अभिनेत्री दिव्या दत्ता ने हाल ही में अपनी वेब सीरीज ‘चिरैया’ में दमदार अभिनय से एक बार फिर दर्शकों का ध्यान खींचा है। इस बीच एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने करियर, शुरुआती संघर्ष और निजी जीवन से जुड़े कई दिलचस्प किस्से साझा किए।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: Divya Dutta बॉलीवुड में करीब 32 साल पूरे कर चुकी हैं और अपने करियर में उन्होंने कई यादगार और दमदार किरदार निभाए हैं। हाल ही में एक बातचीत में उन्होंने बताया कि वह सेट पर काफी शरारती स्वभाव की हैं और अक्सर सह-कलाकारों के साथ प्रैंक करती रहती हैं। उन्होंने फिल्म Veer-Zaara का भी जिक्र किया और बताया कि शुरुआत में वह ‘शब्बो’ का किरदार निभाने को लेकर पूरी तरह तैयार नहीं थीं, लेकिन बाद में उन्होंने यह रोल स्वीकार किया। दिव्या दत्ता के अनुसार, यह किरदार उनके करियर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया और दर्शकों ने इसे काफी पसंद किया।
कॉलेज के प्रैंक से मिला बड़ा सबक
दिव्या दत्ता ने बताया कि वह बचपन से ही शरारती स्वभाव की रही हैं और कॉलेज के दिनों में दोस्तों के साथ खूब मस्ती करती थीं। उन्होंने एक पुराने किस्से को याद करते हुए कहा कि एक बार उन्होंने अपने कॉलेज के बेसमेंट को खोलकर दोस्तों के साथ क्लास छोड़ने की योजना बनाई थी। उन्होंने मजाक में बेहोश होने का नाटक करने की योजना बनाई, ताकि शिक्षक क्लास से बाहर चले जाएं। लेकिन जब टीचर को यह खबर मिली तो वे काफी घबरा गईं और तुरंत उनकी मदद के लिए दौड़ पड़ीं।
इस घटना के बाद दिव्या को एहसास हुआ कि मजाक ऐसा होना चाहिए जो सभी के लिए खुशी लेकर आए, न कि किसी को परेशान करे। उनके मुताबिक, यही घटना उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण सबक बन गई।
सेट पर भी चलती हैं मजेदार शरारतें
![]()
दिव्या दत्ता ने बताया कि उनका शरारती स्वभाव आज भी बरकरार है और वह शूटिंग सेट पर भी प्रैंक करती रहती हैं। उन्होंने एक मजेदार घटना साझा करते हुए कहा कि एक आउटडोर शूटिंग के दौरान उन्होंने अभिनेता श्रेयस तलपड़े के साथ प्रैंक किया था। उन्होंने उनकी आवाज की नकल कर उन्हें फोन किया और बताया कि कुछ फैंस उनसे मिलने आए हैं।
श्रेयस तुरंत अपने रूम से बाहर आ गए, लेकिन वहां कोई नहीं था। बाद में जब उन्होंने सबके सामने यह बात बताई तो दिव्या ने स्वीकार किया कि यह उनका प्रैंक था।
‘वीर-जारा’ में शब्बो का रोल और पहली निराशा
शाहरुख खान स्टारर फिल्म ‘वीर-जारा’ में दिव्या दत्ता ने शब्बो का किरदार निभाया था, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआत में वह इस रोल से खुश नहीं थीं। दिव्या ने बताया कि लंबे समय से वह शाहरुख खान के साथ बतौर लीड एक्ट्रेस काम करने का सपना देख रही थीं, इसलिए जब उन्हें ‘वीर-जारा’ में सहायक किरदार मिला तो वह थोड़ी निराश हो गई थीं। लेकिन निर्देशक आदित्य चोपड़ा ने उन्हें समझाया कि यह किरदार भविष्य में उनकी पहचान बन सकता है, और वास्तव में ऐसा ही हुआ।
आज शब्बो का किरदार उनके करियर के सबसे यादगार रोल्स में से एक माना जाता है। दिव्या दत्ता ने यह भी बताया कि आदित्य चोपड़ा ने उनके करियर को दिशा देने में अहम भूमिका निभाई। जब उन्होंने एक साथ कई फिल्में साइन कर ली थीं, तब आदित्य चोपड़ा ने उन्हें सलाह दी कि उन्हें मात्रा नहीं बल्कि गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए।
इसके बाद दिव्या ने कई प्रोजेक्ट्स छोड़ दिए और सिर्फ उन्हीं फिल्मों को चुना, जिनमें उन्हें अपने अभिनय को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने का मौका मिला। इस फैसले ने उनके करियर को नई ऊंचाई दी।









