ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच भारत अलर्ट: पीएम मोदी की CCS बैठक में ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा पर रहा फोकस

ईरान-इजरायल संघर्ष के बढ़ते तनाव के बीच भारत अलर्ट मोड में है। पीएम नरेंद्र मोदी की CCS बैठक में ऊर्जा आपूर्ति और खाद्य सुरक्षा पर अहम चर्चा हुई। जानें क्या

Narendra Modi की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की एक उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जो करीब ढाई घंटे तक चली। इस बैठक में पश्चिम एशिया में United States, Israel और Iran के बीच जारी संघर्ष से उत्पन्न स्थिति और उससे निपटने की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई।

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच भारत सरकार ने स्थिति पर करीबी नजर बनाए रखी है। नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें ईरान, इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के प्रभावों की व्यापक समीक्षा की गई।

करीब ढाई घंटे तक चली इस उच्चस्तरीय बैठक में भारत की ऊर्जा, खाद्य और आर्थिक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। 28 फरवरी को शुरू हुए इस संघर्ष के बाद यह दूसरी बार है जब CCS की बैठक बुलाई गई है, जो इस स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।

ऊर्जा और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर विशेष ध्यान

बैठक के दौरान सरकार ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि देश में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित न हो। एलपीजी (LPG) और एलएनजी (LNG) की आपूर्ति में विविधता लाने, ईंधन शुल्क में संभावित कटौती और बिजली क्षेत्र को मजबूत करने जैसे कदमों पर विचार किया गया। सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए सख्त निगरानी तंत्र लागू करने का भी निर्णय लिया है। इसके साथ ही, ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समन्वय बढ़ाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।

भारत की खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, बैठक में कृषि और उर्वरक क्षेत्र पर विशेष फोकस किया गया। यूरिया के उत्पादन को बनाए रखने और DAP तथा NPK उर्वरकों की आपूर्ति के लिए अंतरराष्ट्रीय आपूर्तिकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। आगामी खरीफ और रबी फसलों के लिए उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कई रणनीतिक कदम उठाने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य किसानों को किसी भी प्रकार की कमी से बचाना और कृषि उत्पादन को स्थिर बनाए रखना है।

ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच भारत अलर्ट: पीएम मोदी की CCS बैठक में ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा पर रहा फोकस

इन अहम बिंदुओं पर हुई चर्चा

  • कृषि, उर्वरक, शिपिंग, विमानन, लॉजिस्टिक्स और MSME क्षेत्रों में उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए किए जाने वाले उपायों पर चर्चा की गई।
  • आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए LPG और LNG की आपूर्ति में विविधता लाने, ईंधन शुल्क में कटौती करने और बिजली क्षेत्र से जुड़े उपायों की समीक्षा की गई।
  • आवश्यक वस्तुओं की कीमतें स्थिर रखने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
  • कीमतों की लगातार निगरानी करने और 'आवश्यक वस्तु अधिनियम' के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए नियंत्रण कक्ष (Control Rooms) स्थापित किए गए हैं।
  • उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं; इनमें यूरिया का उत्पादन बनाए रखना और DAP/NPKS की आपूर्ति के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करना शामिल है।
  • प्रधानमंत्री ने आम नागरिकों के लिए अत्यंत आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता का जायजा लिया।
  • प्रधानमंत्री ने देश में उर्वरकों की उपलब्धता और खरीफ तथा रबी मौसमों के दौरान इनकी पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा की।
  • प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि इस संघर्ष (युद्ध) के दुष्प्रभावों से नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए।
  • प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि गलत सूचनाओं और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए, जनता तक समय पर और सुचारू रूप से प्रामाणिक जानकारी पहुंचना अत्यंत आवश्यक है।

शीर्ष नेतृत्व और अधिकारियों की मौजूदगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के दौरान यह भी स्पष्ट किया कि संकट के समय अफवाहों और गलत सूचनाओं को फैलने से रोकना बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता तक समय पर और सटीक जानकारी पहुंचाई जाए। इससे न केवल घबराहट को रोका जा सकेगा, बल्कि लोगों का विश्वास भी बना रहेगा।

इस महत्वपूर्ण बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे। इसके अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, कैबिनेट सचिव और अन्य शीर्ष अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों की स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

Leave a comment