डिजिटल फूड कूपन! अब राशन के लिए अंगूठा नहीं, QR कोड से मिलेगा मुफ्त अनाज

सरकार डिजिटल फूड कूपन शुरू करने जा रही है। लाभार्थी QR कोड स्कैन करके मुफ्त अनाज प्राप्त करेंगे। योजना पारदर्शिता बढ़ाएगी और बायोमेट्रिक की जरूरत नहीं होगी।

सरकार तीन जिलों में डिजिटल फूड कूपन पायलट शुरू कर रही है। लाभार्थी QR कोड स्कैन करके मुफ्त अनाज प्राप्त करेंगे। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की जरूरत खत्म होगी।

New Delhi: सरकार अगले महीने चंडीगढ़, पुडुचेरी और गुजरात के तीन जिलों में मुफ्त राशन योजना के तहत डिजिटल फूड कूपन का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत लाभार्थियों को हर महीने उनके मोबाइल पर डिजिटल कूपन मिलेगा, जिसे वे राशन दुकानों पर QR कोड स्कैन करके रिडीम कर सकेंगे।

इस पहल का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकना और राशन कार्ड धारकों को बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से राहत देना है। अहमदाबाद में हाल ही में सॉफ्ट लॉन्च सफल रहा और अब इसे बड़े पैमाने पर परीक्षण के लिए तीन जिलों में लागू किया जाएगा।

कैसे काम करेगा डिजिटल फूड कूपन

पायलट प्रोजेक्ट के तहत लाभार्थियों को डिजिटल फूड करेंसी सीधे उनके मोबाइल फोन में आरबीआई समर्थित डिजिटल वॉलेट के माध्यम से भेजी जाएगी। राशन दुकानों पर लाभार्थी दुकान मालिक के QR कोड को स्कैन करके अपना हक का अनाज प्राप्त कर सकेंगे।

सरकारी अधिकारियों ने बताया कि योजना का मकसद है कि दुनिया के सबसे बड़े मुफ्त खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम में पारदर्शिता बढ़े और सब्सिडी का इस्तेमाल सही तरीके से हो। इसके साथ ही बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की परेशानियों से भी लाभार्थियों को मुक्ति मिलेगी।

पायलट प्रोजेक्ट: छोटे पैमाने पर परीक्षण

सरकार डिजिटल फूड कूपन योजना को प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (POC) के तौर पर छोटे पैमाने पर चलाएगी। इसके तहत तीन क्षेत्रों में इस पहल की व्यवहार्यता और कार्यक्षमता को जाँचा जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल कूपन के जमा होने से बचाने के लिए इसके इस्तेमाल के लिए एक समय सीमा तय की जाएगी।

इस महीने की शुरुआत में अहमदाबाद में 25 लाभार्थियों के साथ सॉफ्ट लॉन्च किया गया था। राज्य सरकार के अनुसार, तब से अब तक लगभग 2,000 ट्रांजैक्शन सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं।

पायलट जिलों की जानकारी

अगले महीने शुरू होने वाले पायलट प्रोजेक्ट में गुजरात के आनंद, साबरमती और दाहोद जिले शामिल होंगे। चंडीगढ़ और पुडुचेरी में भी डिजिटल फूड करेंसी के माध्यम से मुफ्त राशन वितरण का परीक्षण होगा।

केंद्र सरकार ने इन क्षेत्रों में पहले से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजना लागू की थी। इसके तहत लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे कैश ट्रांसफर किया जाता था। अब डिजिटल फूड कूपन योजना के जरिए लाभार्थी सीधे राशन दुकानों से मुफ्त अनाज प्राप्त कर सकेंगे।

डिजिटल फूड करेंसी का लाभ

अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल फूड करेंसी यह सुनिश्चित करेगी कि सब्सिडी का इस्तेमाल केवल अनाज खरीदने के लिए ही हो, किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं। इस पहल से पारदर्शिता बढ़ेगी और राशन वितरण में किसी प्रकार की गड़बड़ी होने की संभावना कम होगी।

डिजिटल फूड कूपन योजना उन लोगों के लिए भी उपयोगी होगी जिनके पास बैंक खाते या मोबाइल वॉलेट हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिन लाभार्थियों के पास अभी भी फीचर फोन या बेसिक फोन हैं, उनके लिए अलग विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।

राशन की आपूर्ति

डिजिटल फूड कूपन योजना के तहत जो मुफ्त अनाज वितरित किया जाएगा, उसकी सप्लाई फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) या राज्य सरकार की एजेंसियों द्वारा की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि योजना के लिए कुछ आउटलेट्स या राशन की दुकानों की पहचान की जाएगी, जो डिजिटल करेंसी स्वीकार कर सकें। इसके जरिए लाभार्थियों को सीधे उनके हक का अनाज उपलब्ध कराना संभव होगा। इससे नकली राशन कार्ड और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण किया जा सकेगा।

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