इन मांगों पर अंतिम निर्णय या मौजूदा भर्ती में अतिरिक्त पद जोड़ने को लेकर इस रिपोर्ट में कोई नया आधिकारिक फैसला उपलब्ध नहीं है।

अभ्यर्थियों की आगे की रणनीति पर नजर

शिक्षक भर्ती के उम्मीदवारों का आंदोलन अब 15वें दिन से आगे बढ़ चुका है। प्रदर्शनकारी वर्ग-1 में दूसरी काउंसलिंग, वर्ग-2 में अतिरिक्त पद और वर्ग-3 में 25 हजार पदों की मांग कर रहे हैं।

दिग्विजय सिंह के समर्थन से आंदोलन को राजनीतिक समर्थन जरूर मिला है, लेकिन अभ्यर्थियों की मांगों पर अंतिम निर्णय सरकार और संबंधित विभागों को लेना है। आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया और भर्ती प्रक्रिया में किसी बदलाव पर आंदोलन की दिशा निर्भर करेगी।

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