मुज़फ्फरपुर के राम हरि थाना क्षेत्र के धर्मपुर चौक के पास सोमवार सुबह RJD युवा मोर्चा के नेता मंटू साह (35) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अपराधियों ने उनकी बाइक रोककर सीने में तीन गोलियां दाग दीं। गोली लगते ही मंटू की मौके पर मौत हो गई। सूचना पर पुलिस पहुंची, लेकिन ग्रामीणों ने शव उठाने से इनकार कर दिया। करीब चार घंटे समझाने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
मौके से तीन खोखे बरामद किए गए। मृतक मंटू साह धर्मपुर पंचायत के RJD युवा मोर्चा के अध्यक्ष थे और ठेकेदारी का काम करते थे। पुलिस आसपास लगाई गई CCTV फुटेज की जांच कर रही है, जबकि क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
घर से बुलाकर साथ ले गया था दोस्त
मंटू साह के पिता ब्रह्मदेव साह ने बताया कि सुबह मंटू का दोस्त रमेश राय उन्हें बुलाने घर आया था। उसने अपनी बाइक घर पर छोड़ दी और मंटू को अपनी बाइक से साथ लेकर निकल गया। बताया जाता है कि घटना स्थल से तीन किलोमीटर दूर अस्तलाकपुर गांव में दो युवक पहले से खड़े थे, जिन्होंने बीच सड़क मंटू को घेरकर गोली मार दी।
रमेश राय हत्या के बाद सुरक्षित लौट आया, जिससे परिवार का शक उस पर और गहरा हो गया है। पुलिस ने रमेश को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वह कुछ दिन पहले ही शराब के एक मामले में जेल से जमानत पर बाहर आया था।
परिवार का आरोप
मंटू के परिवार ने हत्या के पीछे पैसों का विवाद होने की आशंका जताई है। पिता ने बताया कि मंटू ने इलाके में कई लोगों को पैसे उधार दिए थे। उनका कहना है कि, 'जिसने पैसा दिया होगा, उसी ने हत्या करवाई है। यह घटना राजनीति की वजह से नहीं, बल्कि पैसों के लालच के कारण हुई है।'
परिवार ने यह भी दावा किया कि रमेश राय ने मंटू से काफी पैसे उधार ले रखे थे और इस मामले में दोनों के बीच कई बार बातचीत भी हुई थी।
लोगों का सवाल: ‘रमेश को क्यों नहीं लगी गोली?’
स्थानीय लोगों ने हत्या को लेकर कई प्रश्न उठाए। गांव की एक महिला ने कहा, 'अगर हमलावर थे तो दोनों को गोली मारते। सिर्फ मंटू को ही क्यों? रमेश को तो कुछ हुआ ही नहीं। हमें मौत का बदला मौत चाहिए।'
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस रमेश को बचाने में लगी है और उसे जल्दी हिरासत से छुड़ा दिया गया।









