दिल्ली ब्लास्ट: लाल किले के पास भीषण धमाका, UAPA के तहत कार्रवाई; 4 संदिग्ध पूछताछ के घेरे में

दिल्ली ब्लास्ट: लाल किले के पास भीषण धमाका, UAPA के तहत कार्रवाई; 4 संदिग्ध पूछताछ के घेरे में

दिल्ली के लाल किले के पास I-20 कार में हुए धमाके में 9 लोगों की मौत और 20 घायल हुए। पुलिस ने घटना को आतंकी कार्रवाई मानते हुए UAPA में केस दर्ज किया है। चार लोग हिरासत में हैं और जांच टीमें सक्रिय हैं।

Delhi Blast: राजधानी दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार शाम हुए धमाके को पुलिस ने गंभीर आतंकी घटना माना है। धमाके में नौ लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 20 लोग घायल हैं। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में UAPA यानी Unlawful Activities Prevention Act और Explosive Act के तहत केस दर्ज कर लिया है। धमाका शाम लगभग 6:52 बजे हुआ। जिस जगह धमाका हुआ वहां उस समय आम लोगों की भीड़, पर्यटक और कई वाहन मौजूद थे। धमाका इतनी तीव्रता वाला था कि इसकी आवाज चार किलोमीटर दूर तक सुनी गई।

घटना का स्थान और स्थिति

धमाका लाल किले के सामने मुख्य मार्ग के पास खड़ी एक I-20 कार में हुआ। यह कार हरियाणा नंबर की थी। पुलिस जांच में पाया गया कि यह कार पहले कई बार खरीदी-बेची जा चुकी है। इससे यह समझना चुनौतीपूर्ण हो रहा है कि अंतिम बार कार किसके पास थी और उसे किसने इस घटना के लिए इस्तेमाल किया। धमाके के बाद कार के हिस्से लगभग 250 मीटर तक छितरा गए, जिससे घटना की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है। आसपास की दुकानों के शीशे टूट गए और सड़क पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

धमाके की प्रकृति

प्रारंभिक फोरेंसिक जांच और मलबा विश्लेषण से संकेत मिल रहे हैं कि धमाके में हाई-ग्रेड एक्सप्लोसिव का उपयोग किया गया। कई अधिकारियों का यह मानना है कि इस विस्फोट में RDX का प्रयोग हुआ हो सकता है। यह कोई साधारण दुर्घटना नहीं बल्कि तैयार की गई आतंकी कार्रवाई जैसा प्रतीत होता है। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि न सिर्फ कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई बल्कि आसपास खड़ी कई गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा।

चार लोग हिरासत में

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अभी इनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि क्या ये लोग सीधे तौर पर धमाके से जुड़े हैं या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह जांच संवेदनशील है और हर संपर्क, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन ट्रेसिंग और सीसीटीवी फुटेज को जोड़ा जा रहा है।

अस्पताल में सुरक्षा

घायलों को लोक नायक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी स्थिति को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इमरजेंसी गेट बंद कर दिया गया है और सिर्फ अनुमति प्राप्त लोग ही अंदर जा सकते हैं। डॉक्टरों और मेडिकल टीम को लगातार निगरानी पर रखा गया है। कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।

14 साल बाद ऐसा धमाका

दिल्ली में इस तरह का बड़ा धमाका 14 साल बाद हुआ है। वर्ष 2011 में दिल्ली हाई कोर्ट गेट के पास धमाका हुआ था। उस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया था। लेकिन इस ताज़ा घटना ने फिर दिखाया है कि आतंकवादी राजधानी को निशाना बनाने की कोशिश लगातार जारी रखे हुए हैं। यह धमाका यह भी सवाल खड़ा करता है कि इतने हाई-सिक्योरिटी ज़ोन में विस्फोटक कैसे पहुंचा।

जांच एजेंसियों की सक्रियता

घटनास्थल पर दिल्ली पुलिस, स्पेशल सेल, एनआईए और आईबी की टीमों ने साक्ष्य जुटाने का काम शुरू कर दिया है। कार के हिस्सों, धातु के टुकड़ों, विस्फोटक अवशेषों और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को कब्जे में लिया गया है। जांच टीमें वाहन की खरीद-फरोख्त के दस्तावेजों को भी खंगाल रही हैं ताकि साजिश का तार किसके हाथ तक जाता है यह पता चल सके।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

धमाके के बाद इलाके में चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल पैदा हो गया। कई लोगों ने बताया कि पहले तेज आवाज सुनाई दी और फिर धुआं फैल गया। लोगों ने घायलों को उठाकर अस्पताल ले जाने में मदद की। दुकानदारों ने बताया कि धमाके के बाद कुछ समय के लिए बिजली और नेटवर्क भी प्रभावित हुए।

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