Vande Mataram 150 Years: CM फडणवीस ने की विशेष टिप्पणी, विपक्ष पर साधा निशाना

वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर CM फडणवीस और पीएम मोदी ने विशेष टिप्पणी की। दोनों नेताओं ने विपक्ष पर निशाना साधा और देशभक्ति पर जोर दिया। राष्ट्रीय गीत वंदे

राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को 150 साल पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर देश की संसद में इस पर व्यापक चर्चा हुई, जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। चर्चा में पक्ष और विपक्ष दोनों की ओर से अपनी-अपनी राय रखी गई।

Vande Mataram 150 Years: देश के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर संसद में विशेष चर्चा हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने विचार साझा किए। इस चर्चा में देश की आजादी के संघर्ष और वंदे मातरम् की भूमिका पर जोर दिया गया। साथ ही विपक्षी दलों के रवैये पर भी तीखा टिप्पणी हुई।

सीएम देवेंद्र फडणवीस का बयान

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वंदे मातरम् भारत का अमूल्य गीत है और इसके 150 साल पूरे होने पर संसद में चर्चा होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा:

'वंदे मातरम् पर कुठाराघात करने के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। इस पर सही तरीके से बहस होनी चाहिए।'

फडणवीस ने आगे कहा कि आदित्य ठाकरे को कांग्रेस से सवाल पूछना चाहिए और इस विषय पर अगले विधानसभा सत्र में महाराष्ट्र राज्य विधानसभा में भी चर्चा होगी। उनके इस बयान के बाद सियासी हलचल तेज हो गई।

Vande Mataram 150 Years: CM फडणवीस ने की विशेष टिप्पणी, विपक्ष पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी

संसद में वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष संबोधन दिया। उन्होंने कहा:

'वंदे मातरम् के जयघोष ने स्वतंत्रता आंदोलन को ऊर्जा दी, प्रेरणा दी और त्याग एवं तपस्या का मार्ग दिखाया। इसे याद करना हम सभी के लिए गर्व की बात है।'

प्रधानमंत्री ने इतिहास की ओर इशारा करते हुए कहा कि जब वंदे मातरम् के 50 साल पूरे हुए थे, तब देश गुलामी में था। और जब 100 साल पूरे हुए, तब देश इमरजेंसी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि उस समय संविधान की रक्षा की आवश्यकता थी, लेकिन देश के लिए समर्पित लोगों को सलाखों के पीछे डाल दिया गया।

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि वंदे मातरम् ने अंग्रेजों को डरा दिया था। बंगाल विभाजन के दौरान अंग्रेजों ने देश को कमजोर करने की योजना बनाई, लेकिन वंदे मातरम् एक बड़े आंदोलन के रूप में उभरा और देशवासियों में राष्ट्रीय चेतना और संघर्ष की भावना जगाई।

राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का महत्व

वंदे मातरम् को भारत की स्वतंत्रता संग्राम की पहचान माना जाता है। यह गीत न केवल देशभक्ति का प्रतीक है, बल्कि भारतीय नागरिकों में एकता और त्याग की भावना भी जगाता है। देशभर के स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी कार्यक्रमों में इस गीत का गायन राष्ट्रीय भावनाओं को सुदृढ़ करता है। 150 साल की यह यात्रा बताती है कि वंदे मातरम् ने केवल स्वतंत्रता आंदोलन में ही नहीं, बल्कि आज भी देश की सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर संसद में चर्चा के दौरान विपक्ष ने भी अपनी राय रखी, हालांकि मुख्यतः सीएम और पीएम ने अपने संबोधन में विपक्ष की आलोचना की। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस मौके पर फडणवीस और मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया दी, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार के नेतृत्व ने इसे देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का मुद्दा बताते हुए चर्चा को आगे बढ़ाया।

 

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