Tata Mutual Fund ने भारत का पहला मल्टी-कैप कंजम्पशन इंडेक्स फंड लॉन्च किया। यह लार्ज, मिड और स्मॉल-कैप शेयरों में निवेश करेगा। फंड का उद्देश्य निवेशकों को स्थिरता और ग्रोथ का संतुलित मिश्रण देना है।
Tata MF: टाटा म्युचुअल फंड ने सोमवार को भारत का पहला मल्टी-कैप कंजम्पशन इंडेक्स फंड लॉन्च करने की घोषणा की है। इस नए NFO का नाम Tata BSE Multicap Consumption 50:30:20 Index Fund है और यह ओपन-एंडेड स्कीम के रूप में उपलब्ध होगा। फंड का मुख्य उद्देश्य देश की तेजी से विकसित हो रही कंजम्पशन आधारित अर्थव्यवस्था में निवेशकों को लार्ज, मिड और स्मॉल-कैप शेयरों में डायवर्सिफाइड एक्सपोजर देना है। फंड बीएसई मल्टीकैप कंजम्पशन 50:30:20 इंडेक्स (TRI) के प्रदर्शन को ट्रैक करने के लिए डिजाइन किया गया है। फंड हाउस के अनुसार, यह निवेशकों को ग्रोथ और स्थिरता का संतुलित मिश्रण उपलब्ध कराएगा।
फंड की डिटेल और निवेश की शर्तें
नए फंड की शुरुआत ₹5,000 से की जा सकती है और इसके बाद निवेश ₹1 के मल्टीपल में किया जा सकता है। NFO की ओपन डेट 8 दिसंबर 2025 से शुरू हो चुकी है और क्लोजिंग डेट 23 दिसंबर 2025 तय की गई है। इस फंड में लॉक-इन पीरियड नहीं है, लेकिन आवंटन की तारीख से 15 दिनों के भीतर रिडेम्पशन पर 0.25% का एग्जिट लोड लागू होगा। फंड का बेंचमार्क बीएसई मल्टीकैप कंजम्पशन 50:30:20 इंडेक्स है। रिस्क लेवल बहुत ज्यादा (Very High Risk) है और फंड मैनेजमेंट की जिम्मेदारी नितिन भरत शर्मा और राकेश प्रजापति संभाल रहे हैं।
क्यों जरूरी था यह फंड
फंड हाउस के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था में कंजम्पशन यानी लोगों का खर्च GDP का लगभग 60% योगदान करता है। अब तक जिन कंजम्पशन इंडेक्सों में निवेश होता था, उनमें ज्यादातर फोकस बड़ी कंपनियों और FMCG, ऑटो सेक्टर पर रहता था। इससे तेजी से बढ़ने वाले सेक्टरों को कम महत्व मिलता था। Tata BSE Multicap Consumption 50:30:20 Index Fund इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। यह फंड बड़ी कंपनियों के साथ-साथ मिड और स्मॉल-कैप कंपनियों में निवेश करेगा, जिससे निवेश में स्थिरता और बेहतर रिटर्न दोनों की संभावना बढ़ती है।
इंडेक्स की संरचना और कंपनियों का चयन
यह इंडेक्स उन टॉप 100 कंपनियों को शामिल करता है, जो लोगों की जरूरत और पसंद की चीजें बनाती या बेचती हैं, जैसे कपड़े, मोबाइल, खाने-पीने के सामान आदि। इन कंपनियों का चयन BSE 500 में से किया गया है। इंडेक्स में लार्ज, मिड और स्मॉल-कैप शेयरों का संतुलित मिश्रण रखा गया है — 50% लार्ज कैप, 30% मिड कैप और 20% स्मॉल कैप। इसका मकसद निवेशकों को किसी एक सेक्टर या कंपनी पर अधिक निर्भर न रहने देना और जोखिम को कम करना है।
बढ़ी लंबी अवधि
टाटा एसेट मैनेजमेंट के चीफ बिजनेस ऑफिसर आनंद वरदराजन के अनुसार, कंजम्पशन भारत के लिए लंबी अवधि का मजबूत थीम है। लोगों का खर्च अब केवल बुनियादी जरूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि लाइफस्टाइल और नई चीजों पर भी बढ़ रहा है। लार्ज कैप कंपनियां भरोसा और स्थिरता देती हैं, लेकिन असली तेजी और अधिक कमाई का अवसर मिड और स्मॉल-कैप कंपनियों में होता है। ये कंपनियां तेजी से बढ़ते सेक्टर जैसे क्विक कॉमर्स, ट्रैवल और डिजिटल मनोरंजन में काम करती हैं।









