Tata Sons Chairman: टी. वी. नरेंद्रन माने जा रहे हैं प्रमुख दावेदार, आशीष चौहान हो सकते हैं सरप्राइज कैंडिडेट

Tata Sons के नए चेयरमैन की रेस में Tata Steel के CEO टी. वी. नरेंद्रन प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। NSE के MD आशीष चौहान को संभावित डार्क हॉर्स बताया जा रहा

टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस ने चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के उत्तराधिकारी की तलाश तेज कर दी है। टाटा संस के चेयरमैन पद की रेस में देश के तीन प्रमुख कॉरपोरेट दिग्गजों के नाम सामने आ रहे हैं।

Tata Sons Chairman: टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस में अगले चेयरमैन की तलाश तेज हो गई है। मौजूदा चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के कार्यकाल के बाद समूह की कमान किसके हाथ में होगी, इसे लेकर कॉरपोरेट जगत में चर्चा बढ़ गई है। संभावित उम्मीदवारों में टाटा स्टील के सीईओ एवं एमडी टी. वी. नरेंद्रन, टाटा संस के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और ग्रुप सीएफओ सौरभ अग्रवाल तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के एमडी और सीईओ आशीष चौहान के नाम प्रमुखता से सामने आए हैं।

हालांकि, उत्तराधिकारी को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अंतिम निर्णय में टाटा संस के बोर्ड के साथ-साथ कंपनी की होल्डिंग संरचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले टाटा ट्रस्ट्स की भी अहम भूमिका रहने की उम्मीद है।

टी. वी. नरेंद्रन माने जा रहे हैं प्रमुख आंतरिक दावेदार

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, टाटा समूह के भीतर से आने वाले उम्मीदवारों में टी. वी. नरेंद्रन को प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। नरेंद्रन लंबे समय से टाटा समूह का हिस्सा हैं और वर्तमान में टाटा स्टील के सीईओ एवं मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। उनका सबसे बड़ा फायदा टाटा समूह के कारोबार और संस्कृति की गहरी समझ को माना जा सकता है। 

हालांकि, उनके करियर का बड़ा हिस्सा टाटा स्टील से जुड़ा रहा है। ऐसे में टाटा संस जैसे होल्डिंग स्तर के पद के लिए जरूरी व्यापक पूंजी आवंटन और पूरे समूह के विविध कारोबार के प्रबंधन का अनुभव उनके सामने एक महत्वपूर्ण कसौटी हो सकता है।

सौरभ अग्रवाल भी दौड़ में शामिल

टाटा संस के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और ग्रुप सीएफओ सौरभ अग्रवाल का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल बताया जा रहा है। वित्तीय प्रबंधन, निवेश बैंकिंग और पूंजी आवंटन से जुड़ा उनका अनुभव उन्हें इस पद के लिए एक अलग तरह का प्रोफाइल देता है। टाटा समूह के विभिन्न कारोबारों में निवेश और पूंजी के रणनीतिक इस्तेमाल को देखते हुए ग्रुप CFO की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में अग्रवाल का वित्तीय अनुभव चेयरमैन पद की दौड़ में उनके लिए अहम माना जा रहा है।

आशीष चौहान हो सकते हैं सरप्राइज कैंडिडेट

Tata Sons Chairman: टी. वी. नरेंद्रन माने जा रहे हैं प्रमुख दावेदार, आशीष चौहान हो सकते हैं सरप्राइज कैंडिडेट

NSE के एमडी और सीईओ आशीष चौहान का नाम इस दौड़ में सबसे दिलचस्प उम्मीदवारों में गिना जा रहा है। यदि उनका चयन होता है, तो यह टाटा समूह के लिए एक महत्वपूर्ण बाहरी नियुक्ति हो सकती है। चौहान को भारतीय कैपिटल मार्केट और वित्तीय तकनीक के क्षेत्र में लंबा अनुभव है। वह उन अधिकारियों में शामिल रहे हैं जिन्होंने 1990 के दशक में NSE के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 

इसके बाद उन्होंने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के एमडी और सीईओ के रूप में भी काम किया। 2022 में वह NSE के नेतृत्व में वापस लौटे। उनके अनुभव में टेक्नोलॉजी, कैपिटल मार्केट, वित्तीय सेवाएं और संस्थागत निर्माण जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं।

आशीष चौहान की शैक्षणिक और कॉरपोरेट पृष्ठभूमि

आशीष चौहान ने IIT बॉम्बे से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और IIM कलकत्ता से प्रबंधन शिक्षा हासिल की। अपने करियर के दौरान वह रिलायंस इंडस्ट्रीज और IDBI बैंक से भी जुड़े रहे हैं। उनकी प्रोफाइल टाटा समूह के लिए इसलिए भी दिलचस्प हो सकती है क्योंकि टाटा संस के स्तर पर टेक्नोलॉजी, वित्त, डिजिटल कारोबार और वैश्विक विस्तार जैसे क्षेत्रों का महत्व लगातार बढ़ा है।

नोएल टाटा का नाम भी चर्चा में

संभावित नामों की सूची में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा का नाम भी सामने आया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह स्थायी नियुक्ति के बजाय ऐसी स्थिति में अंतरिम चेयरमैन की भूमिका निभा सकते हैं, जब उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया समय पर पूरी न हो। इसके अलावा टाटा समूह की डिजिटल प्रमुख आरती सुब्रमण्यन, टाटा मोटर्स के सीईओ शैलेश चंद्र और टाटा पावर के सीईओ प्रवीर सिन्हा के नाम भी संभावित विकल्पों के तौर पर चर्चा में रहे हैं।

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